पुणे में कोरोना वायरस से जुड़ा महाराष्ट्र का पहला केस सामने आया है. इसमें पति-पत्नी कोरोना वायरस से संक्रमित बताए जा रे हैं. ये दोनों मरीज एक जनवरी को दुबई से पुणे लौटे थे. दोनों पुणे की एक ट्रेवल एजेंसी की ओर से आयोजित दुबई टूर के लिए खाड़ी देश गए थे.इन दोनों पति-पत्नी को एक जनवरी से अब तक कोई तकलीफ नहीं हुई लेकिन सोमवार सुबह उन्हें दिक्कत महसूस होने लगी. इसे देखते हुए दोनों पति-पत्नी पुणे के नायडू अस्पताल पहुंचे जहां उनका टेस्ट किया गया. दोनों के स्वाब लेकर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में टेस्ट के लिए भेजा गया. इनके सैंपल पॉजिटिव आने के बाद नायडू अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया है.स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब उन्हें अन्य 40 यात्रियों की तलाश है, जिसके बाद इन 40 लोगों पर नजर रखी जाएगी. इसी के साथ जरूरत पड़ने पर इन 40 लोगों को भी टेस्टिंग के लिए नायडू अस्पताल भर्ती किया जा सकता है.बता दें, भारत में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 47 हो गए हैं. पंजाब में COVID-19 का एक मरीज सामने आया है. पंजाब में जिस मरीज में यह संक्रमण पाया गया है, वह इटली की यात्रा कर चुका है. रविवार से अब तक कोरोना वायरस के 8 (पुणे का जोड़कर) नए मामले सामने आए हैं.केरल, दिल्ली, यूपी, पंजाब, बेंगलुरू और जम्मू से एक-एक मामले सामने आए हैं, जबकि दो पुणे से है. 41 मरीजों में COVID-19 सक्रिय पाया गया है, जिसका इलाज जारी है. 8 मार्च को ही केरल से 5 कोरोना वायरस के मामले सामने आए थे. केरल के 3 मरीजों इटली की यात्रा कर चुके हैं, वहीं 2 अन्य उन्हीं के परिवार के सदस्य हैं. लद्दाख में 2 मरीज कोरोना संक्रमित हैं. दोनों मरीज ईरान की यात्रा कर चुके हैं. तमिलनाडु से भी एक मामला सामने आया है. तमिलनाडु में जिस शख्स में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है, वह ओमान की यात्रा कर चुका है. 5 मार्च को गाजियाबाद में कोरोना वायरस का 1 मामला सामने आया था. जयपुर में 2 इटली के नागरिकों में कोरोना का संक्रमण पाया गया है, वहीं दिल्ली में 14 इटैलियन और 2 भारतीय COVID-19 से ग्रसित हैं.
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
Comments
Post a Comment