राजधानी लखनऊ में माध्यमिक विद्यालयो में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों लिपिक एवं परिचालक की समस्याएं विगत कई वर्षों से चली आ रही है पिछले कार्यकाल (2017 से 2022) में किसी भी समस्या का समाधान ना होने के कारण कर्मचारियों का कांटेक्ट होना स्वभाविक है । उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बहुत ही कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है कर्मचारियों को भी आशा जगी है कि उनकी मूलभूत समस्याओं का समाधान होगा संगठन की प्रदेश कार्यसमिति में समस्याओं के समाधान ना होने के कारण विभिन्न स्तर पर धरना देकर शासन का ध्यान आकर्षित करने का कार्य किया है इस क्रम में दिनांक 19 अक्टूबर 2022 को श्रीमान शिक्षा निदेशक माध्यमिक उत्तर प्रदेश के शिविर कार्यालय अट्ठारह पार्क रोड लखनऊ पर धरना देकर उनके नाम का ज्ञापन सौंपा गया जिसमें समस्याओं के समाधान हेतु सहानुभूति पूर्वक विचार करने की बात कही गई।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...

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