होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
दिल्ली सरकार के स्कूलों में चलने वाली हैपिनेस क्लास को देखने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप कुछ देर में मोती बाग के सरकारी स्कूल पहुंचेंगी। अमेरिका की प्रथम महिला के शानदार स्वागत के लिए स्कूल तैयार है।
स्कूल को खास तरीके से सजाया गया है। सुरक्षा कारणों से स्कूल प्रशासन ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। पुलिस की ओर से भी वहां सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली जा रही है। स्कूल के गेट से लेकर अंदर-बाहर सभी जगह साज-सज्जा की गई है।
स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ सभी शिक्षक शिक्षिकाएं मेलानिया ट्रंप के दौरे के लिए उत्साहित हैं। स्कूल में उनके स्वागत के लिए बेहद आकर्षक तरीके से इंतजाम किए गए हैं।
स्कूल को खास तरीके से सजाया गया है। सुरक्षा कारणों से स्कूल प्रशासन ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। पुलिस की ओर से भी वहां सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली जा रही है। स्कूल के गेट से लेकर अंदर-बाहर सभी जगह साज-सज्जा की गई है।
स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ सभी शिक्षक शिक्षिकाएं मेलानिया ट्रंप के दौरे के लिए उत्साहित हैं। स्कूल में उनके स्वागत के लिए बेहद आकर्षक तरीके से इंतजाम किए गए हैं।
सोमवार शाम तक चलती रहीं स्वागत की तैयारियां
सोमवार को भी सजावट की तैयारियों को अंतिम रुप दिया जाता रहा। स्कूल के आसपास की दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग की गई है जबकि स्कूल के बाहर की बाउंड्री को इस तरह से ढक दिया गया है जिससे बाहर से स्कूल के अंदर कुछ भी ना दिखाई दे।
मेलानिया ट्रंप लगभग 40-45 मिनट स्कूल में बिताएंगी। इसी दौरान हैप्पीनेस की क्लास होगी। हैप्पीनेस क्लास में कितने बच्चे होंगे और उनसे क्या बात होगी, इसे गुप्त रखा गया है।
बताया जा रहा है कि वह दो साल पहले शुरू की गई इस क्लास को जानना समझना चाहती हैं। बच्चों की संख्या, शिक्षकों की संख्या व अन्य जानकारी पहले ही अमेरिकी दूतावास को भेजी जा चुकी है। मेलानिया ट्रंप जिस समय स्कूल में होंगी उस समय बच्चों के साथ शिक्षा विभाग का एक अधिकारी भी मौजूद रहेगा।
स्कूल में छठी, सातवीं व आठवीं कक्षा के कुछ बच्चों को मिलाकर एक क्लास बनाई गई है। बच्चों को 15 सवाल तैयार करवाए गए हैं। सोमवार को इसके लिए रिहर्सल भी की गई जिससे बच्चे तैयार हो सकें और कोई चूक ना हो।
मालूम हो कि दिल्ली सरकार ने हैप्पीनेस की इस क्लास को दो साल पहले नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के लिए शुरू किया था। इसका मकसद बच्चों के तनाव को कम करना है और हंसी-खुशी वाले माहौल में पढ़ाई करवाना है। इस कक्षा के बाद लिखित परीक्षा नहीं होती बल्कि बच्चे का मूल्यांकन हैप्पीनेस इंडेक्स से किया जाता है। इस कक्षा में बच्चों को कहानियों व खेल-खेल से सीख दी जाती है।
मेलानिया ट्रंप लगभग 40-45 मिनट स्कूल में बिताएंगी। इसी दौरान हैप्पीनेस की क्लास होगी। हैप्पीनेस क्लास में कितने बच्चे होंगे और उनसे क्या बात होगी, इसे गुप्त रखा गया है।
बताया जा रहा है कि वह दो साल पहले शुरू की गई इस क्लास को जानना समझना चाहती हैं। बच्चों की संख्या, शिक्षकों की संख्या व अन्य जानकारी पहले ही अमेरिकी दूतावास को भेजी जा चुकी है। मेलानिया ट्रंप जिस समय स्कूल में होंगी उस समय बच्चों के साथ शिक्षा विभाग का एक अधिकारी भी मौजूद रहेगा।
स्कूल में छठी, सातवीं व आठवीं कक्षा के कुछ बच्चों को मिलाकर एक क्लास बनाई गई है। बच्चों को 15 सवाल तैयार करवाए गए हैं। सोमवार को इसके लिए रिहर्सल भी की गई जिससे बच्चे तैयार हो सकें और कोई चूक ना हो।
मालूम हो कि दिल्ली सरकार ने हैप्पीनेस की इस क्लास को दो साल पहले नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के लिए शुरू किया था। इसका मकसद बच्चों के तनाव को कम करना है और हंसी-खुशी वाले माहौल में पढ़ाई करवाना है। इस कक्षा के बाद लिखित परीक्षा नहीं होती बल्कि बच्चे का मूल्यांकन हैप्पीनेस इंडेक्स से किया जाता है। इस कक्षा में बच्चों को कहानियों व खेल-खेल से सीख दी जाती है।
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