हिंसा का दंश झेलने के बाद मुस्तफाबाद स्थित ईदगाह के राहत कैंप में रह रहे प्रभावित बच्चों की आंखें एक बार फिर सपने देख रही हैं। पढ़ाई-लिखाई व खेलकूद के साथ-साथ अब चेहरों से खौफ की दीवारें भी गिर रही हैं। मासूम अपनी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ भविष्य की नींव मजबूत करने में जुटे हैं। कैंप में कई सामाजिक संगठनों के साथ साथ बाल आयोग भी बच्चों की जिंदगी को पटरी पर लाने में लगा हुआ है। बाल आयोग के वालंटियर वर्तिका ने बताया कि शुरू में बच्चे काफी खौफ में थे। किसी अनजान से बात करने के लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद बच्चों की काउंसलिंग कर उन्हें पढ़ाई के लिए तैयार किया गया। अभिभावकों को भी बच्चों के भीतर बने डर को खत्म करने के लिए सलाह दी जा रही है। वहीं, अभिभावकों का भी कहना है कि धीरे धीरे बच्चों के भीतर का डर खत्म हो रहा है।
कला व संगीत थेरेपी से दूर कर रहे हैं खौफ
कैंप में बच्चों का खौफ दूर करने के लिए कला व संगीत थेरेपी का इस्तेमाल किया जा रहा है। बच्चों को सकारात्मक कहानियां सुनाने के बाद उन्हें मन में आने वाले विचारों को कागज पर उकेरने के लिए कहा जा रहा है। चित्रों को देखकर बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है।
दो पाली में चल रही हैं कक्षाएं
कैंप में शिव विहार व मुस्तफाबाद इलाके के कई ऐसे बच्चे भी हैं जिनकी बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। वहीं, अन्य कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र भी कैंप में शरण लिए हुए हैं। ऐसे में यहां दो पालियों में कक्षाएं लगाई जा रही हैं। जिसमें विभिन्न कक्षाओं के छात्र पढ़ रहे हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े कई शिक्षक यहां पहुंच रहे हैं।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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