दूसरे राज्यों से दिल्ली में प्रवेश करने वाली बसों को अब रोज कीटाणु मुक्त बनाने के लिए होने वाली सफाई (कीटाणु नाशक से) का प्रमाणपत्र दिखाना अनिवार्य होगा। परिवहन विभाग ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और राजस्थान समेत सभी निकटवर्ती प्रदेशों को इस संबंध में आदेश जारी करते हुए हिदायत दी है। इससे दिल्ली में प्रवेश करने वाली बसों में सफर करने वाले यात्रियों को संक्रमण के खतरे से बचाया जा सकेगा। बगैर प्रमाण पत्र के प्रवेश करने वाली बसों की जांच के लिए विभागीय टीमें औचक निरीक्षण करेंगी। गौरतलब है कि दिल्ली में निकटवर्ती राज्यों से रोज 2500-3000 बसों का आवागमन होता है।परिवहन विभाग के विशेष आयुक्त अनिल बंका के मुताबिक, इस संबंध में दूसरे राज्यों को आदेश दे दिए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि कीटाणु नाशक से सफाई के बाद ही बसों को रवाना किया जाए।उन्हें यह भी निर्देश दिए गए हैं कि इस तरह की रोज सफाई के लिए राज्यों को प्रमाण पत्र भी देना होगा, ताकि यह सुनिश्चित हो कि बगैर सफाई कोई भी बस दिल्ली में प्रवेश नहीं कर रही है। इन बसों पर निगरानी रखने के लिए परिवहन विभाग की टीमें भी मुस्तैद कर दी गई हैं
स्कूली बसों और कैब मालिकों को भी हिदायत
परिवहन विभाग की ओर से सभी स्कूल बस संचालकों को भी हिदायत दी गई है कि कीटाणु नाशक से बसों की सफाई के बाद ही उन्हें संचालित करें। संक्रमण की आशंका न रहे, इसलिए बस संचालकों के साथ-साथ सभी वाणिज्यिक वाहन मालिकों और ऑपरेटर को भी इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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