राजधानी के इंडस हॉस्पिटल पर मारे गए ड्रग विभाग के छापे में मंगलवार को भारी मात्रा में आइवरमेक्टिन व विटामिन सी की गोलियां बरामद की गई हैं। औषधि अनुज्ञापन एवं नियंत्रण प्राधिकारी व जिलाधिकारी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। छापे में कई अन्य तरह की औषधियां भी बरामद की गई हैं। विक्रेता के पास औषध बिक्री का कोई लाइसेंस भी नहीं पाया गया। औषधि निरीक्षक बृजेश कुमार व माधुरी सिंह में बताया कि आइवरमेक्टिन व विटामिन सी की टेबलेट के उपलब्धता के संबंध में दुबग्गा स्थित इंडस हॉस्पिटल पर छापे की कार्रवाई की गई। इस दौरान भारी मात्रा में विटामिन सी की टेबलेट एवं अन्य एलोपैथिक औषधियां बरामद हुई हैं। फर्म द्वारा कोई लाइसेंस भी प्रस्तुत नहीं किया गया। पूछने पर अवगत कराया कि मेरे पास कोई औषधि विक्रय लाइसेंस नहीं है जिस के क्रम में लगभग 70 हज़ार रुपये कीमत की अवैध औषधियों को सीज किया गया। मौके से दो संदिग्ध औषधियों के नमूने भी लिए गए। ड्रग निरीक्षक बृजेश कुमार ने बताया कि फर्म के मालिक ओम प्रकाश मौके पर उपस्थित नहीं थे। फर्म के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की धारा 18/27 में मुकदमा न्यायालय में दर्ज कराया जाएगा।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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