Skip to main content

बाल कैंसर देखभाल को मिलेगी मजबूती: HBCH वाराणसी में नर्सिंग वर्कशॉप संपन्न, 95 नर्सों ने सीखे एडवांस स्किल

होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...

कोरोना वायरस शरीर को कुछ इस तरह से तबाह कर देता है


बीते साल दिसंबर में सबसे पहले चीन में कोरोना वायरस कोविड 19 के मामले सामने आए। इसके बाद ये तेजी से दुनिया भर के 140 से अधिक देशों में फैला और विश्व स्वास्थ्य संगठन को इसे महामारी घोषित करना पड़ा। कोरोना वायरस, इंसानों में कोविड 19 नाम की एक बीमारी देता है। हालांकि इसके शुरुआती लक्षण बेहद मामूली होते हैं लेकिन इससे लोगों की जान भी जा सकती है। ये वायरस किस तरह शरीर पर हमला करता है? इसका इलाज किस तरह किया जाता है और क्यों कई ऐसे लोगों की इससे मौत हुई जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा था?


वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड
आधिकारिक तौर पर पैन्डेमिक कोरोना वायरस का नाम सार्स सीओवी-2 है (Sars-CoV-2)। इन्क्यूबेशन पीरियड संक्रमण और लक्षण दिखने के बीच का वक्त होता है। ये वो वक्त होता है जब वायरस इंसान के शरीर में जम जाता है। शरीर के भीतर जाने के बाद ये वायरस इंसान के लिए सांस लेने में तकलीफ पैदा कर सकता है। इसका पहला हमला आपके गले के आसपास की कोशिकाओं पर होता है। इसके बाद सांस की नली और फेफड़ों पर हमला करता है। यहां ये एक तरह की "कोरोना वायरस फैक्ट्रियां" बनाता है। यानी यहां अपनी संख्या बढ़ाता है। नए कोरोना वायरस बाकी कोशिकाओं पर हमले में लग जाते हैं। शुरुआती दौर में आप बीमार महसूस नहीं करते। हालांकि कुछ लोगों में संक्रमण के शुरुआती वक्त से ही लक्षण दिखाई देने लगते हैं। वायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड भी लोगों में अलग-अलग हो सकता है। औसतन ये पांच दिन का होता है।


मामूली बीमारी
अधिकतर लोगों में जो लक्षण दिखाई देते हैं वो मामूली होते हैं। कहा जा सकता है कि संक्रमित लोगों में से दस में से आठ में ये लक्षण बेहद मामूली होते हैं, और ये लक्षण बुखार और खांसी होते हैं। बदन दर्द, गले में खराश और सिर दर्द भी हो सकता है। आपके शरीर का इम्युन सिस्टम वायरस से लड़ने की कोशिश करता है। आपका शरीर वायरस को एक विदेशी हमलावर की तरह देखता है और पूरे शरीर को संकेत देता है कि शरीर पर हमला हुआ है। इसके बाद वो वायरस को खत्म करने के लिए साइटोकाइन नाम का केमिकल छोड़ना शुरू करता है। शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति पूरे जोर से हमले का जवाब देने में जुट जाती है और इस कारण आपको बदन दर्द और बुखार भी हो सकता है। कोरोना वायरस के कारण होने वाली खांसी अमूमन सूखी खांसी होती है जिसमें बलगम नहीं आता। लेकिन कभी-कभी ये मामला खराश तक भी सीमित हो सकता है।


रोग प्रतिरोध वायरस
कुछ लोगों को खांसी में बलगम भी आ सकता है। ऐसे मामलों में बलगम में फेफड़ों की वो मृत कोशिशाएं भी होती हैं जो वायरस के कारण नष्ट हो जाती हैं। इस लक्षणों में अक्सर डॉक्टर आपको आराम करने, खूब सारा पानी पीने और पैरासिटामॉल लेने के लिए कहते हैं। इसके लिए अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती। ये स्थिति करीब एक सप्ताह तक रहती है। जिन लोगों का इम्युन सिस्टम वायरस से लड़ने में कामयाब होता है, उनका स्वास्थ्य एक सप्ताह के भीतर सुधरने लगता है। लेकिन कुछ मामलों में व्यक्ति का स्वास्थ्य और बिगड़ता है। कोविड 19 के गंभीर लक्षण दिखने लगते हैं। अब तक कोविड 19 के बारे में जो जानकारी सामने आई है, उससे अब तक ये पता चला है। लेकिन हाल में कुछ अध्ययन सामने आए हैं जिनका कहना है कि इस बीमारे में नाक बहने जैसे सर्दी जुकाम के लक्षण भी देखने को मिल सकते हैं।




कोविड 19 के गंभीर लक्षण
अगर बीमारी बढ़ जाए तो इसके कई कारण होते हैं। पहला यह कि हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता वायरस को खत्म करने के लिए जरूरत से अधिक काम करती है। इस दौरान जो केमिकल बनते हैं वो पूरे शरीर को संकेत देते हैं जिससे शरीर सूजने लगता है। कभी-कभी इस सूजन के कारण शरीर को गंभीर क्षति पहुंचती है। किंग्स कॉलेज लंदन की डॉक्टर नैटली मैक्डरमॉट कहती हैं, "वायरस के कारण रोग प्रतिरोधक तंत्र का संतुलन बिगड़ता है और सूजन दिखनी शुरू हो जाती है। हम अब तक ये नहीं जान पाए कि वायरस कैसे ये काम करता है।" फेफड़ों की इसी सूजन को निमोनिया कहते हैं। अगर ये वायरस आपके मुंह से होते हुए आपकी सांस की नली में प्रवेश करता है और फिर आपके फेफड़ों तक पहुंचता है तो आपके फेफड़ों को छोटे-छोटे एयरसैक बना देता है।




इंसान के फेफड़े शरीर में वो जगह हैं जहां से ऑक्सीजन शरीर में पहुंचना शुरू होता है जबकि कार्बन डाई ऑक्साइड शरीर के बाहर निकलता है। लेकिन कोरोना के बनाए छोटे-छोटे एयरसैक में पानी जमने लगता है और इस कारण आपको सांस लेने में तकलीफ होती है और आप लंबी सांस नहीं ले पाते। ऐसे स्टेज में मरीज को वेन्टिलेटर की जरूरत पड़ती है। चीन में 56,000 संक्रमित लोगों के बारे में एकत्र की गई जानकारी पर आधारित विश्व स्वास्थ्य संगठन का एक अध्ययन बताता है कि 14 फीसदी लोगों में संक्रमण के इस तरह के गंभीर लक्षण देखे गए।




बेहद गंभीर स्थिति
बताया जाता है कि छह फीसदी लोग इस वायरस के कारण बेहद गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं। इस स्टेज में इंसान का शरीर वायरस के सामने हार जाता है और गंभीर रूप से बीमार पड़ जता है। इस स्टेज पर फेफड़े का फेल होना, सेप्टिक शॉक, ऑर्गन फेल होना और मौत का जोखिम तक हो सकता है। इस स्तर पर रोग प्रतिरोधक शक्ति काबू से बाहर हो जाती है और शरीर को गंभीर क्षति पहुंचाती है। फेफड़ों में सूजन के कारण शरीर को जरूरत के मुताबिक ऑक्सिजन नहीं मिल पाता।

इसका सीधा असर किडनी पर पड़ सकता है जो खून साफ करने का काम करती है, वो काम करना बंद कर सकते हैं। साथ ही आपकी अंतड़ियां भी प्रभावित हो सकती हैं। डॉक्टर भारत पनखानिया कहते हैं, "वायरस के कारण शरीर की सूजन इतनी बढ़ जाती है शरीर के कई ऑर्गन फेल हो जाते हैं जिससे इंसान मर सकता है।" इस स्टेज पर इलाज के लिए ईसीएमओ यानी एक्स्ट्रा कॉर्पोरल मेम्ब्रेन ऑक्सिजनेशन का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें एक तरह के कृत्रिम फेफड़ों का इस्तेमाल किया जाता है जो शरीर के भीतर का खून बाहर निकाल कर उसे ऑक्सिजनेट कर के वापिस शरीर में डाल देते हैं। लेकिन पुख्ता तौर पर ये नहीं कहा जा सकता कि ये इलाज कारगर ही होगा।









Comments

POPULAR POSTS

निजी ITI संस्थानों ने उठाई 6 सूत्रीय मांग, 15 मई को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी

यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे। प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है। *प्रमुख मांगें:* 1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है। 2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है। 3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा। 4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...

एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने प्रदेश स्तरीय बैठक कर बनाई रणनीति

लखनऊ, उ०प्र० राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ (रजि०) की समस्याओं के सम्बन्ध में प्रदेश स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अतिथि के रूप में भारतीय मजदूर संघ से विभाग प्रमुख (पूर्ण कालिक संगठन मंत्री) अश्वनी शुक्ला जी, उ०प्र० राज्य कर्मचारी एशोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष व भारतीय मजदूर संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष लखनऊ हरिशरण मिश्रा जी एवं उनके प्रदेश महामंत्री महेन्द्र कुमार दीक्षित जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। बैठक की अध्यक्षता कर रहे एनएचएम संघ के प्रदेश अध्यक्ष ठा० मयंक प्रताप सिंह ने सभी उपस्थित अतिथियों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया, इस बैठक में प्रदेश के समस्त जनपदों एवं मण्डलों से आये पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। प्रदेश अध्यक्ष मयंक प्रताप सिंह ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत कार्यस्त संविदा कर्मचारियों की गम्भीर समस्याओं का प्रकाश डालते हुये आगामी समय में कर्मचारियों की मुख्य मांगों में नियमितीकरण/समान कार्य समान वेतन, वेतन बढ़ोत्तरी, जॉब सुरक्षा एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा अथवा स्वास्थ्य बीमा शामिल हैं एवं इसके साथ ही कर्मचारियों के मानदेय भुगतान में आ रही समस्याओं क...

स्वर्ण व्यवसायी को गोली मारकर लूट, सर्राफा व्यापारियों में दहशत; पुलिस पर असंवेदनशीलता का आरोप

गोंडा: जनपद के बभनान बाजार, थाना छपिया क्षेत्र में 19 अप्रैल 2026 को स्वर्ण व्यवसायी समर कसौधन को गोली मारकर आभूषण लूट की घटना से सर्राफा कारोबारियों में भय का माहौल है। घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली को लेकर व्यापारियों में भारी असंतोष है। व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन, लगाए ये आरोप सर्राफा एवं स्वर्ण व्यवसायियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर बताया कि पीड़ित समर कसौधन ने खुद बयान दिया है, जिसका वीडियो भी मौजूद है। इसके बावजूद पुलिस ने उनके भाई की तहरीर पर केस दर्ज किया, जो दबाव में लिखी लगती है। व्यापारियों ने मांग की कि मामले को छिनैती के बजाय लूट व हत्या के प्रयास की धाराओं में दर्ज किया जाए। ये हैं प्रमुख मांगें 1. पीड़ित के बयान के आधार पर लूट व हत्या के प्रयास में मुकदमा दर्ज हो। 2. समय सीमा में खुलासा कर अपराधियों की गिरफ्तारी और 100% बरामदगी हो। 3. स्वर्ण व्यवसायी क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए। 4. आत्मरक्षा के लिए स्वर्ण व्यापारियों को प्राथमिकता पर शस्त्र लाइसेंस दिए जाएं। व्यापारियों का कहना है कि घटना के बाद से माल के आवागमन में असुरक्षा महसूस हो रही है और व्य...

राजधानी लखनऊ में आयोजित हुआ उ० प्र० राज्य सेतु निगम एम्पलाइज यूनियन का द्विवार्षिक अधिवेशन एवं सम्मान समारोह

उ०प्र० राज्य सेतु निगम इम्प्लाईज यूनियन की स्थापना के 34 वर्ष पूर्ण होने तथा इम्प्लाईज यूनियन की केन्द्रीय कार्यकारिणी के 17वें द्विवार्षिक अधिवेशन / द्विवार्षिक चुनाव (2026-28) के अवसर पर यूनियन की पूर्व घोषित सूचना के अनुसार सेतु निगम मुख्यालय प्रांगण में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन यूनियन के केन्द्रीय महामंत्री श्री शिशिर गुप्ता द्वारा किया गया। उक्त आयोजन में प्रदेश स्तर के कर्मचारी नेता यथा श्री वी०पी० मिश्रा, राष्ट्रीय अध्यक्ष (इप्सेफ) एवं अध्यक्ष, उ०प्र० कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा, श्री सतीश पाण्डेय अध्यक्ष, जवाहर भवन इन्दिरा भवन कर्मचारी महासंघ, श्री अख्तर अली सिद्दीकी, अध्यक्ष चतुर्थ श्रेणी सचिवालय संघ, श्री सुरेश रावत, अध्यक्ष, उ०प्र० संयुक्त कर्मचारी परिषद, श्री शिवकुमार यादव, अध्यक्ष, लो०नि०वि० परिवहन चालक संघ, श्री मनोज कुमार मिश्रा, अध्यक्ष, उ०प्र० राज्य निगम कर्मचारी महासंघ, श्री शशि कुमार मिश्रा, महामंत्री, कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा तथा अध्यक्ष उ०प्र० स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ, श्री दिवाकर सिंह, प्रान्तीय अध्यक्ष, उ०प्र० फेडरेशन ऑ...

नारायण एजुकेशनल इंस्टिट्यूशंस, लखनऊ ने असाधारण परिणामों की घोषणा की

लखनऊ, २४ अप्रैल २०२६: नारायण एजुकेशनल इंस्टिट्यूशंस, जंकिपुरम, लखनऊ ने जेईई मेन २०२६ और सीबीएसई कक्षा १० (२०२५–२६) परीक्षाओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त कर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता की विरासत को मजबूत किया है। जेईई मेन २०२६ के परिणामों में संस्थान ने एयर ३ प्राप्त किया, साथ ही महिला एयर १, ओबीसी (एनसीएल) एयर १ और सामान्य (ईडब्ल्यूएस) एयर १ भी हासिल किया। इसके अतिरिक्त, नारायण के २७ विद्यार्थियों ने टॉप १०० में जगह बनाई और १७३ विद्यार्थी टॉप १००० में शामिल हुए, जिनमें से ७ विद्यार्थियों ने १०० प्रतिशत अंक प्राप्त किए। उत्तर प्रदेश में, २३७ छात्रों ने जेईई एडवांस्ड के लिए क्वालीफाई किया, जिनमें से १७ छात्रों ने ९९ प्रतिशत से ऊपर स्कोर किया। सीबीएसई कक्षा १० के परिणामों में १०० प्रतिशत पास प्रतिशत रहा, जिसमें १९ छात्रों ने ९० प्रतिशत से ऊपर अंक प्राप्त किए और ९ छात्रों ने आईटी में पूर्ण अंक हासिल किए। शीर्ष प्रदर्शन करने वालों में शामिल हैं: - उमिका कथ (९७.४%) - पाखी मिश्रा (९६%) - कार्तिकेय त्रिपाठी (९४.८%) इस सफलता का श्रेय संगठित शैक्षणिक योजना, अनुभवी शिक्षकों और सतत प्रदर्शन मूल्...