अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने प्रियंका गांधी को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए उत्तर प्रदेश का महासचिव नियुक्त किया है। प्रियंका गांधी को पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का महासचिव बनाया गया था और पूर्वी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई थी। अब पूरा प्रदेश उनके जिम्मे है। शुक्रवार को पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल की तरफ से जारी एक प्रेस रिलीज में बताया गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महासचिव और प्रभारियों की नियुक्ति की है। उत्तर प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव होंगे। कांग्रेस ने उसी को ध्यान में रखकर प्रियंका गांधी को राजनीतिक रूप से अति महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी दी है। अक्सर प्रियंका गांधी ट्विटर के जरिए उत्तर प्रदेश के मुद्दे उठाती रहती हैं और प्रदेश की योगी सरकार को घेरती हैं। आगामी विधानसभा की तैयारियों के लिए वे उत्तर प्रदेश में ही अपना ठिकाना भी बनाने वाली हैं। दिल्ली का सरकारी बंगला खाली करने के बाद लखनऊ में उनके लिए एक आवास की व्यवस्थी की खबरें भी मीडिया में आई थी। हालांकि वे अभी तक वहां शिफ्ट नहीं हुई हैं। दूसरी तरफ, सोनिया गांधी ने उत्तर प्रदेश के कई और नेताओं को कांग्रेस में नई जिम्मेदारी दी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद को पश्चिम बंगाल और अंडमान एवं निकोबार का प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं आरपीएन सिंह झारखंड के प्रभारी बने रहेंगे। राजीव शुक्ला को हिमाचल प्रदेश का कांग्रेस प्रभारी बनाया गया है उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरीश रावत को पंजाब का महासचिव नियुक्त किया गया है। वहीं बिहार के रहने वाले तारिक अनवर को केरल और लक्ष्यद्वीप का महासचिव बनाया गया है।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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