Skip to main content

पीड़ित AGM ने लगाई अपनी और परिवार की सुरक्षा की गुहार, बोले- दोबारा हो सकता है हमला

  *लखनऊ।* बीबीडी थाने के अंतर्गत लूट और हमले का शिकार हुए कपिल देव मिश्रा ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर पुलिस कमिश्नर से गुहार लगाई है। पीड़ित का आरोप है कि 3 सितंबर को तिवारीगंज नंदलाल बगिया के पास पास उन पर हुए हमले के पीछे जिन लोगों का हाथ है, उन लोगों के नाम हमलावरों ने खुद बताए थे। पीड़ित ने उन नामों की जानकारी BBD पुलिस को दे दी है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित कपिल देव, जो सेकरा रोड चिनहट पर रहते हैं और AGM के तौर पर अकाउंट्स काम देखते हैं, ने बताया कि वह यहां अकेले रहकर काम करता है। उसे डर है कि कार्रवाई न होने से आरोपी बेखौफ हैं और दोबारा उस पर और उसके परिवार पर हमला कर सकते हैं। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले में जिन लोगों के कहने पर हमला कराया गया है उन पर जल्द कार्रवाई की जाए और उसे व उसके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

राजधानी लखनऊ में तीन दिवसीय कोशल लिटरेचर फेस्टिवल- अवध की विरासत का जश्न , 4 नवंबर से होगी शुरुआत

 


 लखनऊ में तीन दिवसीय उत्सव ‘कोशल लिटरेचर फेस्टिवल’ (केएलएफ अवध) का आयोजन हो रहा है, जिसमें नामचीन लेखकों, इतिहासकारों, पत्रकारों, कहानीकारों और कलाकारों का जमावड़ा होगा। इस प्रथम संस्करण की थीम है- ‘सेलिब्रेटिंग अवध!’

‘केएलएफ अवध’ के सलाहकार बोर्ड में पद्म श्री पुष्पेश पंत (संरक्षक), अंशु खन्ना (सलाहकार), अमिताभ सिंह बघेल (संस्थापक-महोत्सव निदेशक), प्रशांत कुमार सिंह (केएलएफ के संस्थापक और प्रेरणा) और शरद बिंदल (संस्थापक और निदेशक) शामिल हैं।

यह महोत्सव लखनऊ की युवा प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक विशेष मंच प्रदान करके उन्हें प्रोत्साहित भी करेगा।

‘केएलएफ अवध’ के प्रथम संस्करण में आरिफ मोहम्मद खान की उपस्थिति होगी, जो 4 नवंबर को मुख्य भाषण देंगे।

महोत्सव स्थल में तीन मंच होंगे, जिन पर तीन भाषाओं- हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी के साहित्यकार हमारे साथ वक्ता के रूप में प्रतिभाग करेंगे। इस आयोजन में तीन फेस्टिवल डायरेक्टर शिरकत करेंगे- कोलकाता, बेंगलुरु और लखनऊ से सनतकदा के डायरेक्टर।

तीन मंचों पर तीन दिन तक चलने वाले इस महोत्सव के आकर्षण की बात की जाए तो यह बताना जरा मुश्किल होगा, क्योंकि यह पूरा महोत्सव ही अपने आप में एक आकर्षण है। इसका प्रत्येक सत्र खास है जो कला, साहित्य और संस्कृति प्रेमियों को अद्वितीय रचनाशीलता से रूबरू कराएगा।

शेड्यूल के मुताबिक, 4 नवंबर को प्रातः 11 बजे गंगा लॉन में दीप प्रज्ज्वलन से महोत्सव का आरम्भ होगा। उसके बाद ‘केएलएफ अवध’ के सलाहकार पुष्पेश पंत का सम्बोधन। फिर उद्घाटन भाषण के साथ हम अमिताभ सिंह बघेल के साथ होंगे। तत्पश्चात आरिफ मोहम्मद खान का मुख्य वक्तव्य होगा।

स्वागत कार्यक्रम के बाद महोत्सव की गतिविधियाँ शुरू हो जाएंगी, जिसमें पुस्तकों का विमोचन होगा। पाँच सत्र में विभाजित इस अनुभाग में ‘बिसरा चूल्हा बिसरे स्वाद’ पर हम उर्मिला सिंह को मुख्य अतिथि से रूबरू होते हुए देखेंगे। विद्या शाह और यतीन्द्र मिश्र, बेगम अख़्तर और उनकी ग़ज़ल गायिकी पर आधारित ‘अख़्तरी: हमरी अटरिया पे आओ’ पर चर्चा करते नज़र आएंगे। मनीष तिवारी के साथ रोहित गाँधी ‘इंडिया इन द चेंजिंग वर्ल्ड’ पर बात करेंगे। ‘सागा ऑफ भारत: मैजीसियन्स ऑफ माज़दा’ पर अश्विन सांघी और शरद बिंदल की वार्ता होगी।

महोत्सव के दूसरे दिन गंगा लॉन में 6 सत्र आयोजित होंगे। प्रथम सत्र में विक्रम संपत की किताब ‘ब्रेवहार्ट्स ऑफ भारत’ पर लेखक से अमिताभ सिंह बघेल की वार्ता; द्वितीय सत्र में हिंदी की प्रख्यात कथाकार गौरा पंत शिवानी की जन्मशती के परिप्रेक्ष्य में ‘शिवानी की दुनिया’ पर पुष्पेश पंत, प्रत्यक्षा सिन्हा और प्रीति चौधरी की वार्ता; तृतीय सत्र में ‘इंसाटिएबल: माय हंगर फॉर लाइफ’ पर शोभा डे के साथ अंशु खन्ना की वार्ता, ‘मिथ ऑफ माइथोलोजी’ पर आनंद नीलकंटन, अश्विन सांघी और मालविका बैनर्जी की वार्ता; ‘नेमिषारण्य के कहानीकारों’ की बात करेंगे देवदत्त पटनायक पाँचवें सत्र में; फ़िल्मकार तिग्मांशु धूलिया और प्रशांत कुमार की ‘फिल्मी बकैती’ हम देखेंगे छठें सत्र में।

दूसरे दिन ही संत गाडगे प्रेक्षागृह के जो आकर्षण होंगे, उनमें फ़िल्मकार मुजफ्फर अली और मालिनी अवस्थी को हम यतीन्द्र मिश्र के साथ ‘जश्न-ए-अवध’ पर गुफ्तगू करते हुए देखेंगे। हिंडोल सेन गुप्ता और ज्योति देवान के साथ हम गायन, नृत्य और प्रार्थना की दुनिया में चलेंगे। प्रगतिशील लेखक आंदोलन पर रक्षन्दा जलील और अमिताभ सिंह बघेल की वार्ता तथा ‘ज़िक्र: इन द लाइट एंड शेड ऑफ टाइम’ पुस्तक का विमोचन मुजफ्फर अली और जयंत कृष्णा के साथ होंगे। शाम ‘दास्तान-ए-साहिर’ के साथ रोशन होगी, जिसके सूत्रधार होंगे हिमांशु बाजपेयी और प्रज्ञा शर्मा।

तीसरे दिन गंगा लॉन में ही 6 सत्र रहेंगे। इस दौरान ‘गरुण पुराण: डेथ एंड चॉइसेज ऑफ लाइफ’ पर शरद बिंदल के साथ देवदत्त पटनायक करेंगे चर्चा; कार्लाइल मैकफारलैंड, माधवी कुकरेजा, जफर मीर और जयंत कृष्णा की वार्ता ‘लखनऊ के रोमांस’ पर रहेगी केंद्रित; जायकेदार सत्र ‘अवध के लोक व्यंजन’ लेकर आएंगे पुष्पेश पंत, उर्मिला सिंह और नीतू सिंह; अंत में हम मिलेंगे अवध को सेलिब्रेट करते हुए मालिनी अवस्थी से।

संत गाडगे प्रेक्षागृह में समापन दिवस पर ‘अवधी अक़्स’ के आलोक में अखिलेश, हिमांशु बाजपेयी और प्रीति चौधरी की बातचीत होगी। शरद बिंदल की पुस्तक ‘क्लैश ऑफ सिंगुलरिटी’ पर लेखक से साक्षात्कार करेंगी मालविका बैनर्जी। ‘कथा की बोली’ और ‘मन तरंग’ लेकर हाजिर होंगे वीरेंद्र सारंग, संतोष वाल्मीकि, प्रत्यक्षा और केना श्री। समापन संध्या में ‘मालिनी अवस्थी लाइव’ भी एक आकर्षण रहेगा।

इन कार्यक्रमों के अलावा संगीत नाटक अकादमी के यमुना लॉन में तीनों दिन हमें विविध कार्यक्रम देखने को मिलेंगे, जिसमें विभिन्न एज ग्रुप के बच्चे प्रतिभाग करेंगे। ये कार्यक्रम ‘ओपेन माइक’ श्रेणी के तहत रहेंगे। इन कार्यक्रमों में स्टैंड अप कॉमेडी, स्टोरी टेलिंग वर्कशॉप, हिंदी-उर्दू-अंग्रेजी में कविताओं का सत्र चलेगा।

इस महोत्सव में कहने-सुनने को बहुत सी और अच्छी कहानियाँ हैं। यह महोत्सव कई नवीन पहलों के साथ साहित्य, कला और संस्कृति की विरासत को और नजदीक से और सलीके के साथ समझने, बरतने का अवसर देता है।

Comments

POPULAR POSTS

निजी ITI संस्थानों ने उठाई 6 सूत्रीय मांग, 15 मई को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी

यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे। प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है। *प्रमुख मांगें:* 1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है। 2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है। 3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा। 4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...

लखनऊ में विश्व आदिवासी दिवस पर अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ का विशाल समारोह, सरकार से मांगे पूरी करने की मांग

  लखनऊ। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर शनिवार को राजधानी लखनऊ के झूलेलाल वाटिका में अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ द्वारा एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से गोंड समाज के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे और अपनी संस्कृति, परंपरा के साथ-साथ संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया। समारोह के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार के नाम एक स्मारक पत्र तैयार कर उसे शासन को प्रेषित करने की घोषणा की। इस पत्र में गोंड जाति एवं उसकी उपजातियों धुरिया, नायक, ओझा, पठारी और राजगोंड से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का उल्लेख किया गया है। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 17 जिलों में गोंड समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त है, जबकि शेष जिलों में उन्हें अनुसूचित जाति में रखा गया है। इससे जाति प्रमाण पत्र बनवाने में भारी दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने मांग की कि इस विसंगति को दूर कर पूरे उत्तर प्रदेश में गोंड एवं उसकी उपजातियों को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल किया जाए। साथ ही जिनके पास पहले से प्रमाण पत्र हैं उन्हें उसी आधार पर और शे...

एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने प्रदेश स्तरीय बैठक कर बनाई रणनीति

लखनऊ, उ०प्र० राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ (रजि०) की समस्याओं के सम्बन्ध में प्रदेश स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अतिथि के रूप में भारतीय मजदूर संघ से विभाग प्रमुख (पूर्ण कालिक संगठन मंत्री) अश्वनी शुक्ला जी, उ०प्र० राज्य कर्मचारी एशोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष व भारतीय मजदूर संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष लखनऊ हरिशरण मिश्रा जी एवं उनके प्रदेश महामंत्री महेन्द्र कुमार दीक्षित जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। बैठक की अध्यक्षता कर रहे एनएचएम संघ के प्रदेश अध्यक्ष ठा० मयंक प्रताप सिंह ने सभी उपस्थित अतिथियों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया, इस बैठक में प्रदेश के समस्त जनपदों एवं मण्डलों से आये पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। प्रदेश अध्यक्ष मयंक प्रताप सिंह ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत कार्यस्त संविदा कर्मचारियों की गम्भीर समस्याओं का प्रकाश डालते हुये आगामी समय में कर्मचारियों की मुख्य मांगों में नियमितीकरण/समान कार्य समान वेतन, वेतन बढ़ोत्तरी, जॉब सुरक्षा एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा अथवा स्वास्थ्य बीमा शामिल हैं एवं इसके साथ ही कर्मचारियों के मानदेय भुगतान में आ रही समस्याओं क...

नारी सेवा समिति द्वारा आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में जनपद के छात्र-छात्राओं ने दिखाया हुनर

  नारी सेवा समिति द्वारा छात्र/छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जनपद के विभिन्न विद्यालयों की छात्र / छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और अपनी कला एवं कल्पनाशीलता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता तीन वर्गों में आयोजित की गई। वर्ग-क (कक्षा तीन से पाँच तक) में कान्वेंट स्कूल की दिव्यांशी व बाल शिक्षा निकेतन के आदर्श ने प्रथम स्थान प्राप्त किया । जबकि मोना कान्वेंट स्कूल के श्रीवांशी ने द्वितीय तथा भारती बलिका विद्यालय की इशिता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया वर्ग ख (कक्षा 06 से 08 तक) में इलमा फातिमा, नारी कला मन्दिर एवं महिला विद्यालय की अलिया फातिमा को प्रथम स्थान प्रदान किया किया, जबकि नारी शिक्षा निकेतन की अदिका द्वितीय रही। तृतीय स्थान दिव्यांश को प्राप्त हुआ। इसी क्रम में वर्गस (कक्षा 09 से 12 तक) में नारी शिक्षा निकेतन की निवेदिता एवं अलिशा खान ने प्रथम प्राप्त किया। नारी शिक्षा निकेतन की पारुल जयसवाल को द्वितीय तथा जैनब सुफियान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी विजयी छात्र/छात्राए...

अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित करो, डॉ. अलगावेंकटेशन पर हमले के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो

  हम इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राजस्थान स्टेट प्रेसिडेंट डॉ. वी.एन. मदुरै के अलगावेंकटेशन पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं। हम राजस्थान स्टेट गवर्नमेंट से रिक्वेस्ट करते हैं कि डॉक्टरों पर ऐसे हमलों को रोकने के लिए एंटी-सोशल एलिमेंट्स के खिलाफ सही एक्शन लिया जाए। ऐसे में सभी डॉक्टरों को एक साथ खड़ा होना चाहिए और अपने हक और लीगल प्रोटेक्शन के लिए मिलकर लड़ना चाहिए।तमिलनाडु की तरह राजस्थान में भी डॉक्टर्स एंड हॉस्पिटल प्रोटेक्शन एक्ट (TN HPA 48/2008) बनाया जाना चाहिए। साथ ही, इस हमले में शामिल सभी लोगों की पहचान की जानी चाहिए और कानून के मुताबिक उनके खिलाफ सही कार्रवाई की जानी चाहिए। सभी अस्पतालों में सुरक्षा पक्की की जानी चाहिए। साथ ही, अस्पतालों को सुरक्षित इलाका घोषित किया जाना चाहिए। सभी अस्पतालों में CCTV कैमरे लगाए जाने चाहिए और उन्हें पूरी तरह से सुरक्षित रखा जाना चाहिए। सीनियर पुलिस अधिकारियों को यह पक्का करना चाहिए कि पुलिस पेट्रोलिंग गाड़ियां अस्पताल के इलाकों में अक्सर पेट्रोलिंग करें।