यस बैंक के संकट में फंसने के बाद निजी बैंकों पर उठ रही आम जनता की शक की निगाहों का असर अब राज्य सरकारों पर भी दिखने लगा है। कई राज्यों ने निजी बैंकों में चल रहे अपने खातों से पैसे निकालकर सरकारी बैंकों में जमा कराना चालू कर दिया है। हालांकि इसका असर पूरे बैंकिंग तंत्र पर पड़ने की संभावना देखकर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) इन निजी बैंकों के समर्थन में आया है और राज्य सरकारों को पत्र लिखकर घबराहट का माहौल नहीं बनाने की अपील की है।
आरबीआई ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे पत्र में निजी बैंकों में पैसा पूरी तरह सुरक्षित होने की बात कही है। आरबीआई ने कहा है कि निजी बैंकों को लेकर पैदा आशंकाएं बेतुकी हैं। राज्य सरकारों का इस तरह निजी बैंकों से पैसा निकाल लेने से बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर पर बुरा असर होगा।
केंद्रीय बैंक ने राज्य सरकारों से आग्रह किया है कि यदि उन्होंने निजी बैंकों से पैसा निकालने का फैसला लिया है या लेने जा रहे हैं तो वे इस पर दोबारा विचार करें। रिजर्व बैंक ने अपने पास निजी बैंकों के नियमन और निगरानी के पर्याप्त अधिकार होने की बात कहते हुए आश्वसत किया है कि वह इन अधिकारों के जरिये जमाकर्ताओं का पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहना सुनिश्चित कर रहा है।
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