लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...
दिल्ली से मुंबई और कोलकाता के लिए रेल मार्ग से जाने पर अगले पांच वर्ष में वेटिंग लिस्ट टिकट खत्म हो जाएंगे। यह दावा रेलवे बोर्ड अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने सोमवार को किया। एक प्रेसवार्ता में उन्हाेंने यह भी बताया कि रेलवे तीन अतिरिक्त डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) पर भी काम कर रहा है, इन पर 10 वर्ष में 2.6 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार डीएफसी की वजह से यात्री रेलमार्ग से राष्ट्रीय स्तर पर माल ढुलाई करने वालोें का बोझ कम होगा, जिससे यहां इतनी ट्रेंने चलाई जाएंगी कि अगले पांच वर्ष में वेटिंग लिस्ट नहीं बचेगी। उन्हाेंने बताया कि दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर डीएफसी निर्माण 2021 तक पूरा होगा।
इससे इन रेल मार्गों पर मांग के अनुसार ट्रेन चलाई जा सकेंगी। ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटा करने का काम अगले चार वर्ष पूरा होगा। गति 60 प्रतिशत बढ़ाने की अनुमति मिलने से राजधानी ट्रेनें रातोंरात गंतव्य पर पहुंचा रही हैं। 2019-20 में 194 ट्रेनों को उत्कृष्ट की श्रेणी में अपग्रेड किया जा रहा है। 78 नए ट्रेनें अप्रैल से अक्तूबर के बीच शुरू हुई हैं। वहीं 65627 रेल के डिब्बों में 2,34,248 बायो-शौचालय लगाए गए हैं।
बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार डीएफसी की वजह से यात्री रेलमार्ग से राष्ट्रीय स्तर पर माल ढुलाई करने वालोें का बोझ कम होगा, जिससे यहां इतनी ट्रेंने चलाई जाएंगी कि अगले पांच वर्ष में वेटिंग लिस्ट नहीं बचेगी। उन्हाेंने बताया कि दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर डीएफसी निर्माण 2021 तक पूरा होगा।
इससे इन रेल मार्गों पर मांग के अनुसार ट्रेन चलाई जा सकेंगी। ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटा करने का काम अगले चार वर्ष पूरा होगा। गति 60 प्रतिशत बढ़ाने की अनुमति मिलने से राजधानी ट्रेनें रातोंरात गंतव्य पर पहुंचा रही हैं। 2019-20 में 194 ट्रेनों को उत्कृष्ट की श्रेणी में अपग्रेड किया जा रहा है। 78 नए ट्रेनें अप्रैल से अक्तूबर के बीच शुरू हुई हैं। वहीं 65627 रेल के डिब्बों में 2,34,248 बायो-शौचालय लगाए गए हैं।
शुरू हुआ रेवाड़ी-मदार डीएफसी, जल्द भदान-खुर्जा
उन्हाेंने बताया कि 27 दिसंबर से रेवाड़ी-मदार के 305 किमी रूट पर पश्चिमी डीएफसी शुरू हो चुका है। जल्द पूर्वी डीएफसी के भदान-खुर्जा के 194 किमी रूट भी शुरू किया जाएगा। यहां ट्रायल जारी हैं।
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