होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र (HBCH & MPMMCC), वाराणसी में कैनकिड्स किड्सकैन तथा एक्सिस बैंक के सहयोग से पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी नर्सेज़ वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बाल कैंसर रोगियों की देखभाल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावहारिक दक्षता को सुदृढ़ बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अमिता महेश्वरी, निदेशक, HBCH एवं MPMMCC के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम में डॉ. बी.के. मिश्रा, उप निदेशक, डॉ. शशिकांत पाटने, डीन अकादमिक्स, डॉ. राघवेश रंजन, प्रभारी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी विभाग, तथा डॉ. सौमित्र साहा, प्रोफेसर, पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। कार्यशाला का शुभारम्भ पंजीकरण एवं प्री-टेस्ट के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. योगिता भाटिया ने कैनकिड्स किड्सकैन की गतिविधियों एवं बाल कैंसर देखभाल में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल कैंसर की पहचान एवं उपचार, न्यूट्रोपेनिक फीवर का प्रबंधन, पोषण संबंधी देखभाल, रक्त एवं...
पंजाब कांग्रेस में उपेक्षित महसूस कर रहे और लंबे समय से राजनीतिक बयानबाजी से दूर नवजोत सिंह सिद्धू फिर अपनी उपयोगिता साबित करना चाहते हैं। सिद्धू के इस काम में फिर पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अहम भूमिका निभा रही हैं और उनकी पैरोकार बनी हैं। पंजाब में वरिष्ठ नेताओं के इनकार के बाद प्रियंका ने उनके कांग्रेस में आने का रास्ता साफ किया था।
सिद्धू को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से समय दिलाने और मिलवाने में भी प्रियंका ही सूत्रधार हैं। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से सीधे टकराव और मंत्री पद छोड़ने के बाद सिद्धू पंजाब कांग्रेस में खुद को साबित करना चाहते हैं। सूत्रों ने बताया कि सिद्धू संगठन के काम में भी भूमिका निभाने को तैयार हैं।
जबकि केंद्रीय नेतृत्व उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी देने को तैयार है। पहले भी कैप्टन से खींचतान के बाद सिद्धू को राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में जोड़ने का विकल्प दिया गया था, लेकिन उन्होंने अस्वीकार कर दिया था। उम्मीद है कि राष्ट्रीय स्तर पर होने जा रहे फेरबदल में सिद्धू अहम भूमिका में दिखाई दें।
जबकि केंद्रीय नेतृत्व उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी देने को तैयार है। पहले भी कैप्टन से खींचतान के बाद सिद्धू को राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में जोड़ने का विकल्प दिया गया था, लेकिन उन्होंने अस्वीकार कर दिया था। उम्मीद है कि राष्ट्रीय स्तर पर होने जा रहे फेरबदल में सिद्धू अहम भूमिका में दिखाई दें।
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