विश्व सिर एवं गर्दन कैंसर दिवस पर इस साल की थीम "आशा की जीत" है। इसे मनाने की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी गोमती नगर स्थित रेमेडी मेडिसिटी के तत्वावधान में संचालित रेमेडी कैंसर केयर, "विश्व सिर एवं गर्दन कैंसर दिवस" के अवसर पर 27 जुलाई 2026 को एक विशेष समारोह "आशा की जीत" का आयोजन किया गया। रेमेडी कैंसर केयर की सर्वश्रेष्ठ कंसलटेंट की टीम के द्वारा अब तक लगभग 2000 से अधिक कैंसर के मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज किया जा चूका है। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार में ऊर्जा मंत्री माननीय श्री ए.के. शर्मा व लखनऊ की महापौर (मेयर) सुषमा खर्कवाल के द्वारा की गयी। माननीय मुख्य अतिथि के द्वारा दीप प्रज्वलित किया गया। माननीय मुख्य अतिथि के द्वारा सर्वप्रथम "विश्व सिर एवं गर्दन कैंसर दिवस" का आयोजन करने के लिए रेमेडी कैंसर केयर की पूरी टीम का धन्यवाद व साथ ही इससे जुड़े ख्याति प्राप्त डॉक्टरों का भी लगभग 2000 से अधिक कैंसर के मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज के लिए धन्यवाद ज्ञापन किया गया। उनके द्वारा इस गंभ...
प्रदेश के आधा दर्जन जिलों के लाखों उपभोक्ताओं को बैंकिंग सेवा मुहैया कराने वाला कांगड़ा केंद्रीय सहकारी (केसीसी) बैंक भीषण संकट में आ गया है। बैंक पहली बार 45 करोड़ रुपये के घाटे में आ गया है। इस घाटे की जानकारी वित्त वर्ष 2018-19 के सालाना ऑडिट होने के बाद सामने आई है, जबकि बैंक प्रबंधन ने ऑडिट से पहले दावा किया था कि बैंक 65 करोड़ के मुनाफे में है। यही नहीं, नियम तोड़कर बांटे करोड़ों के लोन के चलते बैंक का नॉन परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) भी ऑडिट में 25 फीसदी से ज्यादा निकला है।
ऑडिट रिपोर्ट राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) और पंजीयक सहकारी सभाएं (आरसीएस) को भेज दी है। बैंक की इस खस्ता हालत के बाद उसके बैंकिंग लाइसेंस पर खतरा मंडरा सकता है। सहकारी सभाएं एक्ट के तहत पंजीयक सहकारी सभाएं (आरसीएस) को हर साल खुद या किसी सीए फर्म के जरिये प्रदेश के सहकारी बैंकों का ऑडिट कराना होता है।
ऑडिट रिपोर्ट राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) और पंजीयक सहकारी सभाएं (आरसीएस) को भेज दी है। बैंक की इस खस्ता हालत के बाद उसके बैंकिंग लाइसेंस पर खतरा मंडरा सकता है। सहकारी सभाएं एक्ट के तहत पंजीयक सहकारी सभाएं (आरसीएस) को हर साल खुद या किसी सीए फर्म के जरिये प्रदेश के सहकारी बैंकों का ऑडिट कराना होता है।
विशेष ऑडिट कराने के लिए सरकार को लिखा पत्र
ऑडिट में बैंक की इस खस्ता हालत सामने आने के बाद फर्म ने नाबार्ड, आरबीआई और आरसीएस से बैंक का विशेष ऑडिट कराने की सिफारिश कर दी। चूंकि केसीसी बैंक से लाखों उपभोक्ता जुड़े हैं, ऐसे में ऑडिट रिपोर्ट मिलने के बाद नाबार्ड ने इस मामले में बैंक का विशेष ऑडिट कराने के लिए प्रदेश की जयराम सरकार को पत्र लिख दिया है।
ऋण मानदंडों को दरकिनार कर बांटे करोड़ों
ऑडिट में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि बैंक के ऋण मानदंडों (एक्सपोजर नार्म) का उल्लंघन करते हुए बैंक ने अपने करोड़ों रुपये का लोन बांट दिया। यह तब हुआ जब एक्सपोजर नार्म के अनुसार केसीसी बैंक हर व्यक्ति को सिर्फ चालीस लाख रुपये तक का ही लोन दे सकता था, लेकिन बैंक ने लोन लेने वालों को आठ से दस करोड़ रुपये तक का लोन दे डाला। विजिलेंस भी बैंक के इसी करोड़ों के लोन वितरण के खेल की जांच कर रही है।
ऑडिट में बैंक की इस खस्ता हालत सामने आने के बाद फर्म ने नाबार्ड, आरबीआई और आरसीएस से बैंक का विशेष ऑडिट कराने की सिफारिश कर दी। चूंकि केसीसी बैंक से लाखों उपभोक्ता जुड़े हैं, ऐसे में ऑडिट रिपोर्ट मिलने के बाद नाबार्ड ने इस मामले में बैंक का विशेष ऑडिट कराने के लिए प्रदेश की जयराम सरकार को पत्र लिख दिया है।
ऋण मानदंडों को दरकिनार कर बांटे करोड़ों
ऑडिट में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि बैंक के ऋण मानदंडों (एक्सपोजर नार्म) का उल्लंघन करते हुए बैंक ने अपने करोड़ों रुपये का लोन बांट दिया। यह तब हुआ जब एक्सपोजर नार्म के अनुसार केसीसी बैंक हर व्यक्ति को सिर्फ चालीस लाख रुपये तक का ही लोन दे सकता था, लेकिन बैंक ने लोन लेने वालों को आठ से दस करोड़ रुपये तक का लोन दे डाला। विजिलेंस भी बैंक के इसी करोड़ों के लोन वितरण के खेल की जांच कर रही है।
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