होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
संकटग्रस्त लेबनान में सोमवार को प्रमुख राजनीतिक दलों के समर्थन के बाद देश के जर्मनी में राजदूत मुस्तफा अदीब को नया प्रधानमंत्री नामित किया गया। वे लेबनान में एक नई सरकार बनाने के लिए पहल करेंगे। लेबनान के राष्ट्रपति ने मुस्तफा अदीब से 128 सदस्यीय संसद में 90 वोट हासिल करने के बाद नई सरकार बनाने के लिए कहा है। इसके लिए फ्रांस ने अहम भूमिका निभाई। अदीब ने कहा कि उनकी प्राथमिकता लेबनानी और अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के भरोसे को फिर से हासिल करने और अहम सुधारों को लागू कर सक्षम सरकार बनाने की होगी। बता दें कि उनकी यह नियुक्ति बेरूत में एक विनाशकारी विस्फोट के हफ्तों बाद उस वक्त हुई है जब देश भीषण आर्थिक संकट में फंस गया है। ताजा राजनीतिक घटनाक्रम फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के पिछले 48 घंटों में हुई कोशिशों का नतीजा है। मैक्रों ने लेबनानी नेताओं से किसी एक उम्मीदवार पर सहमत होने का आग्रह किया था। वे इसी हफ्ते लेबनान दौरे पर जाने वाले हैं। फ्रांसीसी राष्ट्रपति के एक सूत्र ने बताया कि मैक्रों लगातार पिछले दो दिनों से अदीब के संपर्क में थे और उन्होंने ही अदीब को बेरूत में चल रही वार्ता के बारे में जानकारी दी।
सुन्नी मुस्लिम होने के नाते सभी का समर्थन
लेबनान की राजनीतिक और संप्रदाय व्यवस्था के तहत केवल एक सुन्नी मुसलमान ही प्रधानमंत्री का पद संभाल सकता है। रविवार की बैठकों में, अदीब को कई पूर्व प्रधानमंत्रियों का समर्थन हासिल हुआ, जिसमें साद अल-हरीरी की पार्टी भी शामिल थी, जो कि लेबनान का सबसे बड़ा सुन्नी राजनीतिक दल है।
सुन्नी मुस्लिम होने के नाते सभी का समर्थन
लेबनान की राजनीतिक और संप्रदाय व्यवस्था के तहत केवल एक सुन्नी मुसलमान ही प्रधानमंत्री का पद संभाल सकता है। रविवार की बैठकों में, अदीब को कई पूर्व प्रधानमंत्रियों का समर्थन हासिल हुआ, जिसमें साद अल-हरीरी की पार्टी भी शामिल थी, जो कि लेबनान का सबसे बड़ा सुन्नी राजनीतिक दल है।
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