निर्भया के दोषियों की फांसी के दो दिन बचे हैं लेकिन उन लोगों ने अभी तक जेल प्रशासन को अपनी अंतिम इच्छा नहीं बताई है और न ही कोई वसीयत ही तैयार की है। डेथ वारंट जारी होने के बाद ही जेल प्रशासन दोषियों को नोटिस जारी कर अंतिम इच्छा के बारे में पूछता है। जेल प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में दोषियों से कई सवाल पूछे गए हैं, जिसमें उनकी अंतिम इच्छा के साथ-साथ अंतिम मुलाकात किससे करना चाहते हैं। उनके नाम से कोई प्रॉपर्टी या बैंक खाते में जमा कोई रकम है तो उसे किसी के नाम से ट्रांसफर करना चाहते हैं। कोई वसीयत करना चाहते हैं या फिर किसी को अपना नॉमिनी बनाना चाहते हैं। जेल अधिकारियों का कहना है कि जेल मैनुअल के मुताबिक मौत की सजा पाने वाले दोषियों से फांसी से पहले उनकी अंतिम इच्छा के बारे में पूछा जाता है और उनकी इच्छा को पूरा कराया जाता है। वहीं जेल सूत्रों का कहना है कि दोषियों ने अब तक अंतिम इच्छा के बारे में कुछ नहीं बताया है। उन लोगों ने सिर्फ अपने परिवार वालों से मुलाकात की बात कही थी। जिसमें तीन दोषियों पवन, विनय और मुकेश के परिवार वालों की उनकी अंतिम मुलाकात करवा दी गई है। अक्षय के परिवार से अभी तक कोई मिलने के लिए नहीं आया है। जेल अधिकारियों का कहना है कि बृहस्पतिवार तक अगर अक्षय के परिवार वाले आते हैं तो उनकी मुलाकात हो सकती है। जल्लाद की मौजूदगी में बुधवार तड़के साढ़े पांच बजे फांसी घर में डमी से फांसी का ट्रायल किया गया। दोषियों के वजन के बराबर तैयार किए गए डमी को फांसी पर लटकाया गया। इस दौरान वह सारी प्रक्रियाएं की गयी जिन्हें फांसी के दौरान करना है। ट्रायल में उन रस्सियों का इस्तेमाल किया गया, जिससे दोषियों को फांसी दी जानी है। जेल सूत्रों ने बताया कि ट्रायल के दौरान सबसे अहम बात यह रही कि इसमें दोषियों की जगह चार जेल कर्मचारियों को दोषियों के सेल से फांसी घर तक लाया गया ताकि पूरी प्रक्रिया के लगने वाले वक्त का आकलन किया जा सके। तिहाड़ जेल में 20 मार्च को निर्भया के चारों दोषियों विनय, मुकेश, अक्षय और पवन को फांसी दी जानी है। इसको लेकर तिहाड़ जेल प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। फांसी देने वाले जल्लाद को 17 मार्च को तिहाड़ जेल बुलाया जा चुका है। जल्लाद की मौजूदगी में तिहाड़ प्रशासन ने बुधवार की सुबह फांसी घर में डमी से ट्रायल किया।
यूपी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष 6 प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 15 मई, शुक्रवार सुबह 10 बजे प्रदेश भर के प्रशिक्षक, प्रबंधक और छात्र निदेशालय पर एकत्र होकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कौशल विकास में निजी ITI की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, लेकिन मौजूदा नीतियों से संस्थानों की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
*प्रमुख मांगें:*
1. *फीस वृद्धि तत्काल लागू हो:* हरियाणा मॉडल के अनुरूप इसी सत्र से फीस बढ़ाई जाए। बढ़ती संचालन लागत, वेतन और रखरखाव के कारण पुरानी फीस पर संचालन कठिन है।
2. *निम्स पोर्टल पर नोडल वेरिफिकेशन खत्म हो:* पैन, आधार, OTP आधारित e-KYC के बाद अतिरिक्त नोडल वेरिफिकेशन अनावश्यक और शोषणकारी है।
3. *थर्ड शिफ्ट बहाल हो:* दिन में नौकरी करने वाले हजारों छात्रों को शाम की शिफ्ट न होने से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा।
4. *PMKVY 5.0 में भागीदारी मिले:* निजी संस्थानों के पास संसाधन और अनुभवी स्टाफ होने के बावजूद योजनाओं में भागी...
Comments
Post a Comment