_मेदांता अस्पताल की एसोसिएट कंसल्टेंट, मेडिकल ऑनकोलॉजी एवं हीमैटो ऑनकोलॉजी विभाग की डॉ. अंजली सचान ने कैंसर के कारण, लक्षण और इलाज पर विस्तार से जानकारी दी।_ _डॉ. अंजली सचान ने बताया कि तंबाकू-शराब का सेवन, अस्वस्थ खानपान, मोटापा, प्रदूषण, आनुवंशिक कारण, शारीरिक गतिविधि की कमी और कुछ वायरल इंफेक्शन कैंसर के मुख्य कारण हैं।_ _उन्होंने 7 सबसे आम कैंसर के बारे में भी बताया:_ *_1. फेफड़े का कैंसर* - मुख्य कारण धूम्रपान और प्रदूषण_ *_2. ब्रेस्ट कैंसर* - महिलाओं में सबसे आम, आनुवंशिक और हार्मोनल कारण_ *_3. कोलन कैंसर* - अस्वस्थ खानपान और मोटापे से जुड़ा_ *_4. प्रोस्टेट कैंसर* - 50 साल से ऊपर पुरुषों में आम_ *_5. मुंह का कैंसर* - तंबाकू और गुटखे के सेवन से_ *_6. सर्वाइकल कैंसर* - महिलाओं में, HPV वायरस प्रमुख कारण_ *_7. ब्लड कैंसर* - आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारणों से_ _डॉ. सचान ने कहा कि वजन घटना, लगातार थकान, शरीर में गांठ, लंबे समय तक खांसी या घाव न भरना जैसे लक्षण दिखें तो ...
जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने कहा, मुकदमेबाजी के लिए समय सीमा तय करने का उद्देश्य सार्वजनिक नीति पर आधारित है, जो सामान्य कल्याण के उद्देश्य के लिए कानूनी उपाय में लगने वाला वक्त तय करता है। समय सीमा का उद्देश्य यह देखना है कि पार्टियां लंबी-चौड़ी रणनीति का सहारा न लें और अपने कानूनी विकल्पों को तत्काल इस्तेमाल करें। ऐसे में मुकदमा दाखिल करने में देरी को माफ करते वक्त विवेकपूर्ण ढंग से फैसला लिया जाना चाहिए।
पीठ ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि समय सीमा किसी वादी के अधिकारों को प्रभावित करे लेकिन कानून द्वारा निर्धारित किये जाने के कारण इसे पूरी कठोरता से लागू किया जाना चाहिए। देश भर की अदालतों में मुकदमा दाखिल करने में देरी के लिए आमतौर पर माफी दी जाती है।
Comments
Post a Comment