साधारण बीमा कर्मचारी की यूनियनों के संयुक्त मोर्चा ने लखनऊ स्थित यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस क्षेत्रीय कार्यालय अलीगंज तथा ओरिएंटल इंश्योरेंस नेशनल इंश्योरेंस के क्षेत्रीय कार्यालयों में भोजन अवकाश में 1:30 से 2:00 तक निम्न मुद्दों के विरोध में प्रदर्शन का आयोजन किया।1. एलआईसी की तुलना में साधारण बीमा कर्मचारियों को वेतन वृद्धि प्रस्ताव में असमानता ।२. एनपीएस अंशदान को 10% से बढ़ाकर 14% और परिवार पेंशन को 15% से बढ़ाकर 30% करने में विलंब के विरोध में। ३.के पी आई( मुख्य प्रदर्शन संकेतक) की नीति को यूनियन से बिना वार्ता एकतरफा थोपना। अपने हेतु विरोध में प्रदर्शन किया। संयुक्त मोर्चा इसके अतिरिक्त निम्न मांग भी करता है की साधारण बीमा की सभी कंपनियों को भी लेकर एक निगम बनाया जाए। प्रदर्शन में संयुक्त मोर्चा के मीडिया प्रभारी जी एस सिंह ने बताया की उपरोक्त मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं किया जाता है तो संयुक्त मोर्चा संघर्ष करने पर मजबूर होगा प्रदर्शन में मुख्य रूप से जी एस सिंह, मनीष सिंह, संजीव शर्मा, दिनेश चंद्र श्रीवास्तव ,अमर शर्मा अरुण सिक्का, नीरज वर्मा ,अंकुर , विजय मिश्रा ,हरीश उपाध्याय, संतोष कुमार, संजय मित्रा अब्दुल नईम, अनिल वर्मा, संजय श्रीवास्तव ,आदि ने अपने विचार व्यक्त किए उक्त प्रदर्शन में सैकड़ों साधारण बीमा की कर्मियों ने हिस्सा लिया।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...

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