होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
जानलेवा कोरोना वायरस से बचने के लिए भले ही भारत सरकार लाख जतन कर रही हो, लेकिन राजस्थान के भीलवाड़ा के हालात बेहद भयावह है। अगर इस शहर को भारत का इटली कहा जाए तो गलत नहीं होगा, क्योंकि जिस तरह दुनिया में कोविड-19 के मामले बढ़े ठीक उसी तेजी के साथ राजस्थान के भीलवाड़ा में भी कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। राजस्थान में अब तक कोरोना वायरस के 45 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें 21 कोरोना पॉजिटिव अकेले भीलवाड़ा जिले से हैं। किलों और महलों के लिए मशहूर भारत की पर्यटक राजधानी माने जाने वाले इस राज्य में कोरोना से पहली मौत भीलवाड़ा में ही हुई थी। 19 मार्च को पहला केस आया था। बांगड़ अस्पताल के डॉक्टर आलोक शर्मा समेत छह लोग एक साथ पॉजिटिव मिले थे, जिसके बाद ही राजस्थान सरकार हरकत में आई थी।
एक ही दिन में दो मौत
भीलवाड़ा में कम्यूनिटी इंफेक्शन फैल चुका है। तीसरा स्टेज चल रहा है। सूबे के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को मीडिया के सामने आकर बताना पड़ा कि पूरे जिले की जांच हो चुकी है। करीब 28 लाख जनसंख्या वाले भीलवाड़ा जिले को सरकार पहले ही अतिसंवेदनशील बता चुकी है। समाचार लिखे जाने तक राजस्थान में 45 कोरोना पॉजिटिव पाए गए है, जिनमें 19 तो भीलवाड़ा में ही हैं। 26 मार्च को यहां कोरोना संक्रमण और किडनी में तकलीफ समेत कई बीमारियों का इलाज करा रहे 73 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो जाती है। शाम तक उनके बेटे और पोती की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती है। रात में एक अन्य शख्स की मौत हो गई। लोगों में दहशत का माहौल है। जान बचाने के लिए रहवासी दूसरे जिलों में जा रहे हैं, यही कारण है कि वहां कम्यूनिटी इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है। 11 हजार लोग संदिग्ध हैं, जिनमें से 6445 को होम आइसोलेशन में रखा गया है।
जानलेवा कोरोना वायरस से बचने के लिए भले ही भारत सरकार लाख जतन कर रही हो, लेकिन राजस्थान के भीलवाड़ा के हालात बेहद भयावह है। अगर इस शहर को भारत का इटली कहा जाए तो गलत नहीं होगा, क्योंकि जिस तरह दुनिया में कोविड-19 के मामले बढ़े ठीक उसी तेजी के साथ राजस्थान के भीलवाड़ा में भी कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। राजस्थान में अब तक कोरोना वायरस के 45 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें 21 कोरोना पॉजिटिव अकेले भीलवाड़ा जिले से हैं। किलों और महलों के लिए मशहूर भारत की पर्यटक राजधानी माने जाने वाले इस राज्य में कोरोना से पहली मौत भीलवाड़ा में ही हुई थी। 19 मार्च को पहला केस आया था। बांगड़ अस्पताल के डॉक्टर आलोक शर्मा समेत छह लोग एक साथ पॉजिटिव मिले थे, जिसके बाद ही राजस्थान सरकार हरकत में आई थी।
एक ही दिन में दो मौत
भीलवाड़ा में कम्यूनिटी इंफेक्शन फैल चुका है। तीसरा स्टेज चल रहा है। सूबे के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को मीडिया के सामने आकर बताना पड़ा कि पूरे जिले की जांच हो चुकी है। करीब 28 लाख जनसंख्या वाले भीलवाड़ा जिले को सरकार पहले ही अतिसंवेदनशील बता चुकी है। समाचार लिखे जाने तक राजस्थान में 45 कोरोना पॉजिटिव पाए गए है, जिनमें 19 तो भीलवाड़ा में ही हैं। 26 मार्च को यहां कोरोना संक्रमण और किडनी में तकलीफ समेत कई बीमारियों का इलाज करा रहे 73 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो जाती है। शाम तक उनके बेटे और पोती की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती है। रात में एक अन्य शख्स की मौत हो गई। लोगों में दहशत का माहौल है। जान बचाने के लिए रहवासी दूसरे जिलों में जा रहे हैं, यही कारण है कि वहां कम्यूनिटी इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है। 11 हजार लोग संदिग्ध हैं, जिनमें से 6445 को होम आइसोलेशन में रखा गया है।
बांगड़ अस्पताल कम्यूनिटी इंफेक्शन की जड़
भीलवाड़ा के सीएमएचओ डॉक्टर मुस्ताक अहमद की माने तो यहां कोरोना पॉजिटिव मामले निजी अस्पताल बांगड़ से ही निकले हैं। बांगड़ 86 बिस्तरों का अस्पताल है। क्षमता से अधिक मरीज भर्ती होने के कारण ही कारण इंफेक्शन फैल गया। ओपीडी संक्रमित होने के बावजूद 7 हजार लोगों को डॉक्टरों के संपर्क में आए। अस्पताल के एक किलोमीटर तक का क्षेत्र सील किया जा चुका है। धारा 144 लागू कर दी गई है। 457 सैंपल में से 19 रिपोर्ट पॉजिटिव आने वाला देश का पहला एपिक सेंटर बन चुके भीलवाड़ा में विदेश से आए 133 लोग भी हाई रिस्क पर हैं। चार पॉजिटिव लोग जयपुर में भर्ती हैं। जितने भी मामले सामने आए हैं, एहतियातन सभी के परिजन का भी इलाज किया जा रहा है।
होटल, हॉस्टल, रिजॉर्ट बन रहे क्वारंटीन सेंटर
सर्वाधिक मौत के साथ कोरोना का केंद्र बिंदु बन चुके भीलवाड़ा में भयावह होते हालातों को नियंत्रित करने के लिए जिले के होटलों, हॉस्टलों और रिजॉर्ट समेत कई इमारतों को सरकार ने क्वारंटीन सेंटर में तब्दील करने का काम शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर पता कर रही है कि उनके यहां कोई विदेश से तो नहीं आया है। संदिग्धों की ट्रेवल हिस्ट्री निकाली जा रही है। सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार के साथ-साथ बदनाम हो चुके बांगड़ अस्पताल में किसी का इलाज हुआ है या नहीं ये भी पूछा जा रहा है। 26 मार्च को एक ही दिन में हुई दो मौत से पहले 20 मार्च को भी इटली के एक नागरिक की मौत भी किडनी से जुड़ी बीमारी की वजह से हुई थी।
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