अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने मंगलवार को इराक के नए प्रधानमंत्री को समर्थन देने की बात कही। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यदि इराक के नवनियुक्त प्रधानमंत्री अदनान अल-जुर्फी मूलभूत मुद्दों पर अपनी नीतियों से अमेरिका को संतुष्ट करते हैं, तो वह उनका समर्थन करेगा। पोम्पियो ने कहा कि इराक के लोग देश की संप्रभुता को बनाए रखने के अलावा लोगों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने वाली भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चाहते हैं, जो कि उनके मानवाधिकारों की रक्षा भी करें। अगर इराक के नवनियुक्त प्रधानमंत्री इन मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं, तो उन्हें अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन मिलेगा।’ पोम्पियो ने इससे पहले रविवार को इराक के पूर्व पीएम मेंहदी से इराक में अमेरिका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना की सुरक्षा के मद्देनजर कुछ निश्चित कदम उठाने की बात कही थी। पूर्व पीएम मेंहदी ने दो माह पूर्व ही पद से इस्तीफा दे दिया था और वे सिर्फ अंतरिम तौर पर पद संभाले हुए थे। इराक में गठबंधन सेना को निशाना बनाकर हमले होते रहते हैं।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
Comments
Post a Comment