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लखनऊ प्रेस क्लब में साहित्य का संगम - पेशवा वंशज ने किया 'संक्रान्ति का संहार' और 'काल यात्रा' का लोकार्पण

  लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ।         उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे‌ हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...

इन गलतियों के कारण ही होती है धन-हानि नए साल में भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां


नए साल 2020 की शुरुआत होने वाली है, हर व्यक्ति चाहता है कि आने वाला वर्ष हर दृष्टि से बेहतर रहे। आर्थिक मजबूती बेहतर जीवन के लिए बहुत अधिक जरुरी है। इंसान इस उम्मीद में रहता ही कि उसके पास धन की कभी भी कमी न रहे, परंतु कही बार मेहनत करने के बाद भी आर्थिक पक्ष कमजोर ही बना रहता है। आज हम आपको वो 3 गलतियां बताने जा रहे हैं जिनकी वजह से धन हानि होती है, नए साल से संकल्प लें कि आप इन गलतियों को नहीं करेंगे।





पूजा का दीपक न बुझाएं


  • नित्य नियम से सुबह और शाम पुजा घर में भगवान के समक्ष दीपक प्रज्वलित करना चाहिए और दीपक को फूंक मारकर कभी भी न बुझाएं। जिन घरों में दीपक को फूंक मारकर बुझा दिया जाता है वहां मां लक्ष्मी नहीं ठहरती है और उस घर में आर्थिक समस्याएं बनी रहती हैं। अगर आप भी यह गलती करते हैं तो अब इस गलती को करना छोड़ दें







    • पितृपक्ष में पितरों का श्राद्ध अवश्य करें 

      • धार्मिक शास्त्रों में बताया गया है कि जिन घरों में पितृपक्ष में पितरों का श्राद्ध नहीं किया जाता है वहां लक्ष्मी नहीं रुकती है। आप भी अगर पितृपक्ष में श्राद्ध कर्म नहीं करते हैं तो इस नए साल में संकल्प लें की आने वाली पितृपक्ष में पितरों का श्राद्ध कर्म करेंगे। पितरों का श्राद्ध कर्म करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।






      नित्य नियम से पूजा पाठ करें


      • जिन घरों में नित्य पूजा पाठ नहीं होता है वहां मां लक्ष्मी का वास नहीं होता है और उस घर में दरिद्रता बनी रहती है। आप भी अगर यह गलती करते हैं तो इस आदत को अब छोड़ दें और नित्य पूजा पाठ का नियम बना लें। नित्य पूजा पाठ करने से सभी तरह की समस्याएं दूर हो जाती हैं।

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