केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तबीयत अचानक बिगड़ने के कारण शनिवार देर रात को उन्हें दोबारा एम्स में भर्ती किया गया। बताया जा रहा है कि उन्हें सांस लेने में परेशानी है। पल्मोनरी व मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। शाह गत दो अगस्त को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मेदांता अस्पताल में इलाज के बाद निगेटिव होने पर उनको 14 अगस्त को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था। कोरोना से ठीक होने के बाद 18 अगस्त को उन्हें सांस लेने में परेशानी और थकान के कारण एम्स में भर्ती किया गया था। 31 अगस्त को उन्हें एम्स से छुट्टी दे दी गई थी। उस समय एम्स ने बयान जारी कर कहा था कि वह पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं। लेकिन उन्हें एक बार फिर अस्पताल में भर्ती किया गया है। हालांकि इस बीच एक अच्छी खबर यह भी है कि केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद नाइक को शनिवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, गोवा से लोकसभा सदस्य नाइक कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त हो गए हैं। 12 अगस्त को उन्हें पणजी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक अधिकारी ने बताया कि नाइक को अस्पताल से छुट्टी देने से पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के विशेषज्ञों से सलाह ली गई थी। घर लौटने के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉक्टरों की टीम के साथ सबसे पहले एक मंदिर में गए। उनके साथ चल रही डॉक्टरों की टीम में भारतीय चिकित्सा संघ की गोवा इकाई के पूर्व प्रमुख डॉक्टर शेखर सालकर भी शामिल थे। मंदिर में उन्होंने ईश्वर का धन्यवाद किया। इस बीच देश में कोरोना के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। देश में लगातार चौथे दिन 95 हजार से अधिक नए मामले मिलने से कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 46.50 लाख को पार कर गई है केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 36 लाख से अधिक लोगों ने अब तक कोरोना को मात दे दी है और मरीजों के स्वस्थ होने की दर बढ़कर 77.77 फीसद हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से शनिवार सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते चौबीस घंटों के दौरान 1,201 लोगों की जान गई है और कोरोना की वजह से मरने वालों का आंकड़ा 77,472 पर पहुंच गया है। मृत्युदर लगातार घट रही है और वर्तमान में यह 1.66 फीसद पर आ गई है।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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