होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर देश विरोधी प्रदर्शन करने की इजाजत देने के लिए केंद्र सरकार ने गुरुवार को ब्रिटेन को जमकर लताड़ लगाई। भारत ने कहा है कि इस तरह की घटनाओं से उच्चायोग के संचालन में कठिनाइयां पैदा हो रही हैं।
उच्चायोग के बाहर 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर किए गए इस प्रदर्शन में सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्र हुई थी। इस भीड़ ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेने के लिए भारत की निंदा की थी और क्षेत्र में चह रही कथित ‘दमनात्मक कार्रवाई’ को खत्म करने की मांग की थी। इस प्रदर्शन का आयोजन पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश नागरिकों ने किया था।
गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, हमने इस मामले को ब्रिटिश सरकार के सामने उठाया है। उन्हें बताया है कि इस तरह की घटनाओं से हमारे उच्चायोग की कार्रवाई के संचालन में परेशानी पैदा होती है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है भविष्य में लंदन में ऐसे भारत विरोधी प्रदर्शन आयोजित नहीं होंगे।
बता दें कि पिछले सप्ताह ब्रिटेन में भारत की उच्चायुक्त रुचि घनश्याम ने गृह सचिव प्रीति पटेल से मुलाकात की थी। मुलाकात में उच्चायुक्त ने भारतीय मिशन के बाहर ऐसे योजनाबद्ध प्रदर्शनों से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ने का मुद्दा गृह सचिव के सामने रखा था।
उच्चायोग के बाहर 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर किए गए इस प्रदर्शन में सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्र हुई थी। इस भीड़ ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेने के लिए भारत की निंदा की थी और क्षेत्र में चह रही कथित ‘दमनात्मक कार्रवाई’ को खत्म करने की मांग की थी। इस प्रदर्शन का आयोजन पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश नागरिकों ने किया था।
गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, हमने इस मामले को ब्रिटिश सरकार के सामने उठाया है। उन्हें बताया है कि इस तरह की घटनाओं से हमारे उच्चायोग की कार्रवाई के संचालन में परेशानी पैदा होती है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है भविष्य में लंदन में ऐसे भारत विरोधी प्रदर्शन आयोजित नहीं होंगे।
बता दें कि पिछले सप्ताह ब्रिटेन में भारत की उच्चायुक्त रुचि घनश्याम ने गृह सचिव प्रीति पटेल से मुलाकात की थी। मुलाकात में उच्चायुक्त ने भारतीय मिशन के बाहर ऐसे योजनाबद्ध प्रदर्शनों से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ने का मुद्दा गृह सचिव के सामने रखा था।
लगातार ब्रिटेन को चेता रहा है भारत
दरअसल ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन का यह पहला मामला नहीं है। पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी पाकिस्तान समर्थकों ने उच्चायोग के बाहर हिंसक प्रदर्शन किया था। इस दौरान हजारों लोगों की भीड़ ने उच्चायोग के बाहर हिंसा करनी शुरू कर दी थी।
उस समय भी भारत ने ब्रिटिश विदेश मंत्रालय को इस बारे में चेताया था। इसके अलावा भी कई मौके पर पाकिस्तानी समूहों ने ब्रिटेन में रहने वाले सिख व कश्मीरी अलगाववादियों के साथ मिलकर भारतीय उच्चायोग के बाहर हिंसक प्रदर्शनों को अंजाम दिया है।
उस समय भी भारत ने ब्रिटिश विदेश मंत्रालय को इस बारे में चेताया था। इसके अलावा भी कई मौके पर पाकिस्तानी समूहों ने ब्रिटेन में रहने वाले सिख व कश्मीरी अलगाववादियों के साथ मिलकर भारतीय उच्चायोग के बाहर हिंसक प्रदर्शनों को अंजाम दिया है।
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