बलरामपुर।जिले के तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रसूता के पति *पवन कुमार मिश्रा* ने अस्पताल के *डॉ. आलोक सिंह* पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पवन मिश्रा ने बताया कि उनकी पत्नी 6 माह की गर्भवती थी, तबीयत खराब होने पर उसे तुलसीपुर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने बताया कि गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी है और ऑपरेशन कर बच्चे को बाहर निकालना पड़ेगा। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने लापरवाही बरतते हुए प्रसूता की *बड़ी आंत काट दी* और मृत बच्चे को गर्भ में ही छोड़ दिया, जिससे प्रसूता की हालत और बिगड़ गई। जब पवन कुमार मिश्रा अपनी पत्नी को दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही मृत बच्चे की डिलीवरी हो गई। बाद में पत्नी को गोंडा और फिर लखनऊ रेफर किया गया। वह अभी जीवित है लेकिन हालत नाजुक बनी हुई है। पवन मिश्रा ने डॉक्टर पर धमकी देने और समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाते हुए FIR की मांग की है। *पीड़ित के साथ खड़े हुए हनुमान प्रसाद -* इस मामले में अब *किसान मजदूर संघर्ष पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान प्रसाद* पीड़ित पति पवन कुमार मिश्रा को न...
आज अन्नकूट के पावन पर्व पर गंगोत्री मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने बताया कि दीपावली के अगले दिन अन्नकूट के पावन पर्व पर 28 अक्तूबर को सुबह से मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना शुरू हो जाएगी।
पूर्वाह्न 11.40 बजे मंदिर के कपाट बंद कर 11.55 बजे गंगा जी की भोग मूर्ति को डोली यात्रा के साथ मुखबा के लिए रवाना की जाएगी। इस दिन डोली यात्रा मुखबा मार्कण्डेय के निकट देवी मंदिर में रात्रि विश्राम करेगी और अगले दिन मां गंगा की भोग मूर्ति को मुखबा स्थित गंगा मंदिर में स्थापित किया जाएगा।
वहीं, भैयादूज पर 29 अक्तूबर को यमुनोत्री मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। 29 अक्तूबर को ही केदारनाथ धाम के कपाट भी बंद हो जाएंगे।
इस बार रिकार्ड संख्या में पहुंचे तीर्थयात्री
चार धाम यात्रा संपन्न होने में अब महज दो दिन शेष बचे हैं। धामों के प्रति लोगों में बढ़ती आस्था और चाक चौबंद यात्रा व्यवस्थाओं के चलते इस बार यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम रिकार्ड संख्या में तीर्थयात्री पहुंचे।
बीते वर्षों से अब तक वर्ष 2011 में सर्वाधिक 9,47,259 तीर्थयात्री इन धामों तक पहुंचे थे, जबकि इस बार कपाट बंद होने से तीन दिन पहले ही 9,93,314 तीर्थयात्री यमुनोत्री एवं गंगोत्री की यात्रा कर चुके हैं। इसमें 5,27,742 यात्री गंगोत्री और 4,65,572 यात्री यमुनोत्री पहुंचे हैं। बीच में वर्ष 2012-13 की आपदा के बाद यात्रा में भारी गिरावट आ गई थी।
बीते वर्षों से अब तक वर्ष 2011 में सर्वाधिक 9,47,259 तीर्थयात्री इन धामों तक पहुंचे थे, जबकि इस बार कपाट बंद होने से तीन दिन पहले ही 9,93,314 तीर्थयात्री यमुनोत्री एवं गंगोत्री की यात्रा कर चुके हैं। इसमें 5,27,742 यात्री गंगोत्री और 4,65,572 यात्री यमुनोत्री पहुंचे हैं। बीच में वर्ष 2012-13 की आपदा के बाद यात्रा में भारी गिरावट आ गई थी।
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