लखनऊ। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, आलमबाग स्थित दशमेश पब्लिक स्कूल का 19वाँ स्थापना दिवस आज श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल एवं पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया विशिष्ट अतिथि उपमहापौर श्रीमती चरणजीत कौर उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के प्रारंभ में महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल ने विद्यालय के नवीन म्यूज़िक रूम तथा डिजिटल बोर्ड युक्त स्मार्ट क्लासरूम का उद्घाटन किया। उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे सराहनीय कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने का यह प्रयास समाज के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने विद्यालय एवं गुरुद्वारा कमेटी को इस पहल के लिए शुभकामनाएँ देते हुए धन्यवाद भी दिया। इसके पश्चात महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल एवं उपमहापौर श्रीमती चरणजीत कौर ने अपने प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर अध्यक्ष निर्मल सिंह,रतपाल सिंह गोल्डी गुरजीत छाबड़ा, कपिल अरोड़ा रजनी कौर...
दिल्ली सरकार के स्कूलों में चलने वाली हैपिनेस क्लास को देखने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप कुछ देर में मोती बाग के सरकारी स्कूल पहुंचेंगी। अमेरिका की प्रथम महिला के शानदार स्वागत के लिए स्कूल तैयार है।
स्कूल को खास तरीके से सजाया गया है। सुरक्षा कारणों से स्कूल प्रशासन ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। पुलिस की ओर से भी वहां सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली जा रही है। स्कूल के गेट से लेकर अंदर-बाहर सभी जगह साज-सज्जा की गई है।
स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ सभी शिक्षक शिक्षिकाएं मेलानिया ट्रंप के दौरे के लिए उत्साहित हैं। स्कूल में उनके स्वागत के लिए बेहद आकर्षक तरीके से इंतजाम किए गए हैं।
स्कूल को खास तरीके से सजाया गया है। सुरक्षा कारणों से स्कूल प्रशासन ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। पुलिस की ओर से भी वहां सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली जा रही है। स्कूल के गेट से लेकर अंदर-बाहर सभी जगह साज-सज्जा की गई है।
स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ सभी शिक्षक शिक्षिकाएं मेलानिया ट्रंप के दौरे के लिए उत्साहित हैं। स्कूल में उनके स्वागत के लिए बेहद आकर्षक तरीके से इंतजाम किए गए हैं।
सोमवार शाम तक चलती रहीं स्वागत की तैयारियां
सोमवार को भी सजावट की तैयारियों को अंतिम रुप दिया जाता रहा। स्कूल के आसपास की दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग की गई है जबकि स्कूल के बाहर की बाउंड्री को इस तरह से ढक दिया गया है जिससे बाहर से स्कूल के अंदर कुछ भी ना दिखाई दे।
मेलानिया ट्रंप लगभग 40-45 मिनट स्कूल में बिताएंगी। इसी दौरान हैप्पीनेस की क्लास होगी। हैप्पीनेस क्लास में कितने बच्चे होंगे और उनसे क्या बात होगी, इसे गुप्त रखा गया है।
बताया जा रहा है कि वह दो साल पहले शुरू की गई इस क्लास को जानना समझना चाहती हैं। बच्चों की संख्या, शिक्षकों की संख्या व अन्य जानकारी पहले ही अमेरिकी दूतावास को भेजी जा चुकी है। मेलानिया ट्रंप जिस समय स्कूल में होंगी उस समय बच्चों के साथ शिक्षा विभाग का एक अधिकारी भी मौजूद रहेगा।
स्कूल में छठी, सातवीं व आठवीं कक्षा के कुछ बच्चों को मिलाकर एक क्लास बनाई गई है। बच्चों को 15 सवाल तैयार करवाए गए हैं। सोमवार को इसके लिए रिहर्सल भी की गई जिससे बच्चे तैयार हो सकें और कोई चूक ना हो।
मालूम हो कि दिल्ली सरकार ने हैप्पीनेस की इस क्लास को दो साल पहले नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के लिए शुरू किया था। इसका मकसद बच्चों के तनाव को कम करना है और हंसी-खुशी वाले माहौल में पढ़ाई करवाना है। इस कक्षा के बाद लिखित परीक्षा नहीं होती बल्कि बच्चे का मूल्यांकन हैप्पीनेस इंडेक्स से किया जाता है। इस कक्षा में बच्चों को कहानियों व खेल-खेल से सीख दी जाती है।
मेलानिया ट्रंप लगभग 40-45 मिनट स्कूल में बिताएंगी। इसी दौरान हैप्पीनेस की क्लास होगी। हैप्पीनेस क्लास में कितने बच्चे होंगे और उनसे क्या बात होगी, इसे गुप्त रखा गया है।
बताया जा रहा है कि वह दो साल पहले शुरू की गई इस क्लास को जानना समझना चाहती हैं। बच्चों की संख्या, शिक्षकों की संख्या व अन्य जानकारी पहले ही अमेरिकी दूतावास को भेजी जा चुकी है। मेलानिया ट्रंप जिस समय स्कूल में होंगी उस समय बच्चों के साथ शिक्षा विभाग का एक अधिकारी भी मौजूद रहेगा।
स्कूल में छठी, सातवीं व आठवीं कक्षा के कुछ बच्चों को मिलाकर एक क्लास बनाई गई है। बच्चों को 15 सवाल तैयार करवाए गए हैं। सोमवार को इसके लिए रिहर्सल भी की गई जिससे बच्चे तैयार हो सकें और कोई चूक ना हो।
मालूम हो कि दिल्ली सरकार ने हैप्पीनेस की इस क्लास को दो साल पहले नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के लिए शुरू किया था। इसका मकसद बच्चों के तनाव को कम करना है और हंसी-खुशी वाले माहौल में पढ़ाई करवाना है। इस कक्षा के बाद लिखित परीक्षा नहीं होती बल्कि बच्चे का मूल्यांकन हैप्पीनेस इंडेक्स से किया जाता है। इस कक्षा में बच्चों को कहानियों व खेल-खेल से सीख दी जाती है।
Comments
Post a Comment