कंगना रनौत के ऑफिस पर बुलडोजर चलने के बाद विवाद और बढ़ गया। अभी तक कंगना शिवसेना नेता संजय राउत पर निशाना साधती आ रही थीं लेकिन अब उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर हमला बोला है। बीएमसी की कार्रवाई के बाद बॉलीवुड के कई सितारों ने कंगना का समर्थन किया है। इस बीच गायक अभिजीत भट्टाचार्य ने कंगना रनौत का पक्ष लेते हुए बॉलीवुड के अन्य बड़े नामों पर हमला किया है। अभिजीत भट्टाचार्य ने सलमान खान, शाहरुख खान, अजय देवगन पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा- 'सलमान खान, सूरज पंचोली को बचाते हैं तो वो पब्लिसिटी स्टंट नहीं है। अजय देवगन, संजय दत्त का समर्थन करते हैं तो वो पब्लिसिटी स्टंट नहीं है। शाहरुख खान, प्रियंका चोपड़ा का बचाव करते हैं तो वो पब्लिसिटी स्टंट नहीं है लेकिन कंगना रनौत अगर सुशांत सिंह राजपूत का समर्थन कर रही हैं तो वो पब्लिसिटी स्टंट है। ओके।' ये पहली बार नहीं है जब अभिजीत भट्टाचार्य ने खुलकर बॉलीवुड के इन बड़े नामों के खिलाफ हमला बोला हो। इससे पहले भी वो शाहरुख खान और सलमान खान पर बयानबाजी करते आए हैं। अब जब कंगना रनौत का मामला गरमाया हुआ है तो उन्होंने एक बार फिर से शाहरुख खान और सलमान खान को आड़े हाथों लिया। बता दें कि बीएमसी की कार्रवाई के बाद कंगना रनौत ने अपने एक वीडियो में कहा, 'उद्धव ठाकरे तुम्हें क्या लगता है कि तुमने फिल्म माफिया के साथ मिलकर मेरा घर तोड़कर मुझसे बहुत बड़ा बदला लिया है। आज मेरा घर टूटा है कल तुम्हारा घमंड टूटेगा। उद्धव ठाकरे यह वक्त का पहिया है हमेशा एक जैसा नहीं रहता है। आज मैंने महसूस किया है कि कश्मीरी पंडितों पर क्या बीती होगी। आज मैं देश को वचन देती हूं कि मैं कश्मीर पर भी एक फिल्म बनाऊंगी और अपने देशवासियों को जगाऊंगी। मेरे साथ जो हुआ है इसका कोई मतलब है। कोई मायने है।' कंगना कहती हैं, 'बीते 24 घंटे में मेरा ऑफिस अचानक अवैध घोषित कर दिया गया। उन्होंने मेरे फर्नीचर सहित अंदर सब चीजों को नष्ट कर दिया और अब मुझे धमकियां मिल रही हैं कि वे मेरे घर आएंगे और इसे भी तोड़ देंगे। मुझे अपने फैसले पर खुशी है, फिल्म माफिया की दुनिया के सर्वश्रेष्ठ सीएम।'
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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