भारत में लगातार किन्नर समुदाय अपनी पहचान और सम्मान के लिए संघर्षरत है. समाज द्वारा हीन भावना से देखे जाने वाले किन्नर अपने अच्छे कामों से लोगों की अपने प्रति दकियानूसी सोच को धीरे-धीरे ही सही लेकिन बदल रहे हैं. आज बहुत से किन्नरों को उनके काम के आधार पर जाना जा रहा है. इसी विषय पर लखनऊ से गुड्डन किन्नर जी अपने विचार सामने रखे गुड्डन जी कहा किन्नरों के कोई व्यवसाय या नौकरी नही होता है उनके पास मांग के खाने के अलावा कोई और कार्य नहीं है। पर जबसे किन्नर कल्याणबोर्ड बना है ।तब वह अपने समाज के लोगो को जागरूक करने में लगी हुई है की वह अपना आधार कार्ड और जरूरी दसतावेज बनाएं । उन्होने कहा की चिकित्सा , शिक्षा और पेंशन की व्यवस्था भी किन्नर समाज के लिए होनी चाहिए ।और गरीब, बेसहारा निराश्रित किन्नारो के लिए एक गरिमाग्रह बनाने की बात भी कही।और अंत में उन्होंने बीजेपी सरकार का बहुत धन्यवाद भी किया कि सरकार किन्नर समाज को मुख्यधारा में लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

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