राजधानी लखनऊ के बिजनौर जिले के किशनपुर कौड़िया के अपना आश्रम में राष्ट्रीय संत श्री श्री असंग देव जी के अवतरण दिवस पर सुखद सत्संग व महा भंडारे का आयोजन कराया गया। इस अवसर पर आश्रम के संरक्षक और आयोजक घनश्याम दास गुप्ता जी ने बताया कि उन्होंने इस आश्रम को अपने पिताजी की स्मृति में बनवाया था जिन्हें अब संत श्री श्री असंग देव जी ने अपनी छत्रछाया में रखकर सभी भक्तजनों के कल्याण का कार्य निरंतर कर रहे है। उन्होंने बताया कि आश्रम द्वारा कई तरह के जन कल्याणकारी कार्य किए जा रहे हैं जिसमें गरीबों को अन्न वितरण, गरीब कन्याओं का विवाह , गरीब बच्चों की पढ़ाई का खर्चा, पशु पक्षी की खाने की व्यवस्था आदि कार्यों में आश्रम के लोग निरंतर लगे हुए हैं उनका कहना है कि कोई भी व्यक्ति जिसको किसी भी प्रकार की मदद की अवश्यता होती है । उसे आश्रम द्वारा हर संभव सहायता प्रदान किया जाती है। सत्संग और महा भंडारे के कार्यक्रम में लखनऊ प्रांत की कई बड़ी शख्सियतों और बड़ी संख्या में भक्तजन शामिल होकर संत जी का कृपा प्राप्त की। कार्यक्रम में घनश्याम दास गुप्ता, किरन गुप्ता,अमित राठौर, अनिकेत गुप्ता, मंटू विश्वकर्मा , रामसिंह, विवेक अरोड़ा, पंकज गुप्ता, प्रमोद वर्मा, मोहित पांडे , विशाल कुमार, विकास कुमार, मनीष मिश्रा ,गुरदीप कुमार व सूरज गुप्ता आदि साथियों द्वारा इस कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...

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