लखनऊ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी यानी लॉग्स और इनफर्टिलिटी रिसर्च फाउंडेशन यानी आईआरएफ के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन *"इस्पात-मिडटर्म"* का शुभारंभ हुआ। इस सम्मेलन का मुख्य विषय रखा गया है - *"फ्रॉम इनफर्टिलिटी टू फैंटम केयर: रीडिफाइनिंग मॉडर्न मदरहुड"*। यानी बांझपन से लेकर आधुनिक मातृत्व तक की यात्रा को नई दिशा देना। इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन *डॉ. श्रीमती राजुल त्यागी* के नेतृत्व में किया गया है। डॉ. राजुल त्यागी जावित्री हॉस्पिटल की डायरेक्टर हैं और इनफर्टिलिटी एवं स्त्री रोग विभाग की प्रमुख भी हैं। इसके साथ सम्मेलन में इसके साथ सम्मेलन में डॉक्टर मिलिंद शाह प्रेसिडेंट इस्पात, डॉ प्रताप कुमार स्पीकर , डॉ माधुरी पटेल फॉक्सी प्रेसिडेंट, डॉ मंजीत मेहता वाइस प्रेसिडेंट इस्पात देशभर से 750 से अधिक प्रख्यात स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, भ्रूण चिकित्सा विशेषज्ञ और इनफर्टिलिटी के महाविशेषज्ञ शामिल हुए। उद्घाटन सत्र में गुणवत्तापूर्ण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया। दो द...
उत्तराखंड में रविवार को फिर मौसम ने करवट बदली। मैदानी इलाकों में जहां हल्की धूप खिली है वहीं, पहाड़ में मौसम फिर खराब हो गया। सुबह से ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई।
सुबह करीब दस बजे से बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, तुंगनाथ घाटी के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों बर्फबारी शुरू हो गई। इसके चलते निचले क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। उधर, उत्तरकाशी में भी दोपहर बाद मौसम बदला और रिमझिम बारिश शुरू हो गई। गंगोत्री धाम के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से मौसम सुहावना हो गया है। कुमाऊं के कई हिस्सों में ओलावृष्टि ने भी ठंड बढ़ा दी है।
वहीं, मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश भी हो सकती है। 2500 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में शाम तक काफी बर्फबारी हो सकती है।
सुबह करीब दस बजे से बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, तुंगनाथ घाटी के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों बर्फबारी शुरू हो गई। इसके चलते निचले क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। उधर, उत्तरकाशी में भी दोपहर बाद मौसम बदला और रिमझिम बारिश शुरू हो गई। गंगोत्री धाम के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से मौसम सुहावना हो गया है। कुमाऊं के कई हिस्सों में ओलावृष्टि ने भी ठंड बढ़ा दी है।
वहीं, मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश भी हो सकती है। 2500 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में शाम तक काफी बर्फबारी हो सकती है।
यात्रियों ने माइनस 2 डिग्री में कालामुनि में गुजारी रात
थल-मुनस्यारी मार्ग पर बर्फ जमी होने के कारण वाहनों की आवाजाही ठप है। थल से मुनस्यारी की ओर जा रहे यात्रियों के वाहन शुक्रवार रात कालामुनि में फंस गए थे। फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए पहुंची जेसीबी की हेडलाइट खराब होने से वाहनों को नहीं निकाला जा सका। यात्रियों को माइनस दो डिग्री तापमान में कालामुनि मंदिर में खिचड़ी खाकर रात गुजारनी पड़ी।
जानकारी के मुताबिक लगभग 16 यात्री जानजोखिम में डालकर शुक्रवार की रात को ही 14 किमी पैदल चलकर मुनस्यारी पहुंचे। शनिवार सुबह भी कुछ वाहन चालक खतरा उठाकर वाहनों को मुनस्यारी की ओर ले गए। बर्फ के जम जाने से वाहनों के फिसलने का खतरा बना हुआ है।
जानकारी के मुताबिक लगभग 16 यात्री जानजोखिम में डालकर शुक्रवार की रात को ही 14 किमी पैदल चलकर मुनस्यारी पहुंचे। शनिवार सुबह भी कुछ वाहन चालक खतरा उठाकर वाहनों को मुनस्यारी की ओर ले गए। बर्फ के जम जाने से वाहनों के फिसलने का खतरा बना हुआ है।
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