अनीता वर्मा पुत्री स्व0 भोला नाथ रस्तोगी निवासिनी-ए 21,नई बस्ती, सरोजनीनगर, जिला-लखनऊ की रहने वाली हैं। जिनके पिता स्व0 भोला नाथ रस्तोगी ने अपने जीवन काल में एक फर्म बनाया था जो कि भोला नाथ सरार्फ एण्ड सन्स जो कि गोल दरवाजा, चौक लखनऊ में स्थित है । भोला नाथ रस्तोगी जी की मृत्यू के बाद उक्त फर्म का संचालन उनके बेटे भाई देवेन्द्र कुमार रस्तोगी व॑ गोपाल रस्तोगी निवासी-405/25 , सराय माली खाँ, ठाकुरगंज जिला-लखनऊ कर रहे है । उन्होने अपनी बहन अनीता वर्मा निवाजगंज ठाकुरगंज जिला-लखनऊ में प्लाट दिलाने के एवज मे उनके पति शशी प्रकाश वर्मा से 20 लाख रूपये लिए जो कि उनके भाई देवेन्द्र कमार रस्तोगी ने हडप लिया है उक्त प्लाट के एवज में उनके पति ने देवेन्द्र कुमार रस्तोगी को क्रमशा दिनांक-15.11.2016, व दिनांक-17.11.2016 को 5-5 लाख के दो डाफ्ट व नगद खाते में 5 लाख रूपया जमा करवा था व 5 लाख का एडवांस चेक लिया था उनके पति द्वारा उक्त प्लाट के बारे में पता किया तो पता चला कि उक्त प्लाट मुन्नी देवी नाम की महिला की है तथा उक्त प्लाट विवादित है यह पता चलने पर शशि प्रकाश वर्मा द्वारा अपना दिये हुए रूपयो की मॉग की तो भाई देवेंद्र कुमार टाल-मटोल करने लगा तथा पैसे वापस करने के लिए दो वर्ष का समय माँगा तथा इसी दौरान अनीता वर्मा की माता जी का देहान्त हो गया था। इसके बाद देवेन्द्र कुमार रस्तोगी ने अपने जीजा शशि प्रकाश वर्मा के खिलाफ एक प्रथम सूचना रिपोर्ट थाना-चौक मे मनगढंन्त कहानी बनाकर रितू रस्तोगी को अपनी पत्नी बताकर रितू रस्तोगी से 22 लाख रूपये नगद लेकर हडपने की बात बतायी है जब कि देवेन्द्र कुमार रस्तोगी की पत्नी का नाम माधुरी रस्तोगी है, रितू रस्तोगी उनकी सगे ताऊ बलराम सरार्फ की विधवा बहू व स्व0 बहादुर रस्तोगी की पत्नी है जिसका अबैध सम्बन्ध देवन्द्र कुमार रस्तोगी के साथ है उक्त अवैध सम्बन्धों का विरोध उनकी बहनों व उनके पतियों द्वारा किया गया जिसकी रंजिश में अनीता वर्मा के व उनके पति से रखी हैं इसी रंजिश के तहत उनके पति का पैसा वापस न करने पडे. इसलिए एक झूठी प्रथम सूचना रिपोर्ट अपनी फर्म के फर्जी बिलो के आधार पर अनीता वर्मा के परिवार की समाज में इज्जत खराब करने के लिए लिखायी गयी है तथा अरविन्द रस्तोगी व देवेन्द्र कुमार रस्तोगी द्वारा षणयन्त्र क॑ तहत फर्जी कागजात बनाने व अनीता वर्मा के बच्चों को की हत्या करने की साजिश की आडियो क्लीप भी मौजूद है।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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