लखनऊ, । हिन्दी दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, कैसरबाग, लखनऊ में 24 ग्रंथों के रचनाकार, चिंतक एवं साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो बहुचर्चित कृतियों—‘संक्रान्ति का संहार’ एवं ‘काल यात्रा : वेद से बर्लिन तक’—का भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर आयोजित साहित्यिक परिचर्चा में इतिहास, भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आधुनिक विश्व के संदर्भ में साहित्य की भूमिका पर गंभीर विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के खचाखच भरे हाल में पेशवा बाजीराव के वंशज एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमंत राजराजेश्वर प्रभाकर नारायणराव पेशवा ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने ‘संक्रान्ति का संहार’ के माध्यम से इतिहास के उस महत्वपूर्ण अध्याय को साहित्य के केंद्र में लाने का उल्लेखनीय कार्य किया है, जिससे पेशवा परिवार और उनके पूर्वजों की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा भी गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के किसी व्यक्तित्व या वंश का उल्लेख इतिहास-ग्रंथों में होना एक बात है, लेकिन साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से जब उन पात्रों को संवेदना, संघर्ष और म...
शशि सुमीत प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित ‘दुर्गा और चारू’ का प्रीमियर 12 दिसंबर को होगा और इसका प्रसारण सोमवार से शुक्रवार रात 8:30 बजे किया जाएगा लखनऊ: टेलीविजन के सबसे ज्यादा पसंद किये गये शोज में से एक ‘बैरिस्टर बाबू’ के दिवंगत बोंदिता और अनिरूद्ध रॉय चौधरी की विरासत को कलर्स के ‘दुर्गा और चारू’ में उनकी बेटियाँ आगे बढ़ाएंगी। चारू अपनी माँ की काया है जबकि दुर्गा उसकी छाया है। इस शो में दो बहनों का सफर दिखाया गया है, जिनके बीच खून का रिश्ता है, लेकिन बचपन में एक-दूसरे से जुदा होने के बाद अलग-अलग ढंग से हुई परवरिश के चलते वह दोनों बहुत अलग हैं। शशि सुमीत प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित इस शो का प्रीमियर 12 दिसंबर को होगा और फिर सोमवार से शुक्रवार रात 8:30 बजे इसका प्रसारण किया जाएगा। चैनल ने दो बहनों- दुर्गा और चारू, की मुख्य भूमिकाएं निभाने के लिये लोकप्रिय एक्टर्स ऑरा भटनागर और वैष्णवी प्रजापति को लिया है। बोंदिता और अनिरूद्ध की बेटियों की किस्मत में आखिर क्या है? क्या वे मिल पाएंगी? इस शो के कलाकारों में ऑरा (दुर्गा) और चंदन आनंद, जोकि बिनॉय (दुर्गा और चारू के दादाजी) ...