प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को बिहार को चुनावी तोहफे के तौर पर तीन पेट्रोलियम परियोजनाओं की सौगात देंगे। इस परियोजना में पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर गैस पाइपलाइन का दुर्गापुर बांका खंड सहित दो एलपीजी बॉटलिंग प्लांट शामिल हैं। पीएम ने इन पाइपलाइन का शिलान्यास 17 फरवरी 2019 को किया था। राज्य के स्वामित्व वाली इंडियन ऑयल कॉर्प (आईओसी) द्वारा निर्मित 193 किलोमीटर लंबी दुर्गापुर-बांका पाइपलाइन खंड को भी राष्ट्र को सौंपा जाएगा। इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस परियोजना को देश को समर्पित करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री बांका स्थित एलपीजी बॉटलिंग प्लांट का भी उद्घाटन करेंगे। इंडियन ऑयल का यह एलपीजी बॉटलिंग प्लांट बिहार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह परियोजना लगभग 131.75 करोड़ की लागत से तैयार हुई है। इसके शुरू होने से बिहार के भागलपुर, बांका, जमुई, अररिया, किशनगंज और कटिहार जिलों के लोगों को फायदा मिलेगा इसके साथ ही झारखंड के गोड्डा, देवघर, दुमका, साहिबगंज और पाकुर के लोगों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। इस प्लांट की क्षमता 40 हजार सिलिंडर प्रतिदिन की होगी। चंपारण के हरसिद्धि में स्थित बॉटलिंग प्लांट को 136.4 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया हैI इसे भी 13 सितंबर को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। इसकी नींव 10 अप्रैल 2018 को रखी गई थी। इस बॉटलिंग प्लांट से पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सिवान, गोपालगंज और सीतामढ़ी जिलों के लोगों को लाभ पहुंचेगा।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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