होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
पंजाब के कारोबारी ने एक दर्जन फर्जी कंपनियां दर्शाकर और नकली जीएसटी नंबर से 107 करोड़ रुपये के गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) घोटाले को अंजाम दे डाला। बद्दी में 15 दिन पहले खुले माल एवं सेवा कर महानिदेशालय इंटेलिजेंस विभाग शिमला जोन ने इसका भंडाफोड़ किया है। मंडी गोविंदगढ़ के कमल आहूजा पर आरोप है कि इन्होंने बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, पांवटा, कालाअंब और परवाणू समेत कई जगह फर्जी कंपनियां दर्शाकर करोड़ों के इस घोटाले को अंजाम दिया।
आधा दर्जन कंपनियों में इन्होंने खुद को डायरेक्टर बताया तो इतनी ही और कंपनियां किसी और के नाम से दर्शा दीं। जीएसटी का फर्जी नंबर जनरेट कर नकली बिलों से आहूजा हिमाचल के उद्योगों को कच्चा माल बेचने का रिफंड लेता रहा। लेकिन कंप्यूटर में जब इन नंबरों का मिलान किया तो फर्जी जीएसटी नंबर का खुलासा हो गया। विभाग ने आरोपी को गिरफ्तार कर 100 फीसदी जुर्माना लगाकर आहूजा की निजी संपत्ति को कब्जे में लेकर 19.20 करोड़ रुपये वसूल कर लिए हैं।
ऐसे हुआ खुलासा
विभाग के अधिकारियों ने छानबीन में पाया कि कारोबारी ने 107 करोड़ के जाली बिल पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग नाम से काटे हुए हैं। जिन नामों से बिल कटे थे, उन ठिकानों पर अधिकारी पहुंचे तो कोई भी नहीं मिला। स्थानीय लोगों से पूछताछ की तो बताया गया कि यहां ऐसी कोई कंपनी नहीं है।
इसके बाद अधिकारी आहूजा तक पहुंचे और उसे कस्टडी में लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद करोड़ों के इस घोटाले का खुलासा हुआ। उल्लेखनीय है कि जीएसटी में हिमाचल प्रदेश का पहला ऐसा मामला सामने आया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी और कई मछलियां इसमें फंसने वाली हैं।
आधा दर्जन कंपनियों में इन्होंने खुद को डायरेक्टर बताया तो इतनी ही और कंपनियां किसी और के नाम से दर्शा दीं। जीएसटी का फर्जी नंबर जनरेट कर नकली बिलों से आहूजा हिमाचल के उद्योगों को कच्चा माल बेचने का रिफंड लेता रहा। लेकिन कंप्यूटर में जब इन नंबरों का मिलान किया तो फर्जी जीएसटी नंबर का खुलासा हो गया। विभाग ने आरोपी को गिरफ्तार कर 100 फीसदी जुर्माना लगाकर आहूजा की निजी संपत्ति को कब्जे में लेकर 19.20 करोड़ रुपये वसूल कर लिए हैं।
ऐसे हुआ खुलासा
विभाग के अधिकारियों ने छानबीन में पाया कि कारोबारी ने 107 करोड़ के जाली बिल पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग नाम से काटे हुए हैं। जिन नामों से बिल कटे थे, उन ठिकानों पर अधिकारी पहुंचे तो कोई भी नहीं मिला। स्थानीय लोगों से पूछताछ की तो बताया गया कि यहां ऐसी कोई कंपनी नहीं है।
इसके बाद अधिकारी आहूजा तक पहुंचे और उसे कस्टडी में लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद करोड़ों के इस घोटाले का खुलासा हुआ। उल्लेखनीय है कि जीएसटी में हिमाचल प्रदेश का पहला ऐसा मामला सामने आया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी और कई मछलियां इसमें फंसने वाली हैं।
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