होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
तालिबान ने सोमवार को अफगानिस्तान में किसी भी तरह के युद्धविराम पर सहमत होने से इनकार किया है। इससे पहले अफवाह चली थीं कि देश में 18 वर्षों से ज्यादा समय से चले आ रहे युद्ध में कमी आएगी। तालिबान ने कहा, कुछ मीडिया युद्ध विराम के बारे में गलत रिपोर्टिंग कर रहे हैं। तथ्य यह है कि, अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात के पास युद्धविराम की कोई योजना नहीं है।
बता दें कि काबुल में अमेरिका और अफगान सरकार ने लंबे समय से तालिबान के साथ जारी संघर्ष विराम का आव्हान किया है। ट्रंप ने भी शांतिवार्ता रद्द करने के बाद अचानक अफगानिस्तान की यात्रा कर दोबारा वार्ता शुरू करने की अपील की और दोहा में इसे फिर शुरू कराया गया।
हालांकि, उग्रवादियों ने बार-बार कहा है कि अमेरिकी सैनिकों को सबसे पहले देश से बाहर निकलना होगा। इस बीच अफगानिस्तान में घातक मुकाबले जारी हैं जिसमें 2014 के बाद से हजारों अफगान सुरक्षा बल मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक इस संघर्ष में एक लाख से ज्यादा अफगान नागरिकों की मौत हुई है अथवा घायल हुए हैं।
बता दें कि काबुल में अमेरिका और अफगान सरकार ने लंबे समय से तालिबान के साथ जारी संघर्ष विराम का आव्हान किया है। ट्रंप ने भी शांतिवार्ता रद्द करने के बाद अचानक अफगानिस्तान की यात्रा कर दोबारा वार्ता शुरू करने की अपील की और दोहा में इसे फिर शुरू कराया गया।
हालांकि, उग्रवादियों ने बार-बार कहा है कि अमेरिकी सैनिकों को सबसे पहले देश से बाहर निकलना होगा। इस बीच अफगानिस्तान में घातक मुकाबले जारी हैं जिसमें 2014 के बाद से हजारों अफगान सुरक्षा बल मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक इस संघर्ष में एक लाख से ज्यादा अफगान नागरिकों की मौत हुई है अथवा घायल हुए हैं।
तालिबान हमले में मारे गए 14 सुरक्षाकर्मी
तालिबान ने सोमवार तड़के उत्तरी अफगानिस्तान में सरकार समर्थक मिलिशिया परिसर को निशाना बनाया, जिसमें अफगान सुरक्षा बलों के 14 सदस्य मारे गए। मृतकों में 13 सरकार समर्थक मिलिशिया सदस्य हैं और एक पुलिसकर्मी है। इस घटनाक्रम में पांच अन्य मिलिशिया सदस्य घायल हुए है जबकि दो लापता हैं।
तालिबान ने हमले की जिम्मेदारी ली है। यह हमला कुछ घंटे पहले तालिबान अधिकारियों द्वारा उनके और परिषद के नेताओं के बीच अस्थायी व राष्ट्रव्यापी संघर्ष विराम पर सहमति के ठीक बाद किया गया। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि संघर्ष विराम कब लागू होगा।
तालिबान ने हमले की जिम्मेदारी ली है। यह हमला कुछ घंटे पहले तालिबान अधिकारियों द्वारा उनके और परिषद के नेताओं के बीच अस्थायी व राष्ट्रव्यापी संघर्ष विराम पर सहमति के ठीक बाद किया गया। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि संघर्ष विराम कब लागू होगा।
अफगान जेल में बंद तालिबानियों को आजादी का इंतजार
विद्रोहियों के रूप में अफगानिस्तान की जेल में बंद हजारों तालिबान कैदी संयुक्त राज्य अमेरिका और तालिबान के बीच शांति समझौते को अपनी आजादी के रूप में देख रहे हैं।अफगानिस्तान के 18 साल के युद्ध, वाशिंगटन के सबसे लंबे समय तक सैन्य भागीदारी के अंत को किसी भी समझौते में कैदियों की रिहाई से जोड़ा जा रहा है।
तालिबान के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कतर में फिर से हो रही चर्चा में लगभग 5,000 तालिबान कैदियों की एक सूची अमेरिका को दी गई है और उनसे उन कैदियों की रिहाई को समझौते के तहत चर्चा में लिखा गया है। अमेरिका और अफगान सरकार के अधिकारियों ने बताया कि कैदी की रिहाई बातचीत का हिस्सा है। लेकिन कुछ विश्लेषकों का कहना है कि मुक्त किए जाने वाले कैदी अफगानिस्तान में शांति को भंग कर सकते हैं।
तालिबान के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कतर में फिर से हो रही चर्चा में लगभग 5,000 तालिबान कैदियों की एक सूची अमेरिका को दी गई है और उनसे उन कैदियों की रिहाई को समझौते के तहत चर्चा में लिखा गया है। अमेरिका और अफगान सरकार के अधिकारियों ने बताया कि कैदी की रिहाई बातचीत का हिस्सा है। लेकिन कुछ विश्लेषकों का कहना है कि मुक्त किए जाने वाले कैदी अफगानिस्तान में शांति को भंग कर सकते हैं।
Comments
Post a Comment