जैसा कि आप सभी को ज्ञात है कि 2022 के चुनाव का चौथे चरण का नामांकन समाप्त हो गया है, परन्तु भारतीय जन-जन पार्टी को अभी तक चुनाव चिन्ह नहीं मिला है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजन पं मनीष महाजन ने चुनाव चिन्ह व सामाजिक पहलू पर प्रेस वार्ता किया जिसमें पं मनीष महाजन ने बताया कि पार्टी को बिहार विधान सभा चुनाव में भी चुनाव चिन्ह आवन्टित नहीं किया गया तथा अभी उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में भी भिन्न - भिन्न कागज़ की मांग कर समय निकाल दिया और आज तक चुनाव चिन्ह नहीं दिया गया है तथा सनातन धर्म के मानने वालों और ब्राहमण समाज को प्रताड़ित किया जा रहा है। जैसा कि आप सभी को ज्ञात है कि पूर्व में अपने भाषण व कथन को लेकर विगत कई दिनों से हिन्दू हृदय सम्राट कालीचरण महाराज जितेन्द्र त्यागी जी, नरसिम्हा नन्द जी महाराज जेल में बन्द है। जबकि हिन्दूवादी भाजपा सरकार सत्ता में है फिर भी वह कई दिनों से जेल में बन्द है, और दूसरी ए एम आई एम ए के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओवैसी लगातार हिन्दू भाई बहनों व देवी देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करता रहता है, तथा देश के प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी अपशब्द कहता रहता है फिर उसके ऊपर कोई एफ0आई0आर0 क्यो नहीं होती क्या कानून को भी दो आँखों से देखा जाता है। यह सोचने का विषय है, तथा उत्तर प्रदेश में ब्राहमण के ऊपर लगातार प्रहार किये जा रहे है। काजल सिंह के साथ घटना घटी जो कि बहुत दुखद है। उसके अपराधी को तुरन्त पकड़ कर सजा दे दी गई वहीं ब्राहमण पुत्री काजल पाण्डेय के हत्यारे को प्रशासन आज भी खोज रहा है। खुशी दूबे निर्दोष होते हुए आज भी जेल में बन्द है। क्या समाज में अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाना गलत है। क्या सिर्फ भाजपा को ही सनातन की बात कहने का अधिकार है। क्या चुनाव आयोग भाजपा के कहने पर काम कर रही है। आखिर क्यो हमें चुनाव चिन्ह नहीं दिया गया। प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय प्रवक्ता डा0 उमाशंकर मिश्रा, अंजनी कुमार द्विवेदी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष-राजित राम प्रजापति, प्रदेश संगठन मंत्रीविनय सोनकर, जिला अध्यक्ष लोग मौजूद रहे। लखनऊ-अभिषेक दूबे आदि लोग मौजूद रहे ।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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