कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) से जुड़े कर्मचारियों को जमा लिंक्ड बीमा योजना 1976 के तहत अब 6 लाख की जगह सात लाख रुपये का बीमा लाभ मिलेगा। देशभर में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के 6 करोड़ से अधिक अंशधारक हैं ईपीएफ के केंद्रीय न्यास बोर्ड (सीबीटी) ने कर्मचारियों के बीमा लाभ की राशि बढ़ाने के लिए कर्मचारी जमा लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम-1976 के पैराग्राफ 22 (3) में संशोधन की मंजूरी दे दी है। ईपीएफओ की कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा (ईडीएलआई) योजना के तहत पीएफ खाताधारकों को यह सुविधा मिलती है। इसके तहत किसी कर्मचारी को न्यूनतम 2.5 लाख और अधिकतम 6 लाख रुपये तक की बीमा सुविधा मुफ्त में मिलती है। अगर किसी कर्मचारी की आकस्मिक मौत हो जाती है तो उसके परिवार वाले बीमा राशि के लिए दावा कर सकते हैं। इस योजना में कर्मचारी को किसी तरह का योगदान नहीं करना पड़ता है। कर्मचारी के बदले कंपनी प्रीमियम जमा करती है। प्रीमियम राशि कर्मचारी के मूल वेतन और महंगाई भत्ता का 0.50 फीसदी होता है। हालांकि, अधिकतम मूल वेतन 15 हजार रुपये ही इसके दायरे में आता है।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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