कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी ओप्पो, वीवो और रियलमी ने ग्रेटर नोएडा में स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट अस्थाई रूप से बंद कर दिए हैं। साथ ही ओप्पो और वीवो ने अपने कर्मचारियों को घर से काम करने का आदेश दिया है। वहीं, दूसरी तरफ रियलमी ने भी अगले आदेश तक अपनी फैक्टरी में चल रहे काम-काज को भी रोक दिया है। आपको बता दें कि कल यानी 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिन के लिए देश को लॉकडाउन करने का एलान किया था, जिसको ध्यान में रखकर टेक कंपनियों ने यह कदम उठाया है।इससे पहले शाओमी ने भी इस लॉकडाउन के ध्यान में रखर अपने Mi Homes को अस्थाई रूप से बंद कर दिया था। इस बात की जानकारी कंपनी के ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट मनु कुमार जैन ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट के जरिए दी थी। मनु कुमार जैन ने अपने ट्वीट में लिखा था कि इस स्थिति को ध्यान में रखकर हमने ऐसा कदम उठाया है, जिससे सरकार को कोरोना वायरस रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही उन्होंने आगे लिखा है कि लॉकडाउन नियमों के नियम के मुताबिक हम एमआई होम को बंद कर रहे है।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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