हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर प्रसारित फेक न्यूज और नफरत भरे बयानों को हटाने को लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के पूर्व विचारक केएन गोविंदाचार्य की ओर से दायर जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने गूगल इंडिया, फेसबुक और ट्विटर से भी जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई 13 अप्रैल को तय की है।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त सोशाल मीडिया संस्थानों के नामित अधिकारियों से सोशल मीडिया से फेक न्यूज हटाने का विवरण अगली सुनवाई तक दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता ने याचिका में सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और नफरत भरे भाषणों के प्रसारित होने से बोलने की स्वतंत्रता के दुरुपयोग और भारतीय कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। याचिका में ऐसे ही संदेशों के कारण ही समाज में विभाजन और दंगे जैसे हालात पैदा होने की बात कही गई है। इसलिए सोशल मीडिया पर दंगों से जुड़ी फेक न्यूज और नफरत भरे भाषणों को हटाने के कदमों की इन कंपनियों से जानकारी मांगी जाए। अगर ऐसे संदेशों को नहीं हटाया गया तो उसका कारण भी पूछा जाए।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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