कांग्रेस ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए डीके शिवकुमार को कर्नाटक का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है. वहीं दिल्ली कांग्रेस की जिम्मेदारी पूर्व विधायक अनिल चौधरी को दी है. चौधरी के साथ पांच उपाध्यक्ष की भी नियुक्ति पार्टी ने की है, जिसमें से चार युवा हैं. कांग्रेस ने अभिषेक दत्त, जयकिशन, मुदित अग्रवाल, अली हसन और शिवाणी चोपड़ा को उपाध्यक्ष बनाया है.चौधरी पहले पटपड़गंज से विधायक रहे हैं. वह दिल्ली युवा कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. उपाध्यक्ष बनाए गए अभिषेक दत्त मौजूदा समय में पार्षद हैं और पिछले विधानसभा चुनाव में वह कस्तूरबा नगर से चुनाव लड़े थे. मुदित अग्रवाल पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जेपी अग्रवाल के बेटे हैं और अली हसन पूर्व विधायक हसन अहमद के बेटे हैं. शिवानी चोपड़ा सुभाष चोपड़ा की बेटी हैं.बता दें कि हाल ही में दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था. पार्टी 2015 की तरह ही इस बार के चुनाव में भी खाता खोलने में नाकामयाब रही. कांग्रेस के हार की जिम्मेदारी लेते हुए सुभाष चोपड़ा ने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया. अब कांग्रेस ने अनिल चौधरी को पार्टी की कमान दी है.कर्नाटक की बात करें तो शिवकुमार के साथ इश्वर खांद्रे, जमीर अहमद और सतीश जराकिहोली को वर्किंग प्रेसिडेंट बनाया गया है. डीके शिवकुमार कांग्रेस के संकटमोचक माने जाते हैं.कर्नाटक में कांग्रेस ने जब 2018 में जेडीएस के साथ मिलकर सरकार बनाई तो इसमें शिवकुमार की अहम भूमिका रही. इसके बाद कई मौकों पर नाराज विधायकों को मनाने का काम किया.
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
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