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बाल कैंसर देखभाल को मिलेगी मजबूती: HBCH वाराणसी में नर्सिंग वर्कशॉप संपन्न, 95 नर्सों ने सीखे एडवांस स्किल

होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...

सरकार बनने के 10 दिन के अंदर किसानों के सभी कर्ज माफ़ होंगे, प्रदेश का गृहमंत्री दलित वर्ग से होगा- प्रियंका गांधी




 लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस पार्टी ने आज अपना घोषणापत्र ‘‘उन्नति विधान’’ जारी किया। पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने इसे जारी किया। उन्नति विधान में आशा-आंगनबाड़ी बहनों को 10,000 रुपये मानदेय, वृद्धा-विधवा को 1,000 रुपये पेंशन, नई सरकारी नौकरियों में 40 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण, आवारा पशुओं से फसल नुक़सान की भरपाई के लिए प्रति एकड़ 3,000 रुपये का मुआवज़ा देने के साथ गोधन न्याय योजना लागू करते हुए 2 रुपये किलो गोबर ख़रीदने का वादा किया गया है। सच लिखने या दिखाने वाले पत्रकारों के खिलाफ दायर मुकदमें खत्म किए जायेंगे। साथ प्रदेश का गृहमंत्री दलित वर्ग से होने और स्कूलों में बेहतहाश फीस वृद्धि पर रोक लगाने का वादा किया गया है।

प्रेस वार्ता में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में भरपूर समर्थन मिला है। पूरी उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है। घोषणापत्र कमेटी के चेयरमैन सलमान खुर्शीद ने कहा कि प्रियंका गांधी के दिशा निर्देशन में यह घोषणापत्र तैयार हुआ है। इसमें हमारे सहयोगियों को बहुत सहयोग रहा है। हमारा तीसरा घोषणापत्र जारी हो रहा है। इससे पहले महिलाओं के लिए शक्ति विधान घोषणापत्र और युवाओं के लिए भर्ती विधान घोषणापत्र जारी किया जा चुका है।



उन्नति विधान जारी करते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि हमने उत्तर प्रदेश की जनता से चर्चा करके उनके सुझावों को इस घोषणापत्र में शामिल किया। यह घोषणापत्र जनता की आवाज हैं। उत्तर प्रदेश की जनता आज जितनी परेशानियों को झेल रही है वह सब जानते हैं। रोजगार के मुद्दे पर हमने बहुत चर्चाएं की और उनका एक दस्तावेज तैयार हुआ। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार के शपथ लेने के तीन घंटे के अंदर किसानों का कर्ज माफ़ किया गया। यह दस्तावेज उत्तर प्रदेश के लोगों की मांगों का स्वीकृति-पत्र है। इसे तैयार करने के लिए पूरे उत्तर प्रदेश के मंडलों, जिलों और शहरों में सैकड़ों सामाजिक संगठनों और हजारों लोगों से राय ली।  

कांग्रेस ने उन्नति विधान में बताया है कि किसानों के सभी कर्ज सरकार बनने के 10 दिन के अंदर माफहोंगे । धान और गेहूं 2,500 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर खरीदे जाएंगे। गन्ना 400 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा जाएगा। बुंदेलखड जैसे पानी की कमी वाले क्षेत्रों में दालों के उत्पादन को प्रोत्साहन दिया जाएगा और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए दाल मिलों की स्थापना की जाएगी। राज्य के मलीहाबाद और आम का उत्पादन करने वाले दूसरे क्षेत्रों में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जाएंगी।

मेंथा तेल का समर्थन मूल्य तय करने के साथ मेंथा की कीमतों में उतार-चढ़ाव कम करने के विकल्प तलाशे जाएंगे और उन्हें लागू किया जाएगा। साथ ही बाराबंकी में एक सामग्री बोर्ड (उत्तर प्रदेश इंग्रेडिएंट एक्सट्रैक्ट बोर्ड) की स्थापना की जाएगी। आवारा और जंगली पशुओं की वजह से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रति एकड़ 3,000/ रुपये का हर्जाना दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ मॉडल की तर्ज पर गोधन न्याय योजना लागू की जाएगी। इस योजना के तहत गाय के गोबर को 2 रुपये किलो की दर से खरीदा जाएगा।

पानी की कमी वाले क्षेत्रों, विशेषकर बुंदेलखंड में सिंचाई सुनिश्चित करने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। एक विशेष गंगा सफाई और उन्नयन प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। कानपुर जैसे शहरों से अपशिष्ट जल को सिंचाई के उपयोग के लिए नहरों के नेटवर्क के सहारे बुंदेलखंड जैसे इलाकों तक पहुंचाया जाएगा। दो वर्ष के भीतर गांव के तालाबों सहित जलाशयों का मानचित्रण एवं पंजीकरण किया जाएगा। मैन्युफैक्चरिंग में रोजगार पैदा करने के लिए; चमड़ा, जूता, वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण, फर्नीचर, बुनकरी जैसे क्षेत्रों में श्रम आधारित विनिर्माण पर विशेष ध्यान देने के साथ एक नई औद्योगिक नीति की घोषणा की जाएगी।

सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट के तहत गारंटी मुक्त लोन को ठीक तरह लागू किया जाएगा। एक ही जिले के भीतर विभिन्न समूहों को सहायता प्रदान करने के लिए वन प्रोडक्ट वन डिस्ट्रिक्ट पॉलिसी में ढील  दी जाएगी। सभी उद्योग जिनके पास 100 से अधिक इकाइयां है, उन्हें एक क्लस्टर घोषित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग बंद कर दी जाएगी और अनुबंध (संविदा) रोजगार को युक्तिसंगत बनाया जाएगा। अनुबंध कर्मचारियों को अनुभव और सेवा की अवधि के आधार पर चरणबद्ध तरीके से नियमित किया जाएगा। सफाई कर्मियों को नियमित किया जाएगा और इस क्षेत्र में आउटसोर्सिंग को रोका जाएगा। स्कूलों में मिड-डे मील बनाने वाले रसोइयों को 5,000 रुपये प्रति माह का भुगतान किया जाएगा।

सड़कों और राजमार्ग के रख-रखाव के लिए पर्याप्त धन मुहैया कराया जाएगा। जमुना-आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को चार महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा। कांवड़ियों और उर्स यात्रियों द्वारा विशेष उपयोग के लिए मौजूदा राजमार्गों के साथ समानांतर सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसमें उपयुक्त दूरी पर चिकित्सा सेवाओं और विश्राम करने की सुविधा होगी। बौद्ध शांति सर्किट को विकसित और विस्तारित किया जाएगा जिसमें संकिसा, सारनाथ, श्रावस्ती, कुशीनगर, कौशाम्बी और कपिलवस्तु शामिल हैं।

स्लम अपग्रेडेशन को प्राथमिकता दी जाएगी और झुग्गीवासियों को भूमि अधिकार दिए जाएंगे। इंदिरा कैंटीन की स्थापना की जाएगी।  ग्राम प्रधान का वेतन बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रति माह किया जाएगा। चौकीदारों का वेतन बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रति माह किया जाएगा। भूमि अभिलेख कानून को अपडेड करके भूमि अभिलेखों का आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण जाएगा और उपयुक्त सुरक्षा जांच के साथ ई- एक्सेस प्रदान किया जाएगा।

अस्पताल में भर्ती होने वाले हर मरीज के लिए 10 लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की पेशकश की जाएगी। मौजूदा सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को दिए जा रहे बजट में 5ः की वृद्धि की जाएगी। उत्तर प्रदेश के सभी 711 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा 2,880 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आईपीएचएस में अपग्रेड किया जाएगा। यूपी के 20,778 उप स्वास्थ्य केंद्रों में से 15,614 में अभी भी (31 मार्च 2020 तक) बिजली कनेक्शन की कमी है। इन सभी का विद्युतीकरण किया जाएगा। संविदा पर कार्यरत चिकित्सको व नर्सों को समयबद्ध तरीके से स्थायी करने का रास्ता तैयार किया जाएगा।

स्कूल फीस पर मौजूदा नियमों को लागू किया जाएगा। स्कूल प्रबंधन समितियों और ग्राम सभा के अनुमोदन से ही स्कूलों को बंद करने की अनुमति दी जाएगी। इंटरनेट कनेक्शन के साथ ब्लॉक स्तर पर सार्वजनिक पुस्तकालय स्थापित किए जाएंगे। सभी स्कूलों को निर्धारित समय के लिए अपने खेल के मैदान स्थानीय बच्चों को उपलब्ध कराने होंगे। उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के दो लाख खाली पदों को भरा जाएगा। एडहॉक शिक्षकों और शिक्षा मित्रों को उनके अनुभव और सेवा को महत्व देते हुए नियमित किया जाएगा। आंगनवाड़ी और स्कूलों में बच्चों को बनाए रखने के लिए मिड-डे मील आवश्यक है। बच्चों को उचित पोषण मिले यह सुनिश्चित करने के लिए मिड-डे मील का ऑडिट किया जाएगा।

यूपी की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसों की लक्षित संख्या को 400 से बढ़ाकर 2030 तक 6,000 किया जाएगा। पश्चिमी यूपी को विश्व स्तरीय शहरी खनन और रीसाइक्लिंग सेंटर्स में तब्दील किया जाएगा।सभी शहरों में ई-रिक्शा के लिए स्टैंड और चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए एक क्लाइमेट बजटिंग पेश की जाएगी। जलवायु परिवर्तन प्राधिकरण को फंड उपलब्ध कराने के लिए एक राज्य अनुकूलन कोष की स्थापना की जाएगी।

बाढ़ सहित प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव से पीड़ित गरीब परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए एक जोखिम बीमा योजना की स्थापना की जाएगी। अनुसूचित जाति के छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी। अनुसूचित जाति के सरकारी कर्मचारियों को पदोत्रति में आरक्षण दिया जाएगा। राज्य के गृह मंत्री दलित वर्ग से होंगे। कांग्रेस पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि हाथ से मैला उठाने वाले लोग सभी सरकारी पुनर्वास पैकेजों से लाभान्वित हो और उनके बच्चे कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करें ताकि ये अलग-अलग तरह के रोजगार प्राप्त कर सकें। अनुसूचित जाति के खिलाफ हिंसा के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बिना देरी के एफआईआर दर्ज की जाए।

यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी ओबीसी उप जातियों को आरक्षण का लाभ मिले, जिसमें सबसे पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) श्रेणी के लिए उप-कोटा भी शामिल होगा। निषाद और मल्लाह समुदायों को, जो लंबे समय से उन क्षेत्रों में बसे हुए हैं, उन्हें नदियों और नदी के किनारों पर अधिकार प्रदान करेंगे। ओबीसी आरक्षित सीटों को शिक्षा, पुलिस और स्वास्थ्य सेवा में समयबद्ध तरीके से भरा जाएगा। पदोन्नति में आरक्षण पर सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करने के लिए सरकार जल्द से जल्द एक ओबीसी सर्वेक्षण करवाएगी।

प्रबंधन और नियुक्तियों से संबंधित मामलों में अल्पसंख्यक संस्थानों की संवैधानिक स्वायत्तता बहाल की जाएगी। दलित और ओबीसी छात्रों की तरह अल्पसंख्यक छात्रों को भी मॉडल स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। निष्पक्षता और समानता स्थापित करने के लिए सरकारी नौकरी में अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व का उचित प्रावधान किया जाएगा।

शासन में बेहतर भागीदारी और प्रतिनिधित्व के लिए हम कारीगरों और बुनकरों के लिए सीट सुरक्षित करने के साथ विधान परिषद का विस्तार करेंगे। पसमांदा मुसलामानों के कल्याण के लिए एक पसमांदा आयोग की स्थापना की जाएगी। अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी। अनुसूचित जनजाति के सरकारी कर्मचारियों को प्रोन्नति में आरक्षण दिया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लघु वनोपज के अधिकार और परंपरागत रूप से कब्जे वाली वन भूमि पर बसावटों की रक्षा की जाए।

कोल समुदाय को आदिवासी जनजाति का दर्जा दिया जाएगा। कम आय वाले दिव्यांग व्यक्तियों को मिलने वाली पेंशन को बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह किया जाएगा। ग्राम स्तर के उद्यमियों को दिए जाने वाले सभी नए कॉमन सर्विस सेंटर्स में से 25ः दिव्यांगों के लिए आरक्षित होंगे। अवधी, बृजभाषा, भोजपुरी, बघेली, बुंदेली, कोरवी और खड़ी बोली जैसी पारंपरिक भाषाओं के संरक्षण और विकास के लिए राज्य की ओर से पर्याप्त मदद दी जाएगी। प्रयागराज और वाराणसी में माँ गंगा को समर्पित उत्सव मनाया जाएगा। भगवान परशुराम जयंती पर अवकाश रहेगा। महिला पुलिस कर्मियों को उनके गृह जनपद में पोस्टिंग की अनुमति दी जाएगी साथ ही पूर्व सैनिकों के लिए विधानपरिषद में एक सीट आरक्षित की जाएगी।
 
इस मौके पर घोषणापत्र कमेटी के चेयरमैन, पूर्व केंद्रीय मंत्री व पार्टी के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद, उत्तर प्रदेश कांग्रेस इलेक्शन कैंपेन कमेटी के चेयरमैन पीएल पुनिया, प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, नेता विधानमंडल दल आराधना मिश्रा मोना, राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमती सुप्रिया श्रीनेत, मीडिया एंड कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन व पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी समेत भारी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।चुनावों के लिए कांग्रेस पार्टी ने आज अपना घोषणापत्र ‘‘उन्नति विधान’’ जारी किया। पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने इसे जारी किया। उन्नति विधान में आशा-आंगनबाड़ी बहनों को 10,000 रुपये मानदेय, वृद्धा-विधवा को 1,000 रुपये पेंशन, नई सरकारी नौकरियों में 40 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण, आवारा पशुओं से फसल नुक़सान की भरपाई के लिए प्रति एकड़ 3,000 रुपये का मुआवज़ा देने के साथ गोधन न्याय योजना लागू करते हुए 2 रुपये किलो गोबर ख़रीदने का वादा किया गया है। सच लिखने या दिखाने वाले पत्रकारों के खिलाफ दायर मुकदमें खत्म किए जायेंगे। साथ प्रदेश का गृहमंत्री दलित वर्ग से होने और स्कूलों में बेहतहाश फीस वृद्धि पर रोक लगाने का वादा किया गया है।

प्रेस वार्ता में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में भरपूर समर्थन मिला है। पूरी उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है। घोषणापत्र कमेटी के चेयरमैन सलमान खुर्शीद ने कहा कि प्रियंका गांधी के दिशा निर्देशन में यह घोषणापत्र तैयार हुआ है। इसमें हमारे सहयोगियों को बहुत सहयोग रहा है। हमारा तीसरा घोषणापत्र जारी हो रहा है। इससे पहले महिलाओं के लिए शक्ति विधान घोषणापत्र और युवाओं के लिए भर्ती विधान घोषणापत्र जारी किया जा चुका है।

उन्नति विधान जारी करते हुए कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ने बताया कि हमने उत्तर प्रदेश की जनता से चर्चा करके उनके सुझावों को इस घोषणापत्र में शामिल किया। यह घोषणापत्र जनता की आवाज हैं। उत्तर प्रदेश की जनता आज जितनी परेशानियों को झेल रही है वह सब जानते हैं। रोजगार के मुद्दे पर हमने बहुत चर्चाएं की और उनका एक दस्तावेज तैयार हुआ। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार के शपथ लेने के तीन घंटे के अंदर किसानों का कर्ज माफ़ किया गया। यह दस्तावेज उत्तर प्रदेश के लोगों की मांगों का स्वीकृति-पत्र है। इसे तैयार करने के लिए पूरे उत्तर प्रदेश के मंडलों, जिलों और शहरों में सैकड़ों सामाजिक संगठनों और हजारों लोगों से राय ली।  

कांग्रेस ने उन्नति विधान में बताया है कि किसानों के सभी कर्ज सरकार बनने के 10 दिन के अंदर माफहोंगे । धान और गेहूं 2,500 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर खरीदे जाएंगे। गन्ना 400 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा जाएगा। बुंदेलखड जैसे पानी की कमी वाले क्षेत्रों में दालों के उत्पादन को प्रोत्साहन दिया जाएगा और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए दाल मिलों की स्थापना की जाएगी। राज्य के मलीहाबाद और आम का उत्पादन करने वाले दूसरे क्षेत्रों में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जाएंगी।

मेंथा तेल का समर्थन मूल्य तय करने के साथ मेंथा की कीमतों में उतार-चढ़ाव कम करने के विकल्प तलाशे जाएंगे और उन्हें लागू किया जाएगा। साथ ही बाराबंकी में एक सामग्री बोर्ड (उत्तर प्रदेश इंग्रेडिएंट एक्सट्रैक्ट बोर्ड) की स्थापना की जाएगी। आवारा और जंगली पशुओं की वजह से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रति एकड़ 3,000/ रुपये का हर्जाना दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ मॉडल की तर्ज पर गोधन न्याय योजना लागू की जाएगी। इस योजना के तहत गाय के गोबर को 2 रुपये किलो की दर से खरीदा जाएगा।

पानी की कमी वाले क्षेत्रों, विशेषकर बुंदेलखंड में सिंचाई सुनिश्चित करने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। एक विशेष गंगा सफाई और उन्नयन प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। कानपुर जैसे शहरों से अपशिष्ट जल को सिंचाई के उपयोग के लिए नहरों के नेटवर्क के सहारे बुंदेलखंड जैसे इलाकों तक पहुंचाया जाएगा। दो वर्ष के भीतर गांव के तालाबों सहित जलाशयों का मानचित्रण एवं पंजीकरण किया जाएगा। मैन्युफैक्चरिंग में रोजगार पैदा करने के लिए; चमड़ा, जूता, वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण, फर्नीचर, बुनकरी जैसे क्षेत्रों में श्रम आधारित विनिर्माण पर विशेष ध्यान देने के साथ एक नई औद्योगिक नीति की घोषणा की जाएगी।

सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट के तहत गारंटी मुक्त लोन को ठीक तरह लागू किया जाएगा। एक ही जिले के भीतर विभिन्न समूहों को सहायता प्रदान करने के लिए वन प्रोडक्ट वन डिस्ट्रिक्ट पॉलिसी में ढील  दी जाएगी। सभी उद्योग जिनके पास 100 से अधिक इकाइयां है, उन्हें एक क्लस्टर घोषित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग बंद कर दी जाएगी और अनुबंध (संविदा) रोजगार को युक्तिसंगत बनाया जाएगा। अनुबंध कर्मचारियों को अनुभव और सेवा की अवधि के आधार पर चरणबद्ध तरीके से नियमित किया जाएगा। सफाई कर्मियों को नियमित किया जाएगा और इस क्षेत्र में आउटसोर्सिंग को रोका जाएगा। स्कूलों में मिड-डे मील बनाने वाले रसोइयों को 5,000 रुपये प्रति माह का भुगतान किया जाएगा।

सड़कों और राजमार्ग के रख-रखाव के लिए पर्याप्त धन मुहैया कराया जाएगा। जमुना-आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को चार महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा। कांवड़ियों और उर्स यात्रियों द्वारा विशेष उपयोग के लिए मौजूदा राजमार्गों के साथ समानांतर सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिसमें उपयुक्त दूरी पर चिकित्सा सेवाओं और विश्राम करने की सुविधा होगी। बौद्ध शांति सर्किट को विकसित और विस्तारित किया जाएगा जिसमें संकिसा, सारनाथ, श्रावस्ती, कुशीनगर, कौशाम्बी और कपिलवस्तु शामिल हैं।

स्लम अपग्रेडेशन को प्राथमिकता दी जाएगी और झुग्गीवासियों को भूमि अधिकार दिए जाएंगे। इंदिरा कैंटीन की स्थापना की जाएगी।  ग्राम प्रधान का वेतन बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रति माह किया जाएगा। चौकीदारों का वेतन बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रति माह किया जाएगा। भूमि अभिलेख कानून को अपडेड करके भूमि अभिलेखों का आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण जाएगा और उपयुक्त सुरक्षा जांच के साथ ई- एक्सेस प्रदान किया जाएगा।

अस्पताल में भर्ती होने वाले हर मरीज के लिए 10 लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की पेशकश की जाएगी। मौजूदा सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को दिए जा रहे बजट में 5ः की वृद्धि की जाएगी। उत्तर प्रदेश के सभी 711 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा 2,880 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आईपीएचएस में अपग्रेड किया जाएगा। यूपी के 20,778 उप स्वास्थ्य केंद्रों में से 15,614 में अभी भी (31 मार्च 2020 तक) बिजली कनेक्शन की कमी है। इन सभी का विद्युतीकरण किया जाएगा। संविदा पर कार्यरत चिकित्सको व नर्सों को समयबद्ध तरीके से स्थायी करने का रास्ता तैयार किया जाएगा।

स्कूल फीस पर मौजूदा नियमों को लागू किया जाएगा। स्कूल प्रबंधन समितियों और ग्राम सभा के अनुमोदन से ही स्कूलों को बंद करने की अनुमति दी जाएगी। इंटरनेट कनेक्शन के साथ ब्लॉक स्तर पर सार्वजनिक पुस्तकालय स्थापित किए जाएंगे। सभी स्कूलों को निर्धारित समय के लिए अपने खेल के मैदान स्थानीय बच्चों को उपलब्ध कराने होंगे। उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के दो लाख खाली पदों को भरा जाएगा। एडहॉक शिक्षकों और शिक्षा मित्रों को उनके अनुभव और सेवा को महत्व देते हुए नियमित किया जाएगा। आंगनवाड़ी और स्कूलों में बच्चों को बनाए रखने के लिए मिड-डे मील आवश्यक है। बच्चों को उचित पोषण मिले यह सुनिश्चित करने के लिए मिड-डे मील का ऑडिट किया जाएगा।

यूपी की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसों की लक्षित संख्या को 400 से बढ़ाकर 2030 तक 6,000 किया जाएगा। पश्चिमी यूपी को विश्व स्तरीय शहरी खनन और रीसाइक्लिंग सेंटर्स में तब्दील किया जाएगा।सभी शहरों में ई-रिक्शा के लिए स्टैंड और चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए एक क्लाइमेट बजटिंग पेश की जाएगी। जलवायु परिवर्तन प्राधिकरण को फंड उपलब्ध कराने के लिए एक राज्य अनुकूलन कोष की स्थापना की जाएगी।

बाढ़ सहित प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव से पीड़ित गरीब परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने के लिए एक जोखिम बीमा योजना की स्थापना की जाएगी। अनुसूचित जाति के छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी। अनुसूचित जाति के सरकारी कर्मचारियों को पदोत्रति में आरक्षण दिया जाएगा। राज्य के गृह मंत्री दलित वर्ग से होंगे। कांग्रेस पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि हाथ से मैला उठाने वाले लोग सभी सरकारी पुनर्वास पैकेजों से लाभान्वित हो और उनके बच्चे कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करें ताकि ये अलग-अलग तरह के रोजगार प्राप्त कर सकें। अनुसूचित जाति के खिलाफ हिंसा के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बिना देरी के एफआईआर दर्ज की जाए।

यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी ओबीसी उप जातियों को आरक्षण का लाभ मिले, जिसमें सबसे पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) श्रेणी के लिए उप-कोटा भी शामिल होगा। निषाद और मल्लाह समुदायों को, जो लंबे समय से उन क्षेत्रों में बसे हुए हैं, उन्हें नदियों और नदी के किनारों पर अधिकार प्रदान करेंगे। ओबीसी आरक्षित सीटों को शिक्षा, पुलिस और स्वास्थ्य सेवा में समयबद्ध तरीके से भरा जाएगा। पदोन्नति में आरक्षण पर सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करने के लिए सरकार जल्द से जल्द एक ओबीसी सर्वेक्षण करवाएगी।

प्रबंधन और नियुक्तियों से संबंधित मामलों में अल्पसंख्यक संस्थानों की संवैधानिक स्वायत्तता बहाल की जाएगी। दलित और ओबीसी छात्रों की तरह अल्पसंख्यक छात्रों को भी मॉडल स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। निष्पक्षता और समानता स्थापित करने के लिए सरकारी नौकरी में अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व का उचित प्रावधान किया जाएगा।

शासन में बेहतर भागीदारी और प्रतिनिधित्व के लिए हम कारीगरों और बुनकरों के लिए सीट सुरक्षित करने के साथ विधान परिषद का विस्तार करेंगे। पसमांदा मुसलामानों के कल्याण के लिए एक पसमांदा आयोग की स्थापना की जाएगी। अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी। अनुसूचित जनजाति के सरकारी कर्मचारियों को प्रोन्नति में आरक्षण दिया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लघु वनोपज के अधिकार और परंपरागत रूप से कब्जे वाली वन भूमि पर बसावटों की रक्षा की जाए।

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इस मौके पर घोषणापत्र कमेटी के चेयरमैन, पूर्व केंद्रीय मंत्री व पार्टी के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद, उत्तर प्रदेश कांग्रेस इलेक्शन कैंपेन कमेटी के चेयरमैन पीएल पुनिया, प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, नेता विधानमंडल दल आराधना मिश्रा मोना, राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमती सुप्रिया श्रीनेत, मीडिया एंड कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन व पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी समेत भारी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे। प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है। *प्रमुख मांगें:* 1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है। 2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है। 3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा। 4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...

एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने प्रदेश स्तरीय बैठक कर बनाई रणनीति

लखनऊ, उ०प्र० राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ (रजि०) की समस्याओं के सम्बन्ध में प्रदेश स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अतिथि के रूप में भारतीय मजदूर संघ से विभाग प्रमुख (पूर्ण कालिक संगठन मंत्री) अश्वनी शुक्ला जी, उ०प्र० राज्य कर्मचारी एशोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष व भारतीय मजदूर संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष लखनऊ हरिशरण मिश्रा जी एवं उनके प्रदेश महामंत्री महेन्द्र कुमार दीक्षित जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। बैठक की अध्यक्षता कर रहे एनएचएम संघ के प्रदेश अध्यक्ष ठा० मयंक प्रताप सिंह ने सभी उपस्थित अतिथियों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया, इस बैठक में प्रदेश के समस्त जनपदों एवं मण्डलों से आये पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। प्रदेश अध्यक्ष मयंक प्रताप सिंह ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत कार्यस्त संविदा कर्मचारियों की गम्भीर समस्याओं का प्रकाश डालते हुये आगामी समय में कर्मचारियों की मुख्य मांगों में नियमितीकरण/समान कार्य समान वेतन, वेतन बढ़ोत्तरी, जॉब सुरक्षा एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा अथवा स्वास्थ्य बीमा शामिल हैं एवं इसके साथ ही कर्मचारियों के मानदेय भुगतान में आ रही समस्याओं क...

स्वर्ण व्यवसायी को गोली मारकर लूट, सर्राफा व्यापारियों में दहशत; पुलिस पर असंवेदनशीलता का आरोप

गोंडा: जनपद के बभनान बाजार, थाना छपिया क्षेत्र में 19 अप्रैल 2026 को स्वर्ण व्यवसायी समर कसौधन को गोली मारकर आभूषण लूट की घटना से सर्राफा कारोबारियों में भय का माहौल है। घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली को लेकर व्यापारियों में भारी असंतोष है। व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन, लगाए ये आरोप सर्राफा एवं स्वर्ण व्यवसायियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर बताया कि पीड़ित समर कसौधन ने खुद बयान दिया है, जिसका वीडियो भी मौजूद है। इसके बावजूद पुलिस ने उनके भाई की तहरीर पर केस दर्ज किया, जो दबाव में लिखी लगती है। व्यापारियों ने मांग की कि मामले को छिनैती के बजाय लूट व हत्या के प्रयास की धाराओं में दर्ज किया जाए। ये हैं प्रमुख मांगें 1. पीड़ित के बयान के आधार पर लूट व हत्या के प्रयास में मुकदमा दर्ज हो। 2. समय सीमा में खुलासा कर अपराधियों की गिरफ्तारी और 100% बरामदगी हो। 3. स्वर्ण व्यवसायी क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए। 4. आत्मरक्षा के लिए स्वर्ण व्यापारियों को प्राथमिकता पर शस्त्र लाइसेंस दिए जाएं। व्यापारियों का कहना है कि घटना के बाद से माल के आवागमन में असुरक्षा महसूस हो रही है और व्य...

राजधानी लखनऊ में आयोजित हुआ उ० प्र० राज्य सेतु निगम एम्पलाइज यूनियन का द्विवार्षिक अधिवेशन एवं सम्मान समारोह

उ०प्र० राज्य सेतु निगम इम्प्लाईज यूनियन की स्थापना के 34 वर्ष पूर्ण होने तथा इम्प्लाईज यूनियन की केन्द्रीय कार्यकारिणी के 17वें द्विवार्षिक अधिवेशन / द्विवार्षिक चुनाव (2026-28) के अवसर पर यूनियन की पूर्व घोषित सूचना के अनुसार सेतु निगम मुख्यालय प्रांगण में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन यूनियन के केन्द्रीय महामंत्री श्री शिशिर गुप्ता द्वारा किया गया। उक्त आयोजन में प्रदेश स्तर के कर्मचारी नेता यथा श्री वी०पी० मिश्रा, राष्ट्रीय अध्यक्ष (इप्सेफ) एवं अध्यक्ष, उ०प्र० कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा, श्री सतीश पाण्डेय अध्यक्ष, जवाहर भवन इन्दिरा भवन कर्मचारी महासंघ, श्री अख्तर अली सिद्दीकी, अध्यक्ष चतुर्थ श्रेणी सचिवालय संघ, श्री सुरेश रावत, अध्यक्ष, उ०प्र० संयुक्त कर्मचारी परिषद, श्री शिवकुमार यादव, अध्यक्ष, लो०नि०वि० परिवहन चालक संघ, श्री मनोज कुमार मिश्रा, अध्यक्ष, उ०प्र० राज्य निगम कर्मचारी महासंघ, श्री शशि कुमार मिश्रा, महामंत्री, कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा तथा अध्यक्ष उ०प्र० स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ, श्री दिवाकर सिंह, प्रान्तीय अध्यक्ष, उ०प्र० फेडरेशन ऑ...

नारायण एजुकेशनल इंस्टिट्यूशंस, लखनऊ ने असाधारण परिणामों की घोषणा की

लखनऊ, २४ अप्रैल २०२६: नारायण एजुकेशनल इंस्टिट्यूशंस, जंकिपुरम, लखनऊ ने जेईई मेन २०२६ और सीबीएसई कक्षा १० (२०२५–२६) परीक्षाओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त कर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता की विरासत को मजबूत किया है। जेईई मेन २०२६ के परिणामों में संस्थान ने एयर ३ प्राप्त किया, साथ ही महिला एयर १, ओबीसी (एनसीएल) एयर १ और सामान्य (ईडब्ल्यूएस) एयर १ भी हासिल किया। इसके अतिरिक्त, नारायण के २७ विद्यार्थियों ने टॉप १०० में जगह बनाई और १७३ विद्यार्थी टॉप १००० में शामिल हुए, जिनमें से ७ विद्यार्थियों ने १०० प्रतिशत अंक प्राप्त किए। उत्तर प्रदेश में, २३७ छात्रों ने जेईई एडवांस्ड के लिए क्वालीफाई किया, जिनमें से १७ छात्रों ने ९९ प्रतिशत से ऊपर स्कोर किया। सीबीएसई कक्षा १० के परिणामों में १०० प्रतिशत पास प्रतिशत रहा, जिसमें १९ छात्रों ने ९० प्रतिशत से ऊपर अंक प्राप्त किए और ९ छात्रों ने आईटी में पूर्ण अंक हासिल किए। शीर्ष प्रदर्शन करने वालों में शामिल हैं: - उमिका कथ (९७.४%) - पाखी मिश्रा (९६%) - कार्तिकेय त्रिपाठी (९४.८%) इस सफलता का श्रेय संगठित शैक्षणिक योजना, अनुभवी शिक्षकों और सतत प्रदर्शन मूल्...