लखनऊ के फैजाबाद रोड स्थित इंद्रप्रस्थ एस्टेट, 2-3 के निवासी, बगल के प्लॉट नंबर 4, फैजाबाद रोड पर एक होटल के लिए चल रहे निर्माण और गहरी खुदाई के कारण गंभीर सुरक्षा चिंताओं का सामना कर रहे हैं। निर्माण कार्य लगभग तीन साल पहले शुरू हुआ था, जिसके दौरान आसपास की जमीन को लगभग 50-60 फीट की गहराई तक खोदा गया था। निवासियों का आरोप है कि इतनी गहरी खुदाई शुरू करने से पहले बिल्डर द्वारा पर्याप्त सुरक्षा और अवरोधन उपाय नहीं किए गए थे। इंद्रप्रस्थ एस्टेट की तरफ से इसका प्रतिकूल प्रभाव बहुत जल्दी दिखना शुरू हो गया था। स्थिति उत्तरोत्तर बिगड़ती गई: सबसे पहले, समाज की सीमा दीवार का एक बड़ा हिस्सा ढह गया।फिर, रास्तों और आसपास के इलाकों में दरारें दिखाई देने लगीं और चौड़ी होने लगीं।इसके परिणामस्वरूप कई स्थानों पर भूस्खलन और जमीन धंसने की घटनाएं हुईं। बची हुई चारदीवारी भी अब गिरने लगी है। आस-पास की जमीन ढलान वाली है, जिससे सोसायटी के जनरेटर और बोरवेल, भूमिगत जल और सीवरेज पाइपलाइन और वर्षा जल संचयन कक्ष जैसे अन्य बुनियादी ढांचे संभावित रूप से उच्च जोखिम में हैं। पिछले तीन वर्षों में, निवासियों और अपा...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से आयोजित ‘हुनर हाट’ में बुधवार को अचानक पहुंचे, वहां लिट्टी-चोखा खाया एवं कुल्हड़ की चाय पी जिसका भुगतान उन्होंने खुद किया।
सूत्रों के मुताबिक मोदी दिन में करीब डेढ़ बजे इंडिया गेट के निकट राजपथ पर लगे ‘हुनर हाट’ में पहुंचे और वहां लगभग 50 मिनट तक रहे। मोदी ने विभिन्न स्टॉल पर जाकर उत्पादों को देखा और उनके बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री पहली बार किसी हुनर हाट में पहुंचे हैं।
एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि प्रधानमंत्री का यह दौरा तय नहीं था। वह बुधवार की दोपहर अचानक ही हुनर हाट पहुंचे। इससे वहां सभी लोग हैरान रह गए। उनके पहुंचने की जानकारी पाते ही अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी तत्काल वहां पहुंचे और उनकी अगवानी की।
एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि प्रधानमंत्री का यह दौरा तय नहीं था। वह बुधवार की दोपहर अचानक ही हुनर हाट पहुंचे। इससे वहां सभी लोग हैरान रह गए। उनके पहुंचने की जानकारी पाते ही अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी तत्काल वहां पहुंचे और उनकी अगवानी की।
प्रधानमंत्री ने ‘हुनर हाट’ में मौजूद एक स्टॉल पर रुककर लिट्टी-चोखा खाया जिसके लिए उन्होंने 120 रुपये का भुगतान किया। इसके साथ ही उन्होंने दो कुल्हड़ चाय भी ली जिसमें से एक उन्होंने स्वयं ली और दूसरी चाय नकवी को दी। मोदी ने चाय के लिए भी 40 रुपये का भुगतान किया।
प्रधानमंत्री के वहां पहुंचने के साथ भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए और कई ने तो उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई।
गौरतलब है कि 'कौशल को काम' थीम पर आधारित यह 'हुनर हाट' 13 फरवरी से 23 फरवरी 2020 तक आयोजित किया गया है जहां देश भर के 'हुनर के उस्ताद' दस्तकार, शिल्पकार, खानसामे भाग ले रहे हैं । इनमे 50 प्रतिशत से अधिक महिला दस्तकार शामिल हैं।
नकवी का कहना है कि पिछले लगभग तीन वर्षों में 'हुनर हाट' के माध्यम से लगभग तीन लाख दस्तकारों, शिल्पकारों, खानसामों को रोजगार और रोजगार के मौके उपलब्ध कराए गए हैं। इनमे बड़ी संख्या में देश भर की महिला दस्तकार भी शामिल हैं।
इससे पहले दिल्ली, मुंबई, प्रयागराज, लखनऊ, जयपुर, अहमदाबाद, हैदराबाद, पुडुचेरी, इंदौर आदि स्थानों पर 'हुनर हाट' आयोजित किए जा चुके हैं। अगले 'हुनर हाट' का आयोजन रांची में 29 फरवरी से आठ मार्च, 2020 तक और फिर चंडीगढ़ में 13 मार्च से 22 मार्च, 2020 तक किया जाएगा।
प्रधानमंत्री के वहां पहुंचने के साथ भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों ने ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए और कई ने तो उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई।
गौरतलब है कि 'कौशल को काम' थीम पर आधारित यह 'हुनर हाट' 13 फरवरी से 23 फरवरी 2020 तक आयोजित किया गया है जहां देश भर के 'हुनर के उस्ताद' दस्तकार, शिल्पकार, खानसामे भाग ले रहे हैं । इनमे 50 प्रतिशत से अधिक महिला दस्तकार शामिल हैं।
नकवी का कहना है कि पिछले लगभग तीन वर्षों में 'हुनर हाट' के माध्यम से लगभग तीन लाख दस्तकारों, शिल्पकारों, खानसामों को रोजगार और रोजगार के मौके उपलब्ध कराए गए हैं। इनमे बड़ी संख्या में देश भर की महिला दस्तकार भी शामिल हैं।
इससे पहले दिल्ली, मुंबई, प्रयागराज, लखनऊ, जयपुर, अहमदाबाद, हैदराबाद, पुडुचेरी, इंदौर आदि स्थानों पर 'हुनर हाट' आयोजित किए जा चुके हैं। अगले 'हुनर हाट' का आयोजन रांची में 29 फरवरी से आठ मार्च, 2020 तक और फिर चंडीगढ़ में 13 मार्च से 22 मार्च, 2020 तक किया जाएगा।
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