होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
दिल्ली से मुंबई और कोलकाता के लिए रेल मार्ग से जाने पर अगले पांच वर्ष में वेटिंग लिस्ट टिकट खत्म हो जाएंगे। यह दावा रेलवे बोर्ड अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने सोमवार को किया। एक प्रेसवार्ता में उन्हाेंने यह भी बताया कि रेलवे तीन अतिरिक्त डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) पर भी काम कर रहा है, इन पर 10 वर्ष में 2.6 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार डीएफसी की वजह से यात्री रेलमार्ग से राष्ट्रीय स्तर पर माल ढुलाई करने वालोें का बोझ कम होगा, जिससे यहां इतनी ट्रेंने चलाई जाएंगी कि अगले पांच वर्ष में वेटिंग लिस्ट नहीं बचेगी। उन्हाेंने बताया कि दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर डीएफसी निर्माण 2021 तक पूरा होगा।
इससे इन रेल मार्गों पर मांग के अनुसार ट्रेन चलाई जा सकेंगी। ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटा करने का काम अगले चार वर्ष पूरा होगा। गति 60 प्रतिशत बढ़ाने की अनुमति मिलने से राजधानी ट्रेनें रातोंरात गंतव्य पर पहुंचा रही हैं। 2019-20 में 194 ट्रेनों को उत्कृष्ट की श्रेणी में अपग्रेड किया जा रहा है। 78 नए ट्रेनें अप्रैल से अक्तूबर के बीच शुरू हुई हैं। वहीं 65627 रेल के डिब्बों में 2,34,248 बायो-शौचालय लगाए गए हैं।
बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार डीएफसी की वजह से यात्री रेलमार्ग से राष्ट्रीय स्तर पर माल ढुलाई करने वालोें का बोझ कम होगा, जिससे यहां इतनी ट्रेंने चलाई जाएंगी कि अगले पांच वर्ष में वेटिंग लिस्ट नहीं बचेगी। उन्हाेंने बताया कि दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर डीएफसी निर्माण 2021 तक पूरा होगा।
इससे इन रेल मार्गों पर मांग के अनुसार ट्रेन चलाई जा सकेंगी। ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटा करने का काम अगले चार वर्ष पूरा होगा। गति 60 प्रतिशत बढ़ाने की अनुमति मिलने से राजधानी ट्रेनें रातोंरात गंतव्य पर पहुंचा रही हैं। 2019-20 में 194 ट्रेनों को उत्कृष्ट की श्रेणी में अपग्रेड किया जा रहा है। 78 नए ट्रेनें अप्रैल से अक्तूबर के बीच शुरू हुई हैं। वहीं 65627 रेल के डिब्बों में 2,34,248 बायो-शौचालय लगाए गए हैं।
शुरू हुआ रेवाड़ी-मदार डीएफसी, जल्द भदान-खुर्जा
उन्हाेंने बताया कि 27 दिसंबर से रेवाड़ी-मदार के 305 किमी रूट पर पश्चिमी डीएफसी शुरू हो चुका है। जल्द पूर्वी डीएफसी के भदान-खुर्जा के 194 किमी रूट भी शुरू किया जाएगा। यहां ट्रायल जारी हैं।
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