होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह
लखनऊ: श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रथम दीक्षांत समारोह का आयोजन 11 अक्टूबर, 2021 को विश्वविद्यालय परिसर में किया जा रहा है, जिसमें उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उपाधि देकर सम्मानित किया जाएगा। सत्र 2019-2020 और 2020-2021 के लिए स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट विद्यार्थियों को कुल 2954 उपाधि ऑनलाइन प्रदान की जाएंगी। कोविड -19 प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने के लिए समारोह एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम होगा जहां केवल स्वर्ण एवं रजत पदक विजेताओं को परिसर में सम्मान
लिए आमंत्रित किया गया है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजी.सी.) के पूर्व अध्यक्ष एवं विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक वरिष्ठ शिक्षाविद और शोधकर्ता, प्रोफेसर वी.एन. राजशेखरन पिल्लई को इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। डॉ. सुधीर मिश्रा (महानिदेशक, ब्रह्मोस, डीआरडीओ एवं सीईओ व प्रबंध निदेशक, ब्रह्मोस एरोस्पेस) को मिसाइल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए डॉक्टरेट ऑफ साइंस की मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही प्रसिद्ध लोक गायक पदम श्री प्रहलाद सिंह टिपानिया को लोक कला में उनके योगदान
को मान्यता देते हुए डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर की मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।
सत्र 2019-2020 एवं 2020-2021 के स्नातक एवं रनातकोत्तर पाठ्यक्रमों के उन्यासी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक जबकि चौवन विद्यार्थियों को रजत पदक से सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर अड़सठ डॉक्टरेट विद्यार्थियों को पीएच.डी. की डिग्री प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त छह विद्यार्थोयों को अकादमिक, खेल, पाठ्येतर गतिविधियों, सह-पाठयक्रम गतिविधियों, शासन में योगदान में उनके प्रदर्शन के आधार पर कुलाधिपति पदक और प्रति-कुलाधिपति पदक से सम्मानित किया जाएगा।
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