लखनऊ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी यानी लॉग्स और इनफर्टिलिटी रिसर्च फाउंडेशन यानी आईआरएफ के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन *"इस्पात-मिडटर्म"* का शुभारंभ हुआ। इस सम्मेलन का मुख्य विषय रखा गया है - *"फ्रॉम इनफर्टिलिटी टू फैंटम केयर: रीडिफाइनिंग मॉडर्न मदरहुड"*। यानी बांझपन से लेकर आधुनिक मातृत्व तक की यात्रा को नई दिशा देना। इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन *डॉ. श्रीमती राजुल त्यागी* के नेतृत्व में किया गया है। डॉ. राजुल त्यागी जावित्री हॉस्पिटल की डायरेक्टर हैं और इनफर्टिलिटी एवं स्त्री रोग विभाग की प्रमुख भी हैं। इसके साथ सम्मेलन में इसके साथ सम्मेलन में डॉक्टर मिलिंद शाह प्रेसिडेंट इस्पात, डॉ प्रताप कुमार स्पीकर , डॉ माधुरी पटेल फॉक्सी प्रेसिडेंट, डॉ मंजीत मेहता वाइस प्रेसिडेंट इस्पात देशभर से 750 से अधिक प्रख्यात स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, भ्रूण चिकित्सा विशेषज्ञ और इनफर्टिलिटी के महाविशेषज्ञ शामिल हुए। उद्घाटन सत्र में गुणवत्तापूर्ण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया। दो द...
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि वैश्विक समुदाय के पास इस समय डिजिटल मंचों पर कारोबर के लिये एक नयी वैश्विक कर प्रणाली तैयार करने का अनूठा अवसर है। उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण के कारण उभर रही कर-चुनौतियों से निपटने की व्यवस्था समावेशी होनी चाहिये।
सऊदी अरब में रियाद में जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के प्रमुखों के सम्मेलन में उन्होंने यह आह्वान किया। वित्त मंत्रालय ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी। सीतारमण ने जी20 देशों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि डिजिटलीकरण संबंधी जो भी नयी अंतराष्ट्रीय कर व्यवस्था बने, वह सचमुच समावेशी हो।
उन्होंने भगोड़े कर अपराधियों के मामलों की जांच में विभिन्न देशों की राजस्व एजेंसियों के बीच और अधिक करीबी सहयोग व संबंध की जरूरत पर बल दिया।
सऊदी अरब में रियाद में जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के प्रमुखों के सम्मेलन में उन्होंने यह आह्वान किया। वित्त मंत्रालय ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी। सीतारमण ने जी20 देशों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि डिजिटलीकरण संबंधी जो भी नयी अंतराष्ट्रीय कर व्यवस्था बने, वह सचमुच समावेशी हो।
उन्होंने भगोड़े कर अपराधियों के मामलों की जांच में विभिन्न देशों की राजस्व एजेंसियों के बीच और अधिक करीबी सहयोग व संबंध की जरूरत पर बल दिया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि वैश्विक समुदाय के पास इस समय डिजिटल मंचों पर कारोबर के लिये एक नयी वैश्विक कर प्रणाली तैयार करने का अनूठा अवसर है। उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण के कारण उभर रही कर-चुनौतियों से निपटने की व्यवस्था समावेशी होनी चाहिये।
सऊदी अरब में रियाद में जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के प्रमुखों के सम्मेलन में उन्होंने यह आह्वान किया। वित्त मंत्रालय ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी। सीतारमण ने जी20 देशों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि डिजिटलीकरण संबंधी जो भी नयी अंतराष्ट्रीय कर व्यवस्था बने, वह सचमुच समावेशी हो।
उन्होंने भगोड़े कर अपराधियों के मामलों की जांच में विभिन्न देशों की राजस्व एजेंसियों के बीच और अधिक करीबी सहयोग व संबंध की जरूरत पर बल दिया।
सऊदी अरब में रियाद में जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के प्रमुखों के सम्मेलन में उन्होंने यह आह्वान किया। वित्त मंत्रालय ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी। सीतारमण ने जी20 देशों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि डिजिटलीकरण संबंधी जो भी नयी अंतराष्ट्रीय कर व्यवस्था बने, वह सचमुच समावेशी हो।
उन्होंने भगोड़े कर अपराधियों के मामलों की जांच में विभिन्न देशों की राजस्व एजेंसियों के बीच और अधिक करीबी सहयोग व संबंध की जरूरत पर बल दिया।
कॉरपोरेट बांड बाजार को व्यापक बनाने पर जोर
सीतारमण ने रियाद सम्मेलन के दूसरे दिन कॉरपोरेट बांड बाजार को व्यापक बनाने के लिये भारत सरकार द्वारा उठाये गये कदमों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसके लिये भारत सरकार ने कॉरपोरेट बांड बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के निवेश की सीमा बढ़ायी है तथा सरकारी प्रतिभूतियों की कई घोषित श्रेणियों के लिये पूंजी नियंत्रण को समाप्त किया है।
उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर जी20 के साथ संवाद जारी रखना चाहती हैं।मंत्रालय के ट्वीट के अनुसार, सीतारमण ने जी20 के सदस्यों को बांड में चूक के जोखिम- प्रीमियम (क्रेडिट डिफाल्ट स्वैप) बाजार में सुधार के लिये उठाये गये कदमों की जानकारी दी।
इसके साथ ही उन्होंने एक्सचेंजों के जरिये इलेक्ट्रॉनिक तरीके से बांड की खरीद-बिक्री के बदलते तरीके, सभी के लिये कभी भी आवेदन करने की सुविधा समेत अन्य उन कदमों की भी जानकारी दी, जो भारतीय बांड बाजार में निवेश बढ़ाने के लिये उठाये गये हैं।
उन्होंने बुनियादी संरचना में निवेश से संबंधित सत्र को संबोधित करते हुए जी20 के इंफ्राटेक प्रौद्योगिकी एजेंडा (बुनियादी संरचना प्रौद्योगिकी) को लेकर किये जा रहे प्रयासों का स्वागत किया। हालांकि उन्होंने जी20 के सदस्य देशों को इस प्रकार की प्रौद्योगिकी के मामले में सबके लिए एक जैसे नुस्खे सुझाने से बचने की सलाह दी। इसके पीछे उनका तर्क है कि अलग-अलग देश बुनियादी संरचना में प्रौद्योगिकी अपनाने के विभिन्न चरणों में हैं।
उन्होंने बुनियादी संरचना में प्रौद्योगिकी अपनाने में फास्टैग तथा बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने के भारत के सफल प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर से राजस्व की चोरी रोकने में मदद मिलेगी, जबकि फास्टैग से टोल शुल्क का इलेक्ट्रॉनिक तरीके से संकलन संभव हुआ है।
उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर जी20 के साथ संवाद जारी रखना चाहती हैं।मंत्रालय के ट्वीट के अनुसार, सीतारमण ने जी20 के सदस्यों को बांड में चूक के जोखिम- प्रीमियम (क्रेडिट डिफाल्ट स्वैप) बाजार में सुधार के लिये उठाये गये कदमों की जानकारी दी।
इसके साथ ही उन्होंने एक्सचेंजों के जरिये इलेक्ट्रॉनिक तरीके से बांड की खरीद-बिक्री के बदलते तरीके, सभी के लिये कभी भी आवेदन करने की सुविधा समेत अन्य उन कदमों की भी जानकारी दी, जो भारतीय बांड बाजार में निवेश बढ़ाने के लिये उठाये गये हैं।
उन्होंने बुनियादी संरचना में निवेश से संबंधित सत्र को संबोधित करते हुए जी20 के इंफ्राटेक प्रौद्योगिकी एजेंडा (बुनियादी संरचना प्रौद्योगिकी) को लेकर किये जा रहे प्रयासों का स्वागत किया। हालांकि उन्होंने जी20 के सदस्य देशों को इस प्रकार की प्रौद्योगिकी के मामले में सबके लिए एक जैसे नुस्खे सुझाने से बचने की सलाह दी। इसके पीछे उनका तर्क है कि अलग-अलग देश बुनियादी संरचना में प्रौद्योगिकी अपनाने के विभिन्न चरणों में हैं।
उन्होंने बुनियादी संरचना में प्रौद्योगिकी अपनाने में फास्टैग तथा बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने के भारत के सफल प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर से राजस्व की चोरी रोकने में मदद मिलेगी, जबकि फास्टैग से टोल शुल्क का इलेक्ट्रॉनिक तरीके से संकलन संभव हुआ है।
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