चित्रांश समाज स्प्रिंग ग्रीन्स द्वारा स्नेह मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चित्रांश समाज के परिवार बड़ी संख्या में शामिल हुए और एक-दूसरे से मुलाकात कर आपसी भाईचारे का संदेश दिया। समारोह स्थल को फूलों, झालरों और भगवान चित्रगुप्त जी की तस्वीर से सजाया गया था। बैनर पर "स्नेह मिलन समारोह में आपका स्वागत है" लिखा था। आयोजकों ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के लोगों को एकजुट करना, आपसी संबंधों को मजबूत करना और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना है। सभा के दौरान समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित मनीष वर्मा और राजीव श्रीवास्तव ने सभी का इस कार्यक्रम में आने के लिए दिल से आभार व्यक्त किया। सभी लोगों ने इसे एकजुटता और सौहार्द का प्रतीक बताया।
उत्तराखंड में रविवार को फिर मौसम ने करवट बदली। मैदानी इलाकों में जहां हल्की धूप खिली है वहीं, पहाड़ में मौसम फिर खराब हो गया। सुबह से ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई।
सुबह करीब दस बजे से बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, तुंगनाथ घाटी के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों बर्फबारी शुरू हो गई। इसके चलते निचले क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। उधर, उत्तरकाशी में भी दोपहर बाद मौसम बदला और रिमझिम बारिश शुरू हो गई। गंगोत्री धाम के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से मौसम सुहावना हो गया है। कुमाऊं के कई हिस्सों में ओलावृष्टि ने भी ठंड बढ़ा दी है।
वहीं, मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश भी हो सकती है। 2500 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में शाम तक काफी बर्फबारी हो सकती है।
सुबह करीब दस बजे से बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, तुंगनाथ घाटी के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों बर्फबारी शुरू हो गई। इसके चलते निचले क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। उधर, उत्तरकाशी में भी दोपहर बाद मौसम बदला और रिमझिम बारिश शुरू हो गई। गंगोत्री धाम के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से मौसम सुहावना हो गया है। कुमाऊं के कई हिस्सों में ओलावृष्टि ने भी ठंड बढ़ा दी है।
वहीं, मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश भी हो सकती है। 2500 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में शाम तक काफी बर्फबारी हो सकती है।
यात्रियों ने माइनस 2 डिग्री में कालामुनि में गुजारी रात
थल-मुनस्यारी मार्ग पर बर्फ जमी होने के कारण वाहनों की आवाजाही ठप है। थल से मुनस्यारी की ओर जा रहे यात्रियों के वाहन शुक्रवार रात कालामुनि में फंस गए थे। फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए पहुंची जेसीबी की हेडलाइट खराब होने से वाहनों को नहीं निकाला जा सका। यात्रियों को माइनस दो डिग्री तापमान में कालामुनि मंदिर में खिचड़ी खाकर रात गुजारनी पड़ी।
जानकारी के मुताबिक लगभग 16 यात्री जानजोखिम में डालकर शुक्रवार की रात को ही 14 किमी पैदल चलकर मुनस्यारी पहुंचे। शनिवार सुबह भी कुछ वाहन चालक खतरा उठाकर वाहनों को मुनस्यारी की ओर ले गए। बर्फ के जम जाने से वाहनों के फिसलने का खतरा बना हुआ है।
जानकारी के मुताबिक लगभग 16 यात्री जानजोखिम में डालकर शुक्रवार की रात को ही 14 किमी पैदल चलकर मुनस्यारी पहुंचे। शनिवार सुबह भी कुछ वाहन चालक खतरा उठाकर वाहनों को मुनस्यारी की ओर ले गए। बर्फ के जम जाने से वाहनों के फिसलने का खतरा बना हुआ है।
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