लखनऊ। डिफेंस एक्सपो परिसर में भारतीय किसान क्रांति यूनियन द्वारा आयोजित विशाल किसान महापंचायत में प्रदेशभर से 10,000 से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने किसान हितों से जुड़े मुद्दों को शासन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने, किसान परिवारों की अगली पीढ़ी को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा कृषि को आधुनिक तकनीक और निवेश से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन और शासन के बीच नियमित संवाद की आवश्यकता भी रेखांकित की। 10,000 से अधिक किसानों का महासंगम डॉ. राजेश्वर सिंह ने भारतीय किसान क्रांति यूनियन की संगठनात्मक सक्रियता और किसान हितों के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में किसानों का एक मंच पर एकत्र होना उनकी एकजुटता और जागरूकता का परिचायक है। किसान संगठनों की भूमिका केवल समस्याएँ उठाने तक सीमित नहीं, बल्कि उनके समाधान के लिए निरंतर संवाद और प्रभावी पैरवी करना भी है। उन्होंने किसान प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उनकी जायज मांगों को संबंधित विभागों और शासन के समक्ष मजबू...
पंजाब कांग्रेस में उपेक्षित महसूस कर रहे और लंबे समय से राजनीतिक बयानबाजी से दूर नवजोत सिंह सिद्धू फिर अपनी उपयोगिता साबित करना चाहते हैं। सिद्धू के इस काम में फिर पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अहम भूमिका निभा रही हैं और उनकी पैरोकार बनी हैं। पंजाब में वरिष्ठ नेताओं के इनकार के बाद प्रियंका ने उनके कांग्रेस में आने का रास्ता साफ किया था।
सिद्धू को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से समय दिलाने और मिलवाने में भी प्रियंका ही सूत्रधार हैं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से सीधे टकराव और मंत्री पद छोड़ने के बाद सिद्धू पंजाब कांग्रेस में खुद को साबित करना चाहते हैं। सूत्रों ने बताया कि सिद्धू संगठन के काम में भी भूमिका निभाने को तैयार हैं।
जबकि केंद्रीय नेतृत्व उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी देने को तैयार है। पहले भी कैप्टन से खींचतान के बाद सिद्धू को राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में जोड़ने का विकल्प दिया गया था, लेकिन उन्होंने अस्वीकार कर दिया था। उम्मीद है कि राष्ट्रीय स्तर पर होने जा रहे फेरबदल में सिद्धू अहम भूमिका में दिखाई दें।
जबकि केंद्रीय नेतृत्व उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी देने को तैयार है। पहले भी कैप्टन से खींचतान के बाद सिद्धू को राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में जोड़ने का विकल्प दिया गया था, लेकिन उन्होंने अस्वीकार कर दिया था। उम्मीद है कि राष्ट्रीय स्तर पर होने जा रहे फेरबदल में सिद्धू अहम भूमिका में दिखाई दें।
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