ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने घातक कोरोना वायरस के प्रसार से निपटने के लिए जरूरी आपसी अंतरराष्ट्रीय तालमेल के प्रयासों पर चर्चा करने के लिए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया. यह वायरस पिछले साल दिसंबर में चीन के वुहान शहर में पनपा था और इसने 118 देशों और क्षेत्रों में अब तक 4,600 लोगों की जान ले ली है. इससे 124330 से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं.ब्रिटिश प्रधानमंत्री के आवास और कार्यालय, डाउनिंग स्ट्रीट के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री(जॉनसन) ने आज प्रधानमंत्री मोदी से बात की. उन्होंने कोरोना वायरस के प्रसार पर चर्चा की और वायरस के प्रसार से निपटने के लिए जरूरी समन्वित अंतरराष्ट्रीय कोशिशों के महत्व पर जोर दिया. भारत ने कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने की कोशिश के तहत 15 अप्रैल तक ज्यादातर यात्रा वीजा रद्द कर दिए हैं. वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे महामारी घोषित कर दिया है.ब्रिटेन ने इसे नियंत्रण में रखने के चरण से आगे बढ़ते हुए इसके प्रसार को रोकने की तैयारियों करने की ओर कदम बढ़ाये हैं. दरअसल, इस अगले चरण का लक्ष्य गर्मियों के मौसम का इंतजार करना है. इसके लिए स्कूल एवं कॉलेज बंद रखने जैसे उपाय किये जा सकते हैं. डाउननिंग स्ट्रीट ने कहा कि दोनों नेताओं ने महामारी से निपटने के उपायों के अलावा व्यापार सहित सभी क्षेत्रों में भारत-ब्रिटेन सहयोग मजबूत करने के बारे में भी चर्चा की.प्रवक्ता ने कहा, ‘‘...प्रधानमंत्री (जॉनसन) और प्रधानमंत्री मोदी ने व्यापार, सांस्कृतिक संबंध, रक्षा और प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता जताई.’’ जलवायु परिवर्तन से पैदा हुई चुनौती सहित दूसरे विषयों पर फोन कॉल पर चर्चा हुई. जॉनसन ने नवीकरणी स्रोतों से ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए भारत की कोशिशों का स्वागत किया.डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन का मुद्दा उठाया, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए भारत द्वारा उठाये गये कदमों का स्वागत किया और पेरिस समझौते पर महत्वाकांक्षी योजना पर आगे बढ़ने का अनुरोध किया.’’
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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