लखनऊ वास्तुविद संघ के त्रिदिवसीय सम्मेलन “आविर्भाव” का आयोजन दिनांक ४, ५, ६ नवंबर को होना सुनिश्चित हुआ है । सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य प्राप्त करने में निर्माण उद्योग एवं वास्तुवेदों की भूमिका पर चर्चा करना है । इस सम्मेलन में देश व प्रदेश के विभिन्न भागों से दो हजार से ज्यादा वास्तु विशेषज्ञ शामिल होंगे इसके साथ ही समाज के निर्माण एवं जन जीवन के विभिन्न क्षेत्रों जैसे संस्कृत, पर्यटन, धरोहर, चिकित्सा, शिक्षा, खेलकूद इत्यादि वास्तु विदो के योगदान पर चर्चा होगी । इस तीन दिवसीय सम्मेलन में एक निर्माण प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जा रहा है। इसके द्वारा आम जनता को निर्माण क्षेत्र के नवीनतम तकनीकों व सामग्री के विषय में जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी कार्यक्रम में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग इकाइयों की भागीदारी भी रहेगी इसके अतिरिक्त निर्माण श्रमिकों के लिए कार्यशाला का भी आयोजन किया जाएगा जिसकी जिससे उनकी कार्य कुशलता में वृद्धि एवं उनका जीवन स्तर उन्नति की ओर अग्रसर हो चुके वास्तुकला के अध्ययनरत छात्र-छात्राओं एवं अन्य युवा वर्ग के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से उनका योगदान तथा निर्माण के क्षेत्र में ज्ञान प्राप्ति एवं सरवन का प्रयास भी सुनिश्चित किया गया है इसके साथ ही सम्मेलन में विभिन्न कार्य शालाओं का जैसे कि वैदिक प्लास्टर कार्यशाला जिसमें गाय के गोबर का उपयोग करना सम्मिलित है ।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...

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