होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की नजरबंदी तथा घाटी में राजनीतिक गतिविधियां पूरी तरह ठप होने के बीच जम्मू-कश्मीर में शीघ्र ही एक नई पार्टी अस्तित्व में आएगी।
नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की नजरबंदी तथा घाटी में राजनीतिक गतिविधियां पूरी तरह ठप होने के बीच जम्मू-कश्मीर में शीघ्र ही एक नई पार्टी अस्तित्व में आएगी। नई पार्टी में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और नेकां से नाराज पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री शामिल होंगे।
नई पार्टी को पूर्व मंत्री अल्ताफ बुखारी के नेतृत्व में शुरू किए गए तीसरे मोर्चे के गठन की कवायद का नतीजा माना जा रहा है। नेकां और पीडीपी को हाशिये पर करने के लिए पार्टी बनकर तैयार है। पार्टी का नाम 'अपनी पार्टी' होगा। यदि सब कुछ ठीक रहा तो नए दल की घोषणा अगले महीने हो सकती है। जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा दिलाना, स्थानीय लोगों की नौकरी व जमीन की सुरक्षा और बेरोजगारी आदि पार्टी का प्रमुख एजेंडा होंगे। पार्टी की घोषणा के बाद इसके नेता दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह से भी मिल सकते हैं।
नई पार्टी बनाने में जुड़े नेताओं ने बताया कि पार्टी की संविधान समिति 24-25 फरवरी के आसपास अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के बाद पार्टी का एलान कभी भी किया जा सकता है। फिलहाल, इसके पदाधिकारियों के नाम नहीं तय हो पाए हैं। कहा जा रहा है कि नई पार्टी शुरूआती दौर में सामूहिक रूप से काम करेगी। जरूरत पड़ने पर पदाधिकारी चुने जाएंगे। पार्टी में कश्मीर के नेताओं के अलावा जम्मू संभाग के नेता भी शामिल होंगे। इसमें 60 फीसदी पुराने तथा 30 प्रतिशत नए चेहरे होंगे। ब्यूरोक्रेट्स, व्यापारी, युवा, पत्रकार भी इस पार्टी का हिस्सा होंगे।
बेग भी हो सकते हैं हिस्सा
सूत्रों ने बताया कि पूर्व सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग भी पार्टी का हिस्सा हो सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो यह पीडीपी के लिए एक और बड़ा झटका होगा, क्योंकि बेग पीडीपी के संस्थापक सदस्य हैं। पिछले महीने उन्होंने सार्वजनिक मंच से कहा था कि महबूबा मुफ्ती की ओर से अनुच्छेद 370 व 35ए को लेकर दिया गया भड़काऊ बयान भी इसके हटने की एक प्रमुख वजह है।
राजनीतिक गलियारों में हो रही चर्चा
नई पार्टी के गठन को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इसके पीछे केंद्र तथा भाजपा का हाथ है। केंद्र के इशारे पर ही घाटी में नेकां तथा पीडीपी को हाशिये पर करने के लिए नई पार्टी का गठन करवाया जा रहा है। इसके लिए पीडीपी छोड़ चुके नेताओं को आगे कर दांव लगाया गया है।
नई पार्टी का नाम तय कर लिया गया है। संविधान समिति की रिपोर्ट का इंतजार है। जल्द ही नई पार्टी की घोषणा की जाएगी। 1947 के बाद जम्मू और कश्मीर दोनों संभाग के लिए नौकरी व जमीन की सुरक्षा तथा पूर्ण राज्य का दर्जा देने जैसे मुद्दे एक हैं। यह एक मौका है दोनों संभाग के लोगों को जोड़ने का। यही पार्टी का एजेंडा भी होगा।
नई पार्टी को पूर्व मंत्री अल्ताफ बुखारी के नेतृत्व में शुरू किए गए तीसरे मोर्चे के गठन की कवायद का नतीजा माना जा रहा है। नेकां और पीडीपी को हाशिये पर करने के लिए पार्टी बनकर तैयार है। पार्टी का नाम 'अपनी पार्टी' होगा। यदि सब कुछ ठीक रहा तो नए दल की घोषणा अगले महीने हो सकती है। जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा दिलाना, स्थानीय लोगों की नौकरी व जमीन की सुरक्षा और बेरोजगारी आदि पार्टी का प्रमुख एजेंडा होंगे। पार्टी की घोषणा के बाद इसके नेता दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह से भी मिल सकते हैं।
नई पार्टी बनाने में जुड़े नेताओं ने बताया कि पार्टी की संविधान समिति 24-25 फरवरी के आसपास अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के बाद पार्टी का एलान कभी भी किया जा सकता है। फिलहाल, इसके पदाधिकारियों के नाम नहीं तय हो पाए हैं। कहा जा रहा है कि नई पार्टी शुरूआती दौर में सामूहिक रूप से काम करेगी। जरूरत पड़ने पर पदाधिकारी चुने जाएंगे। पार्टी में कश्मीर के नेताओं के अलावा जम्मू संभाग के नेता भी शामिल होंगे। इसमें 60 फीसदी पुराने तथा 30 प्रतिशत नए चेहरे होंगे। ब्यूरोक्रेट्स, व्यापारी, युवा, पत्रकार भी इस पार्टी का हिस्सा होंगे।
बेग भी हो सकते हैं हिस्सा
सूत्रों ने बताया कि पूर्व सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग भी पार्टी का हिस्सा हो सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो यह पीडीपी के लिए एक और बड़ा झटका होगा, क्योंकि बेग पीडीपी के संस्थापक सदस्य हैं। पिछले महीने उन्होंने सार्वजनिक मंच से कहा था कि महबूबा मुफ्ती की ओर से अनुच्छेद 370 व 35ए को लेकर दिया गया भड़काऊ बयान भी इसके हटने की एक प्रमुख वजह है।
राजनीतिक गलियारों में हो रही चर्चा
नई पार्टी के गठन को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इसके पीछे केंद्र तथा भाजपा का हाथ है। केंद्र के इशारे पर ही घाटी में नेकां तथा पीडीपी को हाशिये पर करने के लिए नई पार्टी का गठन करवाया जा रहा है। इसके लिए पीडीपी छोड़ चुके नेताओं को आगे कर दांव लगाया गया है।
नई पार्टी का नाम तय कर लिया गया है। संविधान समिति की रिपोर्ट का इंतजार है। जल्द ही नई पार्टी की घोषणा की जाएगी। 1947 के बाद जम्मू और कश्मीर दोनों संभाग के लिए नौकरी व जमीन की सुरक्षा तथा पूर्ण राज्य का दर्जा देने जैसे मुद्दे एक हैं। यह एक मौका है दोनों संभाग के लोगों को जोड़ने का। यही पार्टी का एजेंडा भी होगा।
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