पद्म भूषण से सम्मानित लोक गायिका शारदा सिन्हा ने कोरोना को मात दे दी है। सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर खुद शारदा सिन्हा ने इस बात की पुष्टि की है। सोशल मीडिया पर जो वीडियो सामने आया है, उसमें शारदा सिन्हा अस्पताल में नजर आ रही हैं और स्वास्थ कर्मचारी उनको फूल माला पहना रही हैं। याद दिला दें कि कुछ दिनों पहले शारदा सिन्हा के निधन की खबर तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने लगे थे। जिसके बाद खुद शारदा सिन्हा ने सामने आकर अपनी मौत की फर्जी खबर को अफवाह बताया था। उनके बेटे ने एक वीडियो जारी किया था। जिसमें शारदा सिन्हा ने कहा था कि उनका कोरोना वायरस का इलाज चल रहा है। इलाज से सुधार भी हो रहा है। लोग अफवाहों पर ध्यान न दें। शारदा सिन्हा ने अपने चाहने वालों से अपील करते हुए कहा कि उनकी दुआओं से वह जरूर स्वस्थ होकर उनके बीच आएंगी। उनके बेटे ने भी उनकी मौत की खबर को अफवाह बताया था। शारदा ने कोरोना संक्रमित होने की जानकारी फेसबुक के माध्यम से ही अपने फैंस को दी थी। शारदा ने अपने फेसबुक अकाउंट से फैंस के लिए एक वीडियो साझा किया था। वीडियो में शारदा सिन्हा यह कहती हुई नजर आ रही थीं कि उन्होंने हर संभव कोशिश की थी कि वे इस महामारी से बची रहें, लेकिन इसके बाद भी कोरोना ने दस्तक दे दी। शारदा ने कहा था कि फिलहाल उन्हें उनके फैंस की दुआओं की बहुत जरूरत है और जब वो ठीक होकर लौंटेंगी तो फिर से अपने चाहने वालों से बात करेंगी। गौरतलब है कि शारदा सिन्हा को छठ गीतों से प्रसिद्धी मिली थी।शारदा के मशहूर गीतों में 'सूप लेले घाट पर....', 'मोरा भईया जाला..' और 'पहिले पहिल हम कईनी छठी मइया वरत तोहार...' शामिल हैं।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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