उत्तर प्रदेश टिम्बर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष व समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव मोहनीश त्रिवेदी ने अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की प्रदेश युवा इकाई के प्रदेश मंत्री पद से त्यागपत्र देते हुए कहा कि उनके सामने अब दो रास्ते है की वह व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संदीप बंसल जी के अचानक से राजनैतिक राष्ट्रवादी रास्ते पर चले या अपने परबाबा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व पूर्व विधायक स्व. पंडित रामपाल त्रिवेदी जी के दिखाए धर्मनिरपेक्षता के रास्ते पर चले अतः मैंने अपने परबाबा के बताए रास्ते को चुना है। श्री त्रिवेदी ने कहा कि आज एक मूवी को देश और संगठन की राष्ट्रवादीविचारधारा से जोड़ दिया गया है जबकि तमाम आपसी झगड़ों के बावजूद भारत की विश्व में छवि सर्व धर्म एकता की रही है और यही इस देश की खूबसूरती है इसी एकता ने अंग्रेजो को भागने को मजबुर कर दिया था। श्री त्रिवेदी ने कहा कि कोई भी व्यापारी नेता किस दल की राजनीति करे यह उसका व्यक्तिगत अधिकार कर परन्तु संगठन पर अपनी विचारधारा को थोपना कतई उचित नहीं है इस लिए अपनी विचारधारा जो मुझे विरासत में मिली है धर्मनिरपेक्षता की उसे मैं किसी राजनैतिक दल की राजनित व मूवी के कारण बली नहीं चढ़ा सकता इस लिए उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री पद से त्यागपत्र दिया है।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...

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