लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...
रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह
लखनऊ: श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रथम दीक्षांत समारोह का आयोजन 11 अक्टूबर, 2021 को विश्वविद्यालय परिसर में किया जा रहा है, जिसमें उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उपाधि देकर सम्मानित किया जाएगा। सत्र 2019-2020 और 2020-2021 के लिए स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट विद्यार्थियों को कुल 2954 उपाधि ऑनलाइन प्रदान की जाएंगी। कोविड -19 प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने के लिए समारोह एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम होगा जहां केवल स्वर्ण एवं रजत पदक विजेताओं को परिसर में सम्मान
लिए आमंत्रित किया गया है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजी.सी.) के पूर्व अध्यक्ष एवं विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक वरिष्ठ शिक्षाविद और शोधकर्ता, प्रोफेसर वी.एन. राजशेखरन पिल्लई को इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। डॉ. सुधीर मिश्रा (महानिदेशक, ब्रह्मोस, डीआरडीओ एवं सीईओ व प्रबंध निदेशक, ब्रह्मोस एरोस्पेस) को मिसाइल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए डॉक्टरेट ऑफ साइंस की मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही प्रसिद्ध लोक गायक पदम श्री प्रहलाद सिंह टिपानिया को लोक कला में उनके योगदान
को मान्यता देते हुए डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर की मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।
सत्र 2019-2020 एवं 2020-2021 के स्नातक एवं रनातकोत्तर पाठ्यक्रमों के उन्यासी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक जबकि चौवन विद्यार्थियों को रजत पदक से सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर अड़सठ डॉक्टरेट विद्यार्थियों को पीएच.डी. की डिग्री प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त छह विद्यार्थोयों को अकादमिक, खेल, पाठ्येतर गतिविधियों, सह-पाठयक्रम गतिविधियों, शासन में योगदान में उनके प्रदर्शन के आधार पर कुलाधिपति पदक और प्रति-कुलाधिपति पदक से सम्मानित किया जाएगा।
Comments
Post a Comment