ऐशबाग रामलीला मैदान के तुलसी सभागार मे श्री ओ. पी. श्रीवास्तव मेमोरियल स्कूल जो गरीब और मलीन बस्ती के बच्चो के लिए निशुल्क चलाया जाता है के वाषिर्कोत्सव का आयोजन वसुंधरा एन इनिशिएटिव के द्वारा किया गया। बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रदर्शन हुआ। स्कूल के संचालक श्री दीनानाथ जी 18 वर्षो से स्कूल शिक्षण का कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष इन बच्चों का मनोबल बढाने के लिए यह आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री संजीत सिंह SrDEE (NR Railway)एवं श्रीअतुल कृष्ण सिंह( dipty secratary LDA)कर्नल मृदुल कुमार सिंह सेना मंडल रहे। मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य मे कार्यक्रम को प्रेरणादायक और संदेशप्रद बताया एवं प्रधानाचार्या मीना देवी तथा समस्त शिक्षिकाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम के आयोजनकर्ता वसुंधरा एन इनिशिएटिव की अध्यक्ष नीना सक्सेना, सरिता शुक्ला, उपाध्यक्ष डा अंजना त्रिपाठी, शंकर रोली, रूचि सिंह लखविन्दर कौर,ज्योति सिंह ऋतुजा सिंह बघेल,विभा तिवारी, वंदना श्रीवास्तव मधुलिका श्रीवास्तव का संपूर्ण सहयोग रहा। वसुंधरा की युवा सृष्टि टीम ने मंच का संचालन एव...
संकटग्रस्त लेबनान में सोमवार को प्रमुख राजनीतिक दलों के समर्थन के बाद देश के जर्मनी में राजदूत मुस्तफा अदीब को नया प्रधानमंत्री नामित किया गया। वे लेबनान में एक नई सरकार बनाने के लिए पहल करेंगे। लेबनान के राष्ट्रपति ने मुस्तफा अदीब से 128 सदस्यीय संसद में 90 वोट हासिल करने के बाद नई सरकार बनाने के लिए कहा है। इसके लिए फ्रांस ने अहम भूमिका निभाई। अदीब ने कहा कि उनकी प्राथमिकता लेबनानी और अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के भरोसे को फिर से हासिल करने और अहम सुधारों को लागू कर सक्षम सरकार बनाने की होगी। बता दें कि उनकी यह नियुक्ति बेरूत में एक विनाशकारी विस्फोट के हफ्तों बाद उस वक्त हुई है जब देश भीषण आर्थिक संकट में फंस गया है। ताजा राजनीतिक घटनाक्रम फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के पिछले 48 घंटों में हुई कोशिशों का नतीजा है। मैक्रों ने लेबनानी नेताओं से किसी एक उम्मीदवार पर सहमत होने का आग्रह किया था। वे इसी हफ्ते लेबनान दौरे पर जाने वाले हैं। फ्रांसीसी राष्ट्रपति के एक सूत्र ने बताया कि मैक्रों लगातार पिछले दो दिनों से अदीब के संपर्क में थे और उन्होंने ही अदीब को बेरूत में चल रही वार्ता के बारे में जानकारी दी।
सुन्नी मुस्लिम होने के नाते सभी का समर्थन
लेबनान की राजनीतिक और संप्रदाय व्यवस्था के तहत केवल एक सुन्नी मुसलमान ही प्रधानमंत्री का पद संभाल सकता है। रविवार की बैठकों में, अदीब को कई पूर्व प्रधानमंत्रियों का समर्थन हासिल हुआ, जिसमें साद अल-हरीरी की पार्टी भी शामिल थी, जो कि लेबनान का सबसे बड़ा सुन्नी राजनीतिक दल है।
सुन्नी मुस्लिम होने के नाते सभी का समर्थन
लेबनान की राजनीतिक और संप्रदाय व्यवस्था के तहत केवल एक सुन्नी मुसलमान ही प्रधानमंत्री का पद संभाल सकता है। रविवार की बैठकों में, अदीब को कई पूर्व प्रधानमंत्रियों का समर्थन हासिल हुआ, जिसमें साद अल-हरीरी की पार्टी भी शामिल थी, जो कि लेबनान का सबसे बड़ा सुन्नी राजनीतिक दल है।
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