ऐशबाग रामलीला मैदान के तुलसी सभागार मे श्री ओ. पी. श्रीवास्तव मेमोरियल स्कूल जो गरीब और मलीन बस्ती के बच्चो के लिए निशुल्क चलाया जाता है के वाषिर्कोत्सव का आयोजन वसुंधरा एन इनिशिएटिव के द्वारा किया गया। बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रदर्शन हुआ। स्कूल के संचालक श्री दीनानाथ जी 18 वर्षो से स्कूल शिक्षण का कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष इन बच्चों का मनोबल बढाने के लिए यह आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री संजीत सिंह SrDEE (NR Railway)एवं श्रीअतुल कृष्ण सिंह( dipty secratary LDA)कर्नल मृदुल कुमार सिंह सेना मंडल रहे। मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य मे कार्यक्रम को प्रेरणादायक और संदेशप्रद बताया एवं प्रधानाचार्या मीना देवी तथा समस्त शिक्षिकाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम के आयोजनकर्ता वसुंधरा एन इनिशिएटिव की अध्यक्ष नीना सक्सेना, सरिता शुक्ला, उपाध्यक्ष डा अंजना त्रिपाठी, शंकर रोली, रूचि सिंह लखविन्दर कौर,ज्योति सिंह ऋतुजा सिंह बघेल,विभा तिवारी, वंदना श्रीवास्तव मधुलिका श्रीवास्तव का संपूर्ण सहयोग रहा। वसुंधरा की युवा सृष्टि टीम ने मंच का संचालन एव...
स्पेशल फोर्सेज ने कैसे दिया मिशन को अंजाम
अमेरिका ने इस मिशन के लिए स्पेशल फोर्स के एक बड़े समूह को शामिल किया था। इसमें आठ हेलीकॉप्टर, नौसेना के कई युद्धक पोत और लड़ाकू विमान शामिल थे। अमेरिकी खुफिया एजेंसियां पहले से ही जानती थीं कि बगदादी यहां रह रहा है और उसके साथ बड़ी संख्या में आईएस लड़ाके भी सुरक्षा में तैनात हैं।
अमेरिकी हेलीकॉप्टरों ने तुर्की के ऊपर से उड़ान भरते हुए सीरिया के इदबिल प्रांत में प्रवेश किया। इस जगह से थोड़ी दूर पर सीरिया और रूस की सेना भी तैनात हैं लेकिन उन्हें इस ऑपरेशन की भनक तक नहीं लगी।
ट्रंप के अनुसार हेलीकॉप्टर ने बहुत ही खतरनाक इलाकों से उड़ान भरी। इस बात का डर था कि हेलीकॉप्टर कहीं आग की चपेट में न आ जाएं। उसकी रफ्तार कभी बहुत धीमी करनी पड़ती थी तो कभी बहुत ही तेज। जैसे ही हेलीकॉप्टर बगदादी के ठिकाने के पास पहुंचे कि गोलीबारी शुरू हो गई
जमीन पर उतरने से पहले हेलीकॉप्टर से 30 मिनट तक गोलीबारी हुई। हेलीकॉप्टर से दो घरों पर मिसाइलें भी दागी गईं। इसमें एक घर पूरी तरह से तबाह हो गया।
एक हेलीकॉप्टर को उतारा गया। इसके बाद अमेरिका के स्पेशल फोर्स के जवानों ने परिसर की दीवारों को विस्फोटकों के जरिए उड़ा दिया। जवानों ने मुख्य दरवाजे का प्रयोग इसलिए नहीं किया क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं उनमें विस्फोटक न लगे हों।
अमेरिकी सैनिकों के साथ थे प्रशिक्षित कुत्ते और एक रोबोट
अमेरिकी कमांडो टीम के साथ प्रशिक्षित कुत्ते और एक रोबोट भी था। यह रोबोट किसी भी तरह के आत्मघाती हमले का सामना करने में सक्षम था। कमांडो टीम अत्याधुनिक हथियारों से लैस थी।
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