भारत के स्टार मुक्केबाज एवं पूर्व एशियाई रजत पदक विजेता सुमित सांगवान पर लगे एक साल के डोपिंग प्रतिबंध को हटा दिया गया है। सोमवार को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) द्वारा हुई सुनवाई में उन्होंने साबित कर दिया कि उन्होंने अनजाने में एक प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन किया था।विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी (वाडा) 2019 निषिद्ध सूची के तहत एसिटाज़ोलमाइड जिसे प्रतिबंधित दवाओं की श्रेणी में रखा गया है, सांगवान ने उसका सेवन किया था जिसके बाद उन्हें नियम के मुताबिक दिसंबर 2019 में एक साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था।
सांगवान ने सुनवाई के बाद अपने पक्ष में फैसला आने के बाद कहा, 'मैं राहत महसूस कर रहा हूं, मेरे कंधों से बहुत बड़ा भार कम हो गया है। मुझे पता था कि मैं गलत नहीं था। मुझे खुशी है कि मैं खुद को साबित कर सका।'
हालांकि, 2012 ओलंपिक का हिस्सा रहे 27 वर्षीय मुक्केबाज इस साल के टोक्यो ओलंपिक में भाग नहीं ले पाएंगे क्योंकि बैन के बाद वे ट्रायल में शामिल होने से चूक गए थे।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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