_मेदांता अस्पताल की एसोसिएट कंसल्टेंट, मेडिकल ऑनकोलॉजी एवं हीमैटो ऑनकोलॉजी विभाग की डॉ. अंजली सचान ने कैंसर के कारण, लक्षण और इलाज पर विस्तार से जानकारी दी।_ _डॉ. अंजली सचान ने बताया कि तंबाकू-शराब का सेवन, अस्वस्थ खानपान, मोटापा, प्रदूषण, आनुवंशिक कारण, शारीरिक गतिविधि की कमी और कुछ वायरल इंफेक्शन कैंसर के मुख्य कारण हैं।_ _उन्होंने 7 सबसे आम कैंसर के बारे में भी बताया:_ *_1. फेफड़े का कैंसर* - मुख्य कारण धूम्रपान और प्रदूषण_ *_2. ब्रेस्ट कैंसर* - महिलाओं में सबसे आम, आनुवंशिक और हार्मोनल कारण_ *_3. कोलन कैंसर* - अस्वस्थ खानपान और मोटापे से जुड़ा_ *_4. प्रोस्टेट कैंसर* - 50 साल से ऊपर पुरुषों में आम_ *_5. मुंह का कैंसर* - तंबाकू और गुटखे के सेवन से_ *_6. सर्वाइकल कैंसर* - महिलाओं में, HPV वायरस प्रमुख कारण_ *_7. ब्लड कैंसर* - आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारणों से_ _डॉ. सचान ने कहा कि वजन घटना, लगातार थकान, शरीर में गांठ, लंबे समय तक खांसी या घाव न भरना जैसे लक्षण दिखें तो ...
दिल्ली से मुंबई और कोलकाता के लिए रेल मार्ग से जाने पर अगले पांच वर्ष में वेटिंग लिस्ट टिकट खत्म हो जाएंगे। यह दावा रेलवे बोर्ड अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने सोमवार को किया। एक प्रेसवार्ता में उन्हाेंने यह भी बताया कि रेलवे तीन अतिरिक्त डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) पर भी काम कर रहा है, इन पर 10 वर्ष में 2.6 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार डीएफसी की वजह से यात्री रेलमार्ग से राष्ट्रीय स्तर पर माल ढुलाई करने वालोें का बोझ कम होगा, जिससे यहां इतनी ट्रेंने चलाई जाएंगी कि अगले पांच वर्ष में वेटिंग लिस्ट नहीं बचेगी। उन्हाेंने बताया कि दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर डीएफसी निर्माण 2021 तक पूरा होगा।
इससे इन रेल मार्गों पर मांग के अनुसार ट्रेन चलाई जा सकेंगी। ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटा करने का काम अगले चार वर्ष पूरा होगा। गति 60 प्रतिशत बढ़ाने की अनुमति मिलने से राजधानी ट्रेनें रातोंरात गंतव्य पर पहुंचा रही हैं। 2019-20 में 194 ट्रेनों को उत्कृष्ट की श्रेणी में अपग्रेड किया जा रहा है। 78 नए ट्रेनें अप्रैल से अक्तूबर के बीच शुरू हुई हैं। वहीं 65627 रेल के डिब्बों में 2,34,248 बायो-शौचालय लगाए गए हैं।
बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार डीएफसी की वजह से यात्री रेलमार्ग से राष्ट्रीय स्तर पर माल ढुलाई करने वालोें का बोझ कम होगा, जिससे यहां इतनी ट्रेंने चलाई जाएंगी कि अगले पांच वर्ष में वेटिंग लिस्ट नहीं बचेगी। उन्हाेंने बताया कि दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर डीएफसी निर्माण 2021 तक पूरा होगा।
इससे इन रेल मार्गों पर मांग के अनुसार ट्रेन चलाई जा सकेंगी। ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटा करने का काम अगले चार वर्ष पूरा होगा। गति 60 प्रतिशत बढ़ाने की अनुमति मिलने से राजधानी ट्रेनें रातोंरात गंतव्य पर पहुंचा रही हैं। 2019-20 में 194 ट्रेनों को उत्कृष्ट की श्रेणी में अपग्रेड किया जा रहा है। 78 नए ट्रेनें अप्रैल से अक्तूबर के बीच शुरू हुई हैं। वहीं 65627 रेल के डिब्बों में 2,34,248 बायो-शौचालय लगाए गए हैं।
शुरू हुआ रेवाड़ी-मदार डीएफसी, जल्द भदान-खुर्जा
उन्हाेंने बताया कि 27 दिसंबर से रेवाड़ी-मदार के 305 किमी रूट पर पश्चिमी डीएफसी शुरू हो चुका है। जल्द पूर्वी डीएफसी के भदान-खुर्जा के 194 किमी रूट भी शुरू किया जाएगा। यहां ट्रायल जारी हैं।
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