होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और स्वतंत्रता सेनानी अमृत कौर को टाइम मैगजीन ने पिछली सदी की 100 प्रभावशाली महिलाओं की सूची में शामिल किया है। टाइम मैगजीन ने ‘स्पॉटलाइट्स इंफ्लूएंशल वूमन हू वर ऑफ्टन ओवरशैडोड’ नाम से एक सूची जारी की।
टाइम मैगजीन ने साल 1947 और 1976 के लिए क्रमश: अमृत कौर व इंदिरा गांधी को वूमन ऑफ द ईयर बताते हुए मैगजीन के विशेष संस्करण में प्रकाशित किया है। टाइम स्टाफ और विशेषज्ञों द्वारा कई महीने लंबी चली प्रक्रिया के बाद 600 नामांकन में से 100 प्रभावशाली महिलाओं का चयन किया गया।
टाइम मैगजीन ने वूमन ऑफ द ईयर परियोजना छापने पर कहा कि पिछले 72 सालों से हम मैन ऑफ द इयर छापते थे, जिसमें कोई प्रभावशाली पुरुष राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या फिर कोई प्रमुख उद्योगपति होता था। साल 1999 में इसे बदलकर पर्सन ऑफ द ईयर किया गया ताकि यह ज्यादा समावेशी और लैंगिक संवेदनशील हो सके, इसके बावजूद पसंद पुरुष ही होते थे।
मैगजीन के मुताबिक साल की 100 प्रभावशाली महिला परियोजना के जरिये उसने उन प्रभावशाली महिलाओं को सामने लाने की कोशिश की जिनकी छवि उभर कर सामने नहीं आ सकी। इसमें ऐसी महिलाएं शामिल हैं जिन्होंने उन पदों पर कब्जा कर लिया है, जहां से पुरुषों को अक्सर चुना जाता था, लेकिन इन महिलाओं ने अपनी सक्रियता या संस्कृति के जरिये अपना प्रभाव जमाया।
टाइम मैगजीन ने साल 1947 और 1976 के लिए क्रमश: अमृत कौर व इंदिरा गांधी को वूमन ऑफ द ईयर बताते हुए मैगजीन के विशेष संस्करण में प्रकाशित किया है। टाइम स्टाफ और विशेषज्ञों द्वारा कई महीने लंबी चली प्रक्रिया के बाद 600 नामांकन में से 100 प्रभावशाली महिलाओं का चयन किया गया।
टाइम मैगजीन ने वूमन ऑफ द ईयर परियोजना छापने पर कहा कि पिछले 72 सालों से हम मैन ऑफ द इयर छापते थे, जिसमें कोई प्रभावशाली पुरुष राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या फिर कोई प्रमुख उद्योगपति होता था। साल 1999 में इसे बदलकर पर्सन ऑफ द ईयर किया गया ताकि यह ज्यादा समावेशी और लैंगिक संवेदनशील हो सके, इसके बावजूद पसंद पुरुष ही होते थे।
मैगजीन के मुताबिक साल की 100 प्रभावशाली महिला परियोजना के जरिये उसने उन प्रभावशाली महिलाओं को सामने लाने की कोशिश की जिनकी छवि उभर कर सामने नहीं आ सकी। इसमें ऐसी महिलाएं शामिल हैं जिन्होंने उन पदों पर कब्जा कर लिया है, जहां से पुरुषों को अक्सर चुना जाता था, लेकिन इन महिलाओं ने अपनी सक्रियता या संस्कृति के जरिये अपना प्रभाव जमाया।
ये भी शामिल
डिजाइनर कोको चैनल, लेखिका वर्जीना वूल्फ, महारानी एलिजाबेथ, अभिनेत्री मार्लिन मोनरो, राजकुमारी डायना, चीनी फार्मासिटीकल केमिस्ट टू,यूयू, सादाको ओगाता और मिशेल ओबामा
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