होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
मध्यप्रदेश में जारी सियासी खींचतान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भाजपा में शामिल होने पर ज्योतिरादित्य सिंधिया पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्यसभा की टिकट और मोदी कैबिनेट में मंत्री पद के लिए आपने कांग्रेस और गांधी परिवार को धोखा दिया।
दिग्विजय ने यह भी खुलासा किया कि उन्हें भी आज से 50 साल पहले जनसंघ (अब भाजपा) में शामिल होने का ऑफर मिला था। लेकिन उन्होंने मना कर दिया था। उन्होंने बताया कि वे आज भी राजमाता विजया राजे सिंधिया का बहुत सम्मान करते हैं।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि राजमाता ने 1970 में जनसंघ में शामिल होने को कहा था। उस समय वे राघौगढ़ नगर पालिया के अध्यक्ष थे। लेकिन, गोलवरकर के विचारों को पढ़ने और आरएसएस के नेताओं के साथ बातचीत करने के बाद उन्होंने जनसंघ में शामिल होने से मना कर दिया था।
दिग्विजय ने कहा कि मैंने कभी यह उम्मीद नहीं की थी कि महाराज (क्षमा करें, क्योंकि मैं खुद एक सामंती पृष्ठभूमि से आता हूं, मैं उन्हें ज्योतिरादित्य के रूप में संबोधित नहीं करता) कांग्रेस और गांधी परिवार को धोखा दे सकते हैं। वह भी किसके लिए- मोदी शाह के अंदर राज्यसभा की सीट और कैबिनेट मंत्री पद ले लिए। मुझे दुख है कि मैंने कभी भी आपसे यह उम्मीद नहीं की थी।
दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मैं पीएम मोदी प्रशंसक नहीं हूं बल्कि उनके सबसे कड़वे आलोचकों में हूं। लेकिन, मैं हर अवसर पर देश को ध्रुवीकृत करने के उनके साहस और साहसपूर्ण प्रयास की प्रशंसा करता हूं। मैं संघ / भाजपा से बिलकुल सहमत नहीं हूं लेकिन उनकी विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा करता हूं।
दिग्विजय ने यह भी खुलासा किया कि उन्हें भी आज से 50 साल पहले जनसंघ (अब भाजपा) में शामिल होने का ऑफर मिला था। लेकिन उन्होंने मना कर दिया था। उन्होंने बताया कि वे आज भी राजमाता विजया राजे सिंधिया का बहुत सम्मान करते हैं।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि राजमाता ने 1970 में जनसंघ में शामिल होने को कहा था। उस समय वे राघौगढ़ नगर पालिया के अध्यक्ष थे। लेकिन, गोलवरकर के विचारों को पढ़ने और आरएसएस के नेताओं के साथ बातचीत करने के बाद उन्होंने जनसंघ में शामिल होने से मना कर दिया था।
दिग्विजय ने कहा कि मैंने कभी यह उम्मीद नहीं की थी कि महाराज (क्षमा करें, क्योंकि मैं खुद एक सामंती पृष्ठभूमि से आता हूं, मैं उन्हें ज्योतिरादित्य के रूप में संबोधित नहीं करता) कांग्रेस और गांधी परिवार को धोखा दे सकते हैं। वह भी किसके लिए- मोदी शाह के अंदर राज्यसभा की सीट और कैबिनेट मंत्री पद ले लिए। मुझे दुख है कि मैंने कभी भी आपसे यह उम्मीद नहीं की थी।
दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मैं पीएम मोदी प्रशंसक नहीं हूं बल्कि उनके सबसे कड़वे आलोचकों में हूं। लेकिन, मैं हर अवसर पर देश को ध्रुवीकृत करने के उनके साहस और साहसपूर्ण प्रयास की प्रशंसा करता हूं। मैं संघ / भाजपा से बिलकुल सहमत नहीं हूं लेकिन उनकी विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा करता हूं।
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